अमेठी पुलिस ने ₹2.5 करोड़ के 213 किलो मादक पदार्थ नष्ट किए, 29 मुकदमों का हिस्सा थे ड्रग्स

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अमेठी पुलिस ने ₹2.5 करोड़ के 213 किलो मादक पदार्थ नष्ट किए, 29 मुकदमों का हिस्सा थे ड्रग्स

सारांश

अमेठी पुलिस ने ऑपरेशन दहन के तहत ₹2.5 करोड़ के 213 किलो से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए — 29 मुकदमों का यह सामान सुलतानपुर के इन्सिनेटर प्लांट में जलाया गया। गांजा, हेरोइन और स्मैक समेत कई खतरनाक ड्रग्स शामिल थीं।

मुख्य बातें

अमेठी पुलिस ने गुरुवार, 22 मई को ₹2.5 करोड़ अनुमानित मूल्य के 212.984 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए।
यह कार्रवाई 29 आपराधिक मुकदमों से संबंधित जब्त ड्रग्स के विनिष्टीकरण के रूप में हुई।
नष्ट किए गए पदार्थों में गांजा, स्मैक, हेरोइन, डोडा-पोस्ता और डायजेपाम शामिल थे।
निस्तारण सुलतानपुर स्थित इन्सिनेटर प्लांट में ऑपरेशन दहन के तहत किया गया।
पुलिस अधीक्षक सरवणन टी.
के निर्देशन में जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न की।

अमेठी पुलिस ने गुरुवार को ऑपरेशन दहन के तहत ₹2.5 करोड़ अनुमानित मूल्य के 212.984 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 29 आपराधिक मुकदमों से संबंधित यह नशीला सामान सुलतानपुर स्थित इन्सिनेटर प्लांट में मानक प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन दहन का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. के निर्देशन में जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने यह विनिष्टीकरण अभियान चलाया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह भी मौजूद रहे। न्यायालय के आदेश का पूर्ण अनुपालन करते हुए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों में गांजा, स्मैक, हेरोइन, डोडा-पोस्ता और डायजेपाम जैसी खतरनाक नशीली दवाएँ शामिल थीं। पुलिस के अनुसार इन सभी की कुल अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹2.5 करोड़ है।

अधिकारियों का बयान

अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह ने बताया, 'गुरुवार को जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 29 मुकदमों से संबंधित करीब 213 किलोग्राम मादक पदार्थों का नियमानुसार निस्तारण किया गया। इसमें गांजा, डोडा, स्मैक और हेरोइन प्रमुख रूप से शामिल थे।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार अभियान जारी हैं।

ऑपरेशन दहन की पृष्ठभूमि

यह अभियान उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन दहन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेशभर में जब्त मादक पदार्थों का विधिसम्मत निस्तारण और ड्रग माफिया के नेटवर्क को तोड़ना है। गौरतलब है कि पिछले कई महीनों में अमेठी जिले में ड्रग्स की तस्करी और आपूर्ति श्रृंखला पर कई बड़ी कार्रवाइयाँ की गई हैं, जिनमें कई आरोपी गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह के विनिष्टीकरण अभियान न केवल जब्त स्टॉक को स्थायी रूप से समाप्त करते हैं, बल्कि ड्रग माफियाओं को यह स्पष्ट संदेश भी देते हैं कि कानून-व्यवस्था तंत्र सक्रिय और सतर्क है।

युवाओं पर असर और जागरूकता

अमेठी पुलिस ने स्थानीय स्तर पर नशे की रोकथाम के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए हैं, जिनमें स्कूल-कॉलेजों के छात्रों और उनके अभिभावकों को शामिल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की लत से बचाना और माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करना इस अभियान की प्राथमिकता है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ड्रग्स से जुड़े सभी मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। ऑपरेशन दहन के तहत आने वाले समय में और भी जिलों में इसी तरह के विनिष्टीकरण अभियान चलाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या आपूर्ति श्रृंखला के सूत्रधारों — तस्करों और वित्तपोषकों — तक कार्रवाई पहुँच रही है। अमेठी जैसे जिलों में ड्रग्स की पुनः आपूर्ति की दर और गिरफ्तार आरोपियों में सजायाफ्ता लोगों का अनुपात ही इस अभियान की वास्तविक सफलता का पैमाना होगा। जन जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत सकारात्मक है, पर इनकी निरंतरता और मापनीय परिणाम सुनिश्चित करना ज़रूरी है।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेठी पुलिस ने कितने मादक पदार्थ नष्ट किए और उनकी कीमत क्या थी?
अमेठी पुलिस ने 212.984 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹2.5 करोड़ बताई गई है। ये ड्रग्स जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 29 मुकदमों से संबंधित थीं।
अमेठी में कौन-कौन से मादक पदार्थ नष्ट किए गए?
नष्ट किए गए पदार्थों में गांजा, स्मैक, हेरोइन, डोडा-पोस्ता और डायजेपाम शामिल थे। ये सभी अत्यंत खतरनाक और नशे की लत लगाने वाले पदार्थ हैं।
मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण कहाँ और कैसे किया गया?
विनिष्टीकरण सुलतानपुर स्थित इन्सिनेटर प्लांट में मानक प्रक्रिया के तहत किया गया। न्यायालय के आदेश का पूर्ण अनुपालन करते हुए जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की देखरेख में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
अमेठी पुलिस युवाओं को नशे से बचाने के लिए क्या कर रही है?
अमेठी पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जन जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें स्कूल-कॉलेजों के छात्रों और अभिभावकों को शामिल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स से जुड़े सभी मामलों में भविष्य में भी त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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