30 जुलाई 2026
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पाकिस्तान ने 92 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा देने से किया इनकार: खालसा वॉक्स रिपोर्ट

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पाकिस्तान ने 92 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा देने से किया इनकार: खालसा वॉक्स रिपोर्ट

सारांश

पाकिस्तान सरकार ने 92 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा देने से इनकार किया है। इस निर्णय ने भारतीय परिवारों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जानिए इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारणों को।

मुख्य बातें

पाकिस्तान ने 92 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा देने से इनकार किया।
इस निर्णय ने भारतीय परिवारों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
लेख में पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की गई है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी पर भी आरोप लगे हैं।
भविष्य में ऐसे निर्णय सिख समुदाय को प्रभावित कर सकते हैं।

इस्लामाबाद, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान सरकार ने 92 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा देने से इनकार कर दिया है। यह जानकारी ‘खालसा वॉक्स’ न्यूज पोर्टल पर प्रकाशित एक लेख में सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पहले इन श्रद्धालुओं को 10 से 19 अप्रैल के बीच वीजा जारी किया गया था, ताकि वे गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालसा सजना दिवस मनाए।

लेख में उल्लेख किया गया है कि इन 92 श्रद्धालुओं के नामों के साथ "सिंह" या "कौर" नहीं जुड़ा है, लेकिन वे सभी सिख गुरुओं के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं। लेख के लेखक सुदीप सिंह ने पाकिस्तान सरकार की "खराब नीतियों" को इस फैसले का कारण बताया है।

उन्होंने कहा कि इस कदम से भारतीय परिवारों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और वे धार्मिक यात्रा से वंचित हो गए हैं। लेख में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह निर्णय सहजधारी श्रद्धालुओं को गुरुद्वारों से दूर करने के लिए एक सोची-समझी कोशिश का हिस्सा हो सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के साथ-साथ पाकिस्तान के सिंध प्रांत और दुनिया भर में ऐसे कई परिवार हैं, जो गुरु ग्रंथ साहिब में आस्था रखते हैं और अपने पारिवारिक संस्कार सिख परंपराओं के अनुसार करते हैं।

लेख में हिंदू और सिख परिवारों के रिश्तों को अटूट बताया गया है, जिन्हें अलग करना लगभग नामुमकिन है।

इसके अतिरिक्त, लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान की ओर से जारी किया गया वीजा शेड्यूल भारत के कार्यक्रम से मेल नहीं खाता था। भारत सरकार ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पंजाब सरकार की सिफारिशों के आधार पर 12 से 21 अप्रैल के बीच ‘जत्था’ भेजने का कार्यक्रम तय किया था।

लेख में पाकिस्तान पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वह एक ओर सिख समुदाय के प्रति सहानुभूति दिखाता है, जबकि दूसरी ओर उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर भारत में नशीले पदार्थ और हथियार भेजने तथा विदेशों में खालिस्तान समर्थक तत्वों को आर्थिक सहायता देने के आरोप लगते रहे हैं।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के विदेश मामलों के सलाहकार परमजीत सिंह चंदोक के हवाले से लेख में बताया गया कि इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाया गया है।

लेख में सिंधी समुदाय की सिख संस्थाओं में आस्था का भी जिक्र करते हुए आशंका व्यक्त की गई है कि भविष्य में ऐसी नीतियों के चलते उनके गुरुद्वारों में प्रवेश पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान ने भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा क्यों नहीं दिया?
पाकिस्तान सरकार ने 92 भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा देने से इसलिए इनकार किया, क्योंकि उनके नामों में 'सिंह' या 'कौर' नहीं था।
इस निर्णय का क्या प्रभाव होगा?
इस निर्णय से भारतीय परिवारों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और वे अपनी धार्मिक यात्रा से वंचित हो गए हैं।
क्या पाकिस्तान का यह कदम सिख समुदाय को प्रभावित करेगा?
हाँ, यह कदम सिख समुदाय के प्रति नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और भविष्य में उनके गुरुद्वारों में प्रवेश पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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