22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओडिशा विधानसभा मानसून सत्र: MMDR अधिनियम और पाठ्यपुस्तक त्रुटि पर विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओडिशा विधानसभा मानसून सत्र: MMDR अधिनियम और पाठ्यपुस्तक त्रुटि पर विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित

सारांश

ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र पहले ही दिन हंगामेदार रहा — BJD ने पाठ्यपुस्तक त्रुटि पर मंत्री का इस्तीफा माँगा, तो कांग्रेस ने MMDR अधिनियम रद्द करने की आवाज़ उठाई। सदन दोपहर तक स्थगित करना पड़ा। माझी सरकार के लिए यह सत्र दोहरे मोर्चे की चुनौती है।

मुख्य बातें

ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र 22 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर में विपक्ष के भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ।
कांग्रेस ने MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 को तत्काल निरस्त करने और राज्य को हुए कथित वित्तीय नुकसान का ब्यौरा देने की माँग की।
BJD ने स्कूल पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों पर स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की माँग की।
अध्यक्ष सुरमा पाधी को सदन दोपहर 1:10 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शोक प्रस्ताव से हुई, जिसमें छह पूर्व विधायकों और नेपाल त्रासदी के 1,000+ पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई।
BJD की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने कहा — नई पाठ्यपुस्तकों पर खर्च अतिरिक्त राशि की वसूली और मंत्री के इस्तीफे के बाद ही विरोध समाप्त होगा।

ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र 22 सितंबर 2026 को भुवनेश्वर में विपक्षी दलों के भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ, जब बीजू जनता दल (BJD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के विधायकों ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 (MMDR) और स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गंभीर त्रुटियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। अध्यक्ष सुरमा पाधी को सदन को दोपहर 1:10 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

सत्र की शुरुआत: शोक प्रस्ताव से हुई कार्यवाही

सदन की कार्यवाही की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा पेश शोक प्रस्ताव से हुई, जिसमें हाल ही में दिवंगत छह पूर्व विधायकों तथा नेपाल में हुई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले 1,000 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। विपक्ष के नेता एवं BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक, कांग्रेस विधानमंडल दल (CLP) के नेता राम चंद्र कदम तथा सीपीआई-एम के प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। सदन ने एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य घटनाक्रम: हंगामे की वजह

प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी विधायक बैनर और तख्तियां लेकर अध्यक्ष के मंच के निकट आ गए और सरकार-विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायक MMDR संशोधन अधिनियम को तत्काल रद्द करने की माँग पर अड़े रहे, जबकि BJD विधायकों ने स्कूल पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग की।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से बहस जारी है और नई पाठ्यपुस्तकों पर सार्वजनिक खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अध्यक्ष सुरमा पाधी ने प्रदर्शनकारी सदस्यों से सीटों पर लौटने की बार-बार अपील की, लेकिन स्थिति काबू में न आने पर सदन को स्थगित करना पड़ा।

विपक्ष की माँगें: पाठ्यपुस्तक और MMDR, दोनों मोर्चे

BJD की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पिछले छह महीनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया और अब विधानसभा सत्र से ठीक पहले कुछ क्षेत्रों में संशोधित पाठ्यपुस्तकें बाँटने का दिखावा किया जा रहा है।

मल्लिक ने स्पष्ट किया: 'हमने अपनी माँग रख दी है — यदि राज्य सरकार मान लेती है तो हम सदन चलने देंगे। मंत्री नित्यानंद गोंड को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने के लिए इस्तीफा देना होगा। जब तक सरकार नई पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन पर सरकारी खजाने से खर्च की गई अतिरिक्त राशि की वसूली सुनिश्चित नहीं करती, हम विरोध जारी रखेंगे।'

BJD नेता बाद में पार्टी के छात्र एवं युवा संगठनों के सदस्यों के उस विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए जो पाठ्यपुस्तक त्रुटियों और मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर आयोजित किया गया था।

MMDR अधिनियम पर कांग्रेस का हमला

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने हाल ही में पारित MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 के कारण राज्य को हुए कथित वित्तीय नुकसान का मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि यह केंद्रीय कानून ओडिशा के खनिज राजस्व और स्थानीय समुदायों के हितों को नुकसान पहुँचाता है। गौरतलब है कि ओडिशा खनिज-समृद्ध राज्य है और इस अधिनियम का प्रभाव राज्य के राजस्व पर सीधे पड़ता है।

आगे क्या होगा

सत्र के शेष दिनों में दोनों मुद्दों — MMDR अधिनियम और पाठ्यपुस्तक विवाद — पर गर्मागर्म बहस जारी रहने की संभावना है। सरकार पर दबाव है कि वह मंत्री के भविष्य पर स्पष्टीकरण दे और खनन कानून के राज्य-स्तरीय प्रभावों का ब्यौरा सदन के समक्ष रखे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह सत्र मुख्यमंत्री माझी सरकार के लिए विपक्ष के तीखे सवालों से निपटने की परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस आर्थिक आयाम को नज़रअंदाज़ करती है। असली परीक्षा यह है कि सरकार हंगामे को शांत करने के लिए ठोस जवाब देती है या केवल सत्र निपटाने की कोशिश करती है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा विधानसभा मानसून सत्र 2026 में हंगामा किस कारण हुआ?
22 सितंबर 2026 को मानसून सत्र के पहले दिन BJD ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की और कांग्रेस ने MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 को तत्काल निरस्त करने की माँग उठाई। दोनों विपक्षी दलों के विधायकों ने अध्यक्ष के मंच के पास नारेबाजी की, जिससे सदन स्थगित करना पड़ा।
MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 से ओडिशा को क्या आपत्ति है?
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास के अनुसार, हाल ही में पारित MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 के कारण राज्य को कथित वित्तीय नुकसान हुआ है। ओडिशा खनिज-समृद्ध राज्य है, इसलिए खनन नियमों में केंद्रीय बदलाव का सीधा असर राज्य के राजस्व पर पड़ता है।
ओडिशा में पाठ्यपुस्तक विवाद क्या है और BJD क्या माँग कर रहा है?
BJD का आरोप है कि स्कूल की नई पाठ्यपुस्तकों में गंभीर त्रुटियाँ हैं और सरकार ने पिछले छह महीनों में इसे सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। BJD स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड का इस्तीफा और नई पाठ्यपुस्तकों पर खर्च की गई अतिरिक्त सरकारी राशि की वसूली माँग रहा है।
मानसून सत्र की शुरुआत किस प्रस्ताव से हुई?
सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा पेश शोक प्रस्ताव से हुई, जिसमें हाल ही में दिवंगत छह पूर्व विधायकों और नेपाल में त्रासदी में जान गंवाने वाले 1,000 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। सदन ने एक मिनट का मौन रखा।
ओडिशा सत्र में हंगामे के बाद आगे क्या होने की संभावना है?
सत्र के शेष दिनों में MMDR अधिनियम और पाठ्यपुस्तक विवाद दोनों पर बहस जारी रहने की संभावना है। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि मंत्री के इस्तीफे और सरकारी धन की वसूली की माँग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। माझी सरकार पर इन दोनों मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने का दबाव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले