ओडिशा: 4 साल की बच्ची की हत्या के मामले में एक व्यक्ति को मिली मौत की सजा

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ओडिशा: 4 साल की बच्ची की हत्या के मामले में एक व्यक्ति को मिली मौत की सजा

सारांश

ओडिशा के अंगुल जिले में एक अदालत ने एक व्यक्ति को चार साल की बच्ची की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई है। यह मामला नाबालिग के साथ हुए यौन हमले से जुड़ा है, जो समाज में एक गंभीर विषय बन गया है।

Key Takeaways

  • बच्ची की हत्या से जुड़ा मामला ओडिशा के अंगुल जिले में हुआ।
  • आरोपी को गंभीर अपराधों की वजह से मौत की सजा मिली।
  • अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर निर्णय दिया।
  • पीड़िता के परिवार को मुआवजे का आदेश दिया गया।
  • यह मामला समाज में सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाता है।

भुवनेश्वर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के अंगुल जिले के एक न्यायालय ने 40 वर्षीय एक व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई है। उस पर 2025 में निशा इंडस्ट्रियल पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 4 साल 10 महीने की एक बच्ची की बर्बर हत्या का आरोप था, जिसे यौन हमले के बाद अंजाम दिया गया।

दोषी, बाबुल जेना (40), अंगुल जिले के जरपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत जेरेंग गांव के देहुरी साही का निवासी है।

विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2), 103(1), 65(2), और 238(ए) एवं पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत अपराधी करार दिया।

अंगुल पुलिस ने शुक्रवार को बताया, "13 मार्च 2025 को नाबालिग बच्ची अपने घर के सामने खेलते समय लापता हो गई। परिवार और पड़ोसियों के प्रयासों के बावजूद उसका कुछ पता नहीं चला। उसके पिता ने 14 मार्च 2025 को इंडस्ट्रियल पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दुखद रूप से, बच्ची का शव 15 मार्च 2025 को उसके घर के पास एक महुआ के पेड़ के नीचे मिला।"

शव मिलने के बाद बच्ची को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में गर्दन दबने से मौत की पुष्टि हुई, और जांच में यौन हमले के संकेत मिले।

स्थानीय लोगों को बाबुल की संदिग्ध गतिविधियों पर संदेह था, क्योंकि वह उस समय मौजूद था जब बच्ची खेल रही थी, और उसके लापता होने का समय भी लगभग वही था।

बाबुल जेना की पहचान होने के बाद, उसे 17 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया गया। वह 18 मार्च 2025 को अदालत में पेश हुआ। पुलिस की जांच में पता चला कि बाबुल ने नाबालिग को अगवा करने के बाद अपने घर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी तथा शव को गांव के पास फेंक दिया।

अदालत ने गवाहों के बयानों, चिकित्सा और वैज्ञानिक रिपोर्टों सहित सभी सबूतों की जांच के बाद आरोपी को दोषी ठहराया और शुक्रवार को अपना निर्णय सुनाया।

अदालत ने अंगुल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता के माता-पिता को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने के निर्देश भी दिए। इस सुनवाई के दौरान, दिलीप कुमार दास अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक के रूप में उपस्थित रहे।

Point of View

वह अपराध के चरम रूप को दर्शाती है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिले ताकि समाज में सुरक्षा का माहौल बने।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

इस मामले में आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया था?
आरोपी बाबुल जेना को 17 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया गया था।
क्या अदालत ने पीड़िता के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है?
हाँ, अदालत ने पीड़िता के माता-पिता को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह मामला कब हुआ था?
यह मामला 2025 में घटित हुआ था।
आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं लगी थीं?
आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2), 103(1), 65(2), और 238(ए) तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आरोप लगे थे।
बच्ची का शव कब मिला था?
बच्ची का शव 15 मार्च 2025 को मिला था।
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