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पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब के विध्वंस पर भारत ने की कड़ी निंदा, जांच और बहाली की मांग

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पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब के विध्वंस पर भारत ने की कड़ी निंदा, जांच और बहाली की मांग

सारांश

पाकिस्तान के शेखूपुरा में 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को गिराए जाने पर भारत ने कड़ा विरोध जताया। विदेश मंत्रालय ने इसे 'जानबूझकर की गई तोड़फोड़' बताते हुए पाकिस्तान से जांच, कार्रवाई और बहाली की मांग की — और साफ कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के शेखूपुरा जिले के फर्रुखाबाद में 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब का एक हिस्सा गिराया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे 'बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई तोड़फोड़' करार दिया।
भारत ने पाकिस्तान से तत्काल जांच, दोषियों पर कार्रवाई और गुरुद्वारे की बहाली की माँग की।
ETPB और स्थानीय अधिकारियों की निष्क्रियता को भी 'गंभीर चिंता का विषय' बताया गया।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर हमलों की यह कोई पहली घटना नहीं है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को पाकिस्तान के शेखूपुरा जिले के फर्रुखाबाद में स्थित 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब के एक हिस्से को गिराए जाने की खबरों पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। मंत्रालय ने इसे 'बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई तोड़फोड़' करार देते हुए पाकिस्तान सरकार से तत्काल जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मुख्य घटनाक्रम

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को इस ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थल के विध्वंस की 'बेहद दुखद खबरें' मिली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारे के हिस्सों को नुकसान पहुँचाया जाना और स्थानीय अधिकारियों अथवा इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की ओर से कोई ठोस कदम न उठाया जाना 'गंभीर चिंता का विषय' है।

जायसवाल ने कहा, 'हम इस सम्मानित सिख धार्मिक स्थल के खिलाफ की गई इस बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं।'

भारत की माँगें

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से तीन स्पष्ट माँगें रखी हैं — पहली, मामले की शीघ्र जांच; दूसरी, इस 'शर्मनाक घटना' के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई; और तीसरी, गिराए गए हिस्सों का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण और बहाली। प्रवक्ता ने यह भी आग्रह किया कि पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यक समुदायों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

व्यापक पृष्ठभूमि: यह पहली घटना नहीं

विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाए जाने की अनेक घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान में सिख, हिंदू और ईसाई समुदायों के धार्मिक स्थलों पर हमलों की खबरें अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी दर्ज की हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं और अल्पसंख्यक अधिकारों का मुद्दा द्विपक्षीय वार्ता में बार-बार उठता रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

जायसवाल ने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया कि वह 'देश में जारी धार्मिक असहिष्णुता और सांप्रदायिक हिंसा के माहौल को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ETPB जैसी जिम्मेदार संस्थाओं की निष्क्रियता भी उतनी ही चिंताजनक है जितनी स्वयं विध्वंस की घटना।

आगे क्या

भारत ने औपचारिक रूप से पाकिस्तान से जवाब की अपेक्षा की है। सिख समुदाय के संगठनों और मानवाधिकार समूहों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि पाकिस्तान सरकार इस माँग पर क्या कदम उठाती है और क्या गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब की बहाली का कोई ठोस आश्वासन मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पाकिस्तान में ETPB जैसी संस्था — जो अल्पसंख्यक धार्मिक संपत्तियों की संरक्षक मानी जाती है — की चुप्पी क्यों बनी रही। यह घटना उस दीर्घकालिक प्रवृत्ति की एक और कड़ी है जिसमें पाकिस्तान के सिख, हिंदू और ईसाई समुदायों के पूजा स्थलों को बार-बार निशाना बनाया जाता है और जिम्मेदार संस्थाएँ मूकदर्शक बनी रहती हैं। भारत की माँगें जायज हैं, पर बिना किसी द्विपक्षीय दबाव तंत्र के ये केवल बयानबाजी तक सीमित रह सकती हैं।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान में कौन सा गुरुद्वारा गिराया गया?
पाकिस्तान के शेखूपुरा जिले के फर्रुखाबाद में स्थित 125 साल पुराना गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब का एक हिस्सा गिराया गया। यह एक ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थल है।
भारत ने इस विध्वंस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे 'बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई तोड़फोड़' बताते हुए कड़ी निंदा की। भारत ने पाकिस्तान से तत्काल जांच, दोषियों पर कार्रवाई और गुरुद्वारे की बहाली की माँग की है।
ETPB क्या है और इसकी भूमिका क्यों सवालों में है?
इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक संपत्तियों की देखरेख के लिए जिम्मेदार सरकारी संस्था है। भारत ने कहा कि ETPB और स्थानीय अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने की खबरें 'गंभीर चिंता का विषय' हैं।
क्या पाकिस्तान में अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों पर हमले की यह पहली घटना है?
नहीं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इससे पहले भी पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाए जाने की अनेक घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। मंत्रालय ने इसे एक 'लगातार जारी' समस्या बताया।
भारत ने पाकिस्तान से क्या-क्या माँगें रखी हैं?
भारत ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — पहली, मामले की शीघ्र जांच; दूसरी, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई; और तीसरी, गिराए गए हिस्सों का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण और बहाली। साथ ही भारत ने पाकिस्तान से अपने अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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