पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा ध्वस्त: दिल्ली मंत्री सिरसा और BJP ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के फारूकाबाद में स्थित 125 वर्ष पुराने श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा साहिब को ध्वस्त किए जाने पर भारत में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार, 2 जुलाई को इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे सिख और मानव विरासत पर सीधा आघात बताया।
मंत्री सिरसा की प्रतिक्रिया
मंत्री सिरसा ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "गुरुद्वारा साहिब न केवल सिखों की, बल्कि समस्त मानवता की साझा विरासत है। पाकिस्तान में गुरुद्वारों पर कब्जा करना, उनकी संपत्तियों पर अतिक्रमण करना और इस तरह विरासत को नुकसान पहुँचाना एक गंभीर पाप है।" उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाए और गुरुद्वारा साहिब को पुनः बहाल करवाए।
दिल्ली BJP की तीखी आलोचना
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी इस विध्वंस की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है — पाकिस्तान में सिखों, हिंदुओं और ईसाइयों के पूजा स्थलों पर हमले दुर्भाग्यवश एक नियमित पैटर्न बन चुके हैं।
मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस मुद्दे पर चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि गुरुद्वारा ध्वस्त होने के एक सप्ताह बाद भी AAP नेताओं का मौन देशवासियों को स्तब्ध कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पाकिस्तानी सरकार को तत्काल कड़ा संदेश दिया और ध्वस्त गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण का आह्वान किया, जबकि पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों को चरमपंथी तत्वों के भरोसे छोड़ता आया है।
BJP विधायक लवली का समर्थन
दिल्ली BJP विधायक और ट्रांस-यमुना क्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने भी मल्होत्रा के बयान का समर्थन किया। लवली ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया भर में अल्पसंख्यकों का रक्षक होने का दिखावा करता है, किंतु अपनी सीमाओं के भीतर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बार-बार विफल रहा है। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा मामले का तत्काल संज्ञान लेने की सराहना की।
AAP पर राजनीतिक दबाव
मल्होत्रा ने यह भी उल्लेख किया कि श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ-विरोधी घोषित किया है और उन पर सिख धार्मिक परंपराओं के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। ऐसे में पाकिस्तान में गुरुद्वारा विध्वंस पर उनकी चुप्पी को BJP ने सिख मूल्यों के प्रति अवहेलना का उदाहरण बताया है।
आगे की स्थिति
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों पर हमलों की शिकायतें अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी उठाते रहे हैं। भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान को भेजे गए कड़े संदेश के बाद अब यह देखना होगा कि पाकिस्तानी अधिकारी इस ऐतिहासिक धरोहर की बहाली को लेकर क्या कदम उठाते हैं।