पंचकूला: आसरेवाली वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में अवैध कटाई के आरोपों में तीन अधिकारियों का निलंबन, कुल 11 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- पंचकूला में तीन वरिष्ठ अधिकारियों का निलंबन
- 11 लोगों की गिरफ्तारी, जिसमें वन विभाग के अधिकारी शामिल हैं
- अवैध कटाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- जांच जारी, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी
- पर्यावरण संरक्षण पर जोर
पंचकूला, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के बाद, वन विभाग ने तुरंत प्रभाव से तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें वाइल्डलाइफ डीएफओ राजेंद्र प्रसाद डांगी, टेरिटोरियल डीएफओ विशाल कौशिक और वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह शामिल हैं। इससे पहले, इस मामले में वन दरोगा रघुविंद्र सिंह को भी निलंबित किया गया था, जिन्हें एसआईटी ने गिरफ्तार किया है।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार देर शाम को हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। निलंबन की प्रक्रिया में सबसे पहले इंस्पेक्टर सुरजीत को निलंबित किया गया, उसके बाद डीएफओ राजेंद्र प्रसाद डांगी और अंत में डीएफओ विशाल कौशिक को निलंबन पत्र जारी किया गया। सभी निलंबित अधिकारियों को जांच पूरी होने तक मुख्यालय क्षेत्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें विभागीय मुख्यालय में ही रहना होगा।
यह मामला पंचकूला के आसरेवाली संरक्षित वन क्षेत्र (वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी) से संबंधित है, जहां खैर (कटच) के मूल्यवान पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि साइलेंट कटर मशीनों से रातों-रात सैकड़ों से लेकर हजारों पेड़ काटे गए और लकड़ी को ऊंटों या अन्य तरीकों से बाहर ले जाया गया। खैर की लकड़ी बहुत महंगी होती है, जिससे माफिया सक्रिय रहते हैं।
मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। एसआईटी ने अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें वन विभाग के अधिकारी और तस्कर शामिल हैं। पुलिस ने अवैध कटाई से जुड़ी लाखों रुपये की लकड़ी