4 सितंबर 2026
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बलूचिस्तान के जेहरी में पाक सेना पर 25 नागरिकों को जबरन गायब करने और ड्रोन हमले में महिला की हत्या का आरोप

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बलूचिस्तान के जेहरी में पाक सेना पर 25 नागरिकों को जबरन गायब करने और ड्रोन हमले में महिला की हत्या का आरोप

सारांश

बलूचिस्तान के जेहरी में पाक सेना के कथित ड्रोन हमले में एक महिला की जान गई और 25 नागरिकों को जबरन गायब किया गया। संचार ब्लैकआउट के बीच BVJ ने UN से स्वतंत्र जाँच की माँग की है। तुरबत में FC पर डॉक्टरों और मरीजों के साथ हिंसा के भी आरोप हैं।

मुख्य बातें

बलूचिस्तान के खुजदार जिले के जेहरी क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के कथित ड्रोन हमले में एक महिला की मौत , दो अन्य घायल।
कथित तौर पर 25 स्थानीय नागरिकों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जबरन गायब किया।
जेहरी में कई महीनों से जारी कर्फ्यू और मोबाइल सेवाओं के निलंबन से सूचना संकट गहरा।
तुरबत में FC पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए सड़क बंद करने और डॉक्टर पर राइफल तानने का आरोप; एक गर्भवती महिला भी हिंसा की शिकार।
BVJ ने संयुक्त राष्ट्र से स्वतंत्र जाँच और सभी लापता व्यक्तियों की जानकारी देने की माँग की।

बलूचिस्तान के खुजदार जिले के जेहरी क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना द्वारा तेज किए गए सैन्य अभियानों के बीच मानवाधिकार संगठन बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) ने गंभीर आरोप लगाए हैं — कथित तौर पर एक ड्रोन हमले में एक महिला की जान गई और दो अन्य घायल हुए, जबकि 25 स्थानीय नागरिकों को जबरन गायब किया गया। 4 सितंबर को सामने आई इन रिपोर्टों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है।

क्या हुआ जेहरी में

BVJ के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के कथित ड्रोन हमले में पानी लेने गई एक महिला की मौत हो गई। एक अन्य महिला सहित दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। संगठन ने स्वीकार किया कि मृतक की पहचान और घायलों की मौजूदा स्थिति की पुष्टि करना फिलहाल मुश्किल है, क्योंकि जेहरी में कई महीनों से जारी कर्फ्यू के चलते मोबाइल सेवाएँ निलंबित हैं।

BVJ ने कहा, 'कर्फ्यू के कारण जेहरी में मोबाइल फोन सेवाएँ निलंबित कर दी गई हैं, जिससे प्रभावित समुदायों के साथ संचार गंभीर रूप से बाधित हो गया है। इस संचार ब्लैकआउट के कारण जबरन गायब किए गए लोगों के साथ-साथ मारे गए या घायल हुए लोगों के बारे में विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करना विशेष रूप से कठिन हो गया है।'

जबरन गुमशुदगी के आरोप

BVJ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर 25 स्थानीय निवासियों को हिरासत में लेकर जबरन गायब कर दिया है। संगठन ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए कहा कि 'नागरिकों को निशाना बनाना, लोगों को जबरन गायब करना और सूचना व संचार तक पहुँच को प्रतिबंधित करना गंभीर मानवाधिकार चिंताएँ पैदा करता है और तत्काल, स्वतंत्र जाँच की आवश्यकता है।'

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की घटनाएँ लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के निशाने पर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में पहले से ही सूचना तक पहुँच अत्यंत सीमित है।

तुरबत में FC की हिंसा और सड़क बंदी का विरोध

बलूचिस्तान के तुरबत क्षेत्र में एक अलग घटना में बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) पर गंभीर आरोप लगाए। BYC के अनुसार, इस्लामाबाद से लाए गए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को वीआईपी प्रोटोकॉल देने के लिए तुरबत में कई घंटों तक सड़कें बंद रखी गईं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों, डॉक्टरों, अस्पताल कर्मचारियों और कारोबारियों समेत हजारों नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

