पंचकूला के संस्कृति स्कूल में KG छात्रा से मारपीट: हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल नीलू को किया सस्पेंड
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पंचकूला स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-20 में केजी कक्षा की एक बच्ची के साथ कथित तौर पर बर्बरता के मामले में हरियाणा माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 1 नवंबर 2026 को स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई परिजनों के विरोध और मामले के तूल पकड़ने के बाद की गई है।
मामले का विवरण
आरोप है कि सेक्टर-20 के इस सरकारी मॉडल स्कूल में केजी में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना सामने आने के बाद पीड़ित बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की माँग की। मामले ने तेजी से सार्वजनिक ध्यान खींचा, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने स्वतः संज्ञान लिया।
आधिकारिक निलंबन आदेश
हरियाणा सरकार के माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से रविवार, 1 नवंबर 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया गया। यह आदेश विजय सिंह दहिया (IAS), प्रधान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ द्वारा जारी किया गया है। प्रिंसिपल नीलू को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम 5 के प्रावधानों के अंतर्गत निलंबित किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान प्रिंसिपल नीलू को हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 83 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही निलंबन काल में उन्हें सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
संबंधित अधिकारियों को प्रति भेजी गई
विभाग ने इस आदेश की प्रतिलिपि प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल, ट्रेजरी ऑफिसर पंचकूला और अंबाला, जिला शिक्षा अधिकारी पंचकूला और अंबाला सहित सभी संबंधित अधिकारियों को अग्रिम कार्यवाही के लिए भेज दी है। इससे स्पष्ट है कि विभाग मामले को जल्द से जल्द निपटाने की मंशा रखता है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब हरियाणा के किसी सरकारी स्कूल में छोटे बच्चे के साथ कथित दुर्व्यवहार की खबर आई हो। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग और अभिभावक संगठन लंबे समय से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देशों की माँग करते रहे हैं।
आगे क्या होगा
निलंबन के बाद अब विभागीय जाँच प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जिसमें स्कूल स्टाफ और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएँगे। पीड़ित बच्ची के परिजनों की माँग है कि दोषी शिक्षकों पर भी सख्त कार्रवाई हो। शिक्षा विभाग के इस त्वरित कदम को अभिभावक संगठनों ने सही दिशा में उठाया गया पहला कदम बताया है, हालाँकि वे पूर्ण जाँच और न्याय की प्रतीक्षा में हैं।