ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: एयर मार्शल भारती बोले — उद्देश्य स्पष्ट था, सेनाओं को मिली पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता

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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: एयर मार्शल भारती बोले — उद्देश्य स्पष्ट था, सेनाओं को मिली पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती का बयान सिर्फ स्मरण नहीं था — यह भारत की बदली हुई सैन्य नीति का सार्वजनिक घोषणापत्र था। स्पष्ट उद्देश्य, पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता और पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम के अनुरोध की स्वीकृति — यह तीनों मिलकर बताते हैं कि भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध अपनी प्रतिक्रिया का नया अध्याय लिख दिया है।

मुख्य बातें

एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बयान दिया।
अभियान में सेनाओं को पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी गई थी; सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों की कमेटी ने हर निर्णय सावधानीपूर्वक लिया।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद यह अभियान शुरू किया गया था।
अभियान का लक्ष्य पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी ढाँचे को नष्ट करना था।
भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का अनुरोध किया, जिसे भारत ने स्वीकार किया।
एयर मार्शल ने अंतरिक्ष, मानव रहित प्रणालियों और साइबर क्षमताओं में अधिक निवेश की आवश्यकता बताई।

भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर 7 मई 2026 को कहा कि इस अभियान में प्रवेश करते समय निर्देश बिल्कुल स्पष्ट थे — उद्देश्य पूरी तरह तय था और सशस्त्र सेनाओं को पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता प्रदान की गई थी। उन्होंने कहा कि यह अभियान पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर तथा पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकवादी ढाँचे को नष्ट करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था और यह एक निर्णायक, संतुलित प्रतिक्रिया थी जिसने आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को निशाना बनाया।

पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक

एयर मार्शल भारती ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला ऐसी घटना थी जिसकी न कोई निंदा पर्याप्त हो सकती है और न कोई अस्वीकृति। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

केवल विराम पर। यह शब्दावली स्वयं में एक कूटनीतिक संदेश है। पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम के अनुरोध को स्वीकार करने के निर्णय को 'झुकना नहीं' बताना भारत की उस आंतरिक बहस को दर्शाता है जो अब भी जारी है — कि क्या सभी घोषित उद्देश्य पूरे हुए। 'जॉइंटनेस' और एकीकृत कमांड की सफलता के दावे सराहनीय हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या पाकिस्तान में आतंकी ढाँचा वास्तव में कमज़ोर हुआ या केवल स्थानांतरित। स्वदेशी तकनीक और साइबर-अंतरिक्ष निवेश की माँग स्वागत योग्य है, परंतु इसके लिए बजट आवंटन और समयसीमा की पारदर्शिता अभी भी अपेक्षित है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या था और इसे क्यों शुरू किया गया?
ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकवादी ढाँचे को नष्ट करने के लिए चलाया गया सैन्य अभियान था। यह 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें निर्दोष नागरिकों की हत्या की गई थी।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना की क्या भूमिका रही?
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती के अनुसार, वायु शक्ति इस अभियान का केंद्रीय आयाम रही और इसने पहली प्रतिक्रिया शक्ति के रूप में काम किया। भारतीय वायुसेना ने प्रिसीजन टार्गेटिंग और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध के ज़रिए लक्ष्यों को सटीकता से भेदा, और एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली इसका महत्वपूर्ण सक्षम तत्व रही।
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में संघर्ष विराम पर सहमति क्यों दी?
एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट किया कि भारत ने अपने सभी उद्देश्य प्राप्त कर लिए थे और मिशन पूरा हो चुका था। जब पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ और उसने संघर्ष विराम का अनुरोध किया, तब भारत ने अभियान को विराम दिया — लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह झुकना नहीं था, बल्कि संदेश पहुँचाना था कि किसी भी दुस्साहस का जवाब दिया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर से भारतीय सेनाओं को क्या सबक मिले?
एयर मार्शल भारती के अनुसार तीन प्रमुख सबक मिले: पहला, वायु शक्ति की सर्वोच्च भूमिका की पुनः स्थापना; दूसरा, 'जॉइंटनेस' और समग्र राष्ट्रीय दृष्टिकोण का महत्व; और तीसरा, अंतरिक्ष, मानव रहित प्रणालियों और साइबर क्षमताओं में अधिक निवेश की आवश्यकता।
मिशन सुदर्शन चक्र क्या है जिसका एयर मार्शल भारती ने उल्लेख किया?
एयर मार्शल भारती ने मिशन सुदर्शन चक्र का उल्लेख करते हुए बताया कि वे स्वयं इसके सक्रिय सहभागी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मिशन की एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली की सफलता को आगे बढ़ाते हुए देश को और मज़बूत क्षमता प्रदान करने की दिशा में कार्य जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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