BYC ने बताया, 'जब मरीजों और वरिष्ठ डॉक्टरों ने सड़कें बंद किए जाने पर सवाल उठाए, तो FC ने उनके साथ हिंसा की। एक डॉक्टर पर राइफल तान दी गई और उसे गोली मारने की धमकी दी गई। हिंसा का सामना करने वाले मरीजों में एक गर्भवती महिला भी शामिल थी।' इस घटना के विरोध में तुरबत टीचिंग अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों ने कार्य-बहिष्कार किया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

अंतरराष्ट्रीय जाँच की माँग

BVJ ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — जेहरी में हो रहे दुर्व्यवहारों की स्वतंत्र जाँच, पाकिस्तानी अधिकारियों से सभी लापता व्यक्तियों के ठिकाने और सुरक्षा की जानकारी, तथा नागरिकों को आगे किसी नुकसान से बचाने की गारंटी।

संगठन ने कहा, 'यह बेहद चिंताजनक है कि बलूचिस्तान में फर्जी नैरेटिव तैयार करने के लिए संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि आम नागरिकों की आवाजाही की बुनियादी स्वतंत्रता छीनी जा रही है। सुरक्षा के नाम पर बलूचिस्तान में नागरिक जीवन को लगातार प्रतिबंधों और दबाव में रखना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।'

आगे क्या

पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संचार ब्लैकआउट के कारण जेहरी से स्वतंत्र रिपोर्टिंग अत्यंत कठिन बनी हुई है। मानवाधिकार संगठनों की माँग है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में तत्काल पहुँच दी जाए, ताकि इन आरोपों की निष्पक्ष जाँच हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक '25 गुमशुदगी' जैसे आँकड़े न तो पूरी तरह सत्यापित हो सकते हैं, न ही खारिज। तुरबत में इन्फ्लुएंसर दौरे के लिए अस्पताल बंद करना और डॉक्टर पर राइफल तानना — यह राज्य की प्राथमिकताओं का एक चिंताजनक प्रतिबिंब है। पाकिस्तानी सरकार की चुप्पी इन आरोपों को और अधिक गंभीर बना देती है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान के जेहरी में क्या हुआ?
मानवाधिकार संगठन BVJ के अनुसार, जेहरी में पाकिस्तानी सेना के कथित ड्रोन हमले में पानी लेने गई एक महिला की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। साथ ही 25 स्थानीय निवासियों को कथित तौर पर जबरन गायब किया गया। संचार ब्लैकआउट के कारण इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक संभव नहीं हो सकी है।
बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) ने क्या माँगें रखी हैं?
BVJ ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से जेहरी में हो रहे दुर्व्यवहारों की स्वतंत्र जाँच, सभी लापता व्यक्तियों के ठिकाने और सुरक्षा की जानकारी, तथा नागरिकों को आगे किसी नुकसान से बचाने की गारंटी देने की माँग की है।
तुरबत में FC पर क्या आरोप लगे हैं?
BYC के अनुसार, इस्लामाबाद से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को वीआईपी प्रोटोकॉल देने के लिए FC ने तुरबत में घंटों सड़कें बंद रखीं। जब डॉक्टरों और मरीजों ने इसका विरोध किया तो FC ने हिंसा की — एक डॉक्टर पर राइफल तानी गई और एक गर्भवती महिला भी हिंसा की शिकार हुई।
जेहरी में संचार ब्लैकआउट क्यों है?
BVJ के अनुसार, जेहरी में कई महीनों से जारी कर्फ्यू के चलते मोबाइल फोन सेवाएँ निलंबित हैं। इससे प्रभावित समुदायों से संपर्क और जबरन गायब किए गए लोगों के बारे में विश्वसनीय जानकारी जुटाना बेहद मुश्किल हो गया है।
पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अभी तक पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संचार प्रतिबंध के कारण स्वतंत्र रिपोर्टिंग भी बाधित है, जिससे आरोपों की निष्पक्ष जाँच अभी तक संभव नहीं हो पाई है।
राष्ट्र प्रेस
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