दिल्ली पुलिस ने ₹897 करोड़ के 1,452 किलो मादक पदार्थ नष्ट किए, कुल जब्ती ₹14,799 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को ₹897 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मूल्य वाले 1,452 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया। इस कार्रवाई के साथ ही 'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत अब तक जब्त और नष्ट किए गए मादक पदार्थों की कुल मात्रा 49,663 किलोग्राम हो गई है, जिसका अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कुल मूल्य ₹14,799 करोड़ आँका गया है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 1,010 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन, 135 किलोग्राम हेरोइन, 62 किलोग्राम चरस, 37 किलोग्राम गांजा, 16 किलोग्राम मेथक्वालोन, 91 किलोग्राम अफीम का भूसा, 70 किलोग्राम फिनियल प्रोपोनोन, 15 लाख से अधिक ट्रामाडोल टैबलेट, 36,000 से अधिक कोडीन सिरप की बोतलें और अन्य मनोरोगी पदार्थ शामिल थे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'नशा मुक्त' भारत को राष्ट्रीय लक्ष्य घोषित किए जाने और गृह मंत्री अमित शाह तथा दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू द्वारा प्रतिपादित 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत संचालित किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिक्रिया
दिल्ली अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त (आईपीएस) एचजीएस धालीवाल ने कहा कि यह आयोजन केवल जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट करने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य उस तंत्र को जड़ से उखाड़ना है जो युवाओं को खतरे में डालता है, परिवारों को कमज़ोर करता है और समाज के भविष्य को नुकसान पहुँचाता है। उनके अनुसार दिल्ली पुलिस राजधानी में नशे के खिलाफ अथक और निरंतर कार्रवाई जारी रखेगी।
तीन वर्षों की कार्रवाई का लेखा-जोखा
पिछले तीन वर्षों में इस अभियान के तहत कई चरणों में मादक पदार्थ नष्ट किए गए हैं। 21 दिसंबर 2022 को लगभग 2,888 किलोग्राम, 26 जून 2023 को लगभग 15,700 किलोग्राम, 20 फरवरी 2024 को लगभग 10,631 किलोग्राम, 17 दिसंबर 2024 को लगभग 10,601 किलोग्राम, 24 जनवरी 2025 को लगभग 1,575 किलोग्राम, 3 अप्रैल 2025 को लगभग 1,624 किलोग्राम, 26 जून 2025 को लगभग 1,629 किलोग्राम, 29 सितंबर 2025 को लगभग 1,847 किलोग्राम और 12 मई 2026 को लगभग 1,697 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए। इन सभी चरणों को मिलाकर नष्ट की गई ड्रग्स का कुल वजन लगभग 48,211 किलोग्राम रहा, जिसका अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मूल्य लगभग ₹13,902 करोड़ आँका गया है।
आम जनता पर असर
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब नई दिल्ली सहित देश के कई महानगरों में युवाओं में नशे की लत की बढ़ती समस्या चिंता का विषय बनी हुई है। मेथम्फेटामाइन और हेरोइन जैसे कठोर मादक पदार्थों की बड़ी मात्रा का नष्ट किया जाना यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क राजधानी को एक प्रमुख पारगमन बिंदु के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
आगे की राह
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नशे की तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने तक कार्रवाई रुकेगी नहीं। गौरतलब है कि यह नौवीं बड़ी नष्टीकरण कार्रवाई है, जो दर्शाती है कि जब्ती का पैमाना और निरंतरता दोनों बढ़ रहे हैं।