पाकिस्तान में 4 लाख ट्रक-टैंकर हड़ताल पर, औद्योगिक और निर्यात सप्लाई चेन ठप
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान में माल ट्रांसपोर्टर्स और तेल टैंकर ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल से औद्योगिक और निर्यात सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो रही है। 9 अगस्त को स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 4 लाख से अधिक मालवाहक वाहनों ने अपनी सेवाएँ पूरी तरह बंद कर दी हैं, जिससे इस्लामाबाद से लेकर कराची तक आपूर्ति श्रृंखला में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो गया है।
हड़ताल का कारण और पृष्ठभूमि
पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्टर्स अलायंस के चेयरमैन निसार हुसैन जाफरी ने कहा कि उनकी हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनका नेतृत्व सोमवार को पेट्रोलियम, परिवहन और बंदरगाह मंत्रियों से बातचीत नहीं कर लेता। उन्होंने बताया कि शनिवार से सोमवार तक 4 लाख से अधिक मालवाहक गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
हड़ताल की मुख्य वजह पाकिस्तान सरकार द्वारा हाल ही में लागू किया गया दैनिक ईंधन मूल्य निर्धारण तंत्र (डेली फ्यूल प्राइस मैकेनिज्म) है। इससे पहले ईंधन की कीमतें साप्ताहिक या मासिक आधार पर तय होती थीं, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उतार-चढ़ाव के अनुसार हर दिन कीमतें बदल सकती हैं।
ट्रांसपोर्टरों की मुख्य माँगें
जाफरी ने माँग की है कि सरकार मासिक ईंधन मूल्य प्रणाली को फिर से बहाल करे और ट्रांसपोर्टरों पर लगने वाले विदहोल्डिंग टैक्स को 7 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेल कैरियर सेवाओं पर फिलहाल 2 प्रतिशत विदहोल्डिंग टैक्स लागू है।
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही वित्तीय संकट, बेरोज़गारी और ईंधन की ऊँची कीमतों से जूझ रहा है। आलोचकों का कहना है कि दैनिक मूल्य परिवर्तन प्रणाली छोटे ट्रांसपोर्टरों के लिए व्यवसाय नियोजन को लगभग असंभव बना देती है।
ईंधन की मौजूदा कीमतें
पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत 2.20 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 1.50 PKR प्रति लीटर घटाई। इसके बाद पेट्रोल की नई कीमत 327.62 PKR प्रति लीटर और HSD की कीमत 380.86 PKR प्रति लीटर हो गई। ये संशोधित दरें सोमवार तक लागू रहने की बात कही गई।
सरकार का रुख
17 जुलाई को पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक और सूचना मंत्री अत्ता तरार ने घोषणा की थी कि पश्चिम एशिया में नए सिरे से उत्पन्न तनाव के बाद वैश्विक तेल कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए ईंधन की कीमतें रोज़ाना तय की जाएँगी। उन्होंने कहा था कि ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के रुझान के आधार पर नियमित रूप से ईंधन मूल्य निर्धारित करेगी और इसे अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करेगी। गौरतलब है कि मार्च की शुरुआत से ही सरकार हर सप्ताह ईंधन की कीमतें तय कर रही थी।
आगे क्या होगा
सोमवार को ट्रांसपोर्टर नेतृत्व और सरकारी मंत्रियों के बीच होने वाली बातचीत के नतीजे पर हड़ताल का भविष्य निर्भर करेगा। यदि वार्ता विफल रही, तो निर्यात और औद्योगिक उत्पादन पर असर और गहरा हो सकता है, जिसका बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ने की आशंका है।