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ऑपरेशन दहन: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नष्ट किए ₹18.88 करोड़ के मादक पदार्थ, 2918 किलो गांजा शामिल

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ऑपरेशन दहन: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नष्ट किए ₹18.88 करोड़ के मादक पदार्थ, 2918 किलो गांजा शामिल

सारांश

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 'ऑपरेशन दहन' के तहत ₹18.88 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट किए — जिनमें 2,918 किलो गांजा और हेरोइन शामिल। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई नशे के खिलाफ जारी अभियान की सबसे बड़ी कड़ी है।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 23 जून 2026 को 'ऑपरेशन दहन' के तहत जब्त मादक पदार्थों का विधिवत विनिष्टीकरण किया।
नष्ट किए गए पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹18 करोड़ 88 लाख 50 हज़ार 750 रुपये आंकी गई।
विनिष्टीकरण में 2,918.67 किलोग्राम गांजा , 18.805 किलोग्राम चरस , 30.4 किलोग्राम डोडा , 120 ग्राम एमडीएमए , 1.77 किलोग्राम ड्रग्स गोलियाँ और 1.12 किलोग्राम हेरोइन शामिल थी।
पूरी प्रक्रिया न्यायालय की अनुमति और एक विशेष समिति की निगरानी में एनडीपीएस अधिनियम के तहत संपन्न हुई।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में यह अभियान नशे की तस्करी के विरुद्ध व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने मंगलवार, 23 जून 2026 को 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ₹18 करोड़ 88 लाख 50 हज़ार 750 रुपये मूल्य के जब्त मादक पदार्थों का विधिवत विनिष्टीकरण किया। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के सीधे निर्देशन में, न्यायालय की अनुमति प्राप्त करने के बाद, निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की गई।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों का विवरण

ऑपरेशन दहन के तहत कमिश्नरेट के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत बरामद किए गए मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इनमें 2,918.67 किलोग्राम गांजा, 18.805 किलोग्राम चरस, 30.4 किलोग्राम डोडा, 120 ग्राम एमडीएमए, 1.77 किलोग्राम ड्रग्स गोलियाँ तथा 1.12 किलोग्राम हेरोइन शामिल थी। पुलिस के अनुसार, इन सभी पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹18.88 करोड़ से अधिक आंकी गई है।

विशेष समिति की निगरानी में हुई प्रक्रिया

पुलिस कमिश्नरेट ने बताया कि जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित और पारदर्शी विनिष्टीकरण के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था। इस समिति की निगरानी में पूरी प्रक्रिया को कानूनी तरीके से पूरा किया गया, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता की संभावना न रहे। यह कदम नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में उठाया गया है।

सामाजिक संदेश और युवाओं पर असर

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह विनिष्टीकरण महज एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने की दिशा में एक ठोस पहल है। उनका मानना है कि इससे युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अपराधियों को भी यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि गौतमबुद्धनगर पुलिस उनके विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

जनता से अपील

पुलिस कमिश्नरेट ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशे के विरुद्ध इस सामाजिक अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी करें। यदि किसी को मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल स्थानीय पुलिस थाने अथवा डायल-112 पर सूचना दें। गौरतलब है कि यह अभियान क्षेत्र में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये पदार्थ क्षेत्र में पहुँचे कैसे। 2,918 किलो गांजा जैसी बड़ी खेप बिना किसी आपूर्ति श्रृंखला के नहीं आती — तस्करी नेटवर्क की जड़ें काटना जब्ती और विनिष्टीकरण से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण काम है। न्यायालय की अनुमति और विशेष समिति की निगरानी प्रक्रियागत पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, लेकिन जब तक गिरफ्तार तस्करों पर दोषसिद्धि दर सार्वजनिक नहीं होती, इस कार्रवाई का दीर्घकालिक प्रभाव आँकना कठिन है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 जून 2026 को कितने मूल्य के और कौन-से मादक पदार्थ नष्ट किए गए?
23 जून 2026 को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ₹18 करोड़ 88 लाख 50 हज़ार 750 रुपये अनुमानित मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट किए। इनमें 2,918.67 किलोग्राम गांजा, 18.805 किलोग्राम चरस, 30.4 किलोग्राम डोडा, 120 ग्राम एमडीएमए, 1.77 किलोग्राम ड्रग्स गोलियाँ और 1.12 किलोग्राम हेरोइन शामिल थी।
विनिष्टीकरण की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई?
पूरी प्रक्रिया न्यायालय की अनुमति के बाद एक विशेष समिति की निगरानी में एनडीपीएस अधिनियम के निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की गई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में यह प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।
नोएडा में नशे की तस्करी की जानकारी कहाँ दें?
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री या किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस थाने अथवा डायल-112 पर दी जाए। पुलिस ने नागरिकों से इस सामाजिक अभियान में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है।
इस कार्रवाई से युवाओं और समाज पर क्या असर पड़ेगा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह विनिष्टीकरण युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और समाज में जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा। साथ ही, तस्करी नेटवर्क को यह स्पष्ट संदेश मिलेगा कि गौतमबुद्धनगर पुलिस उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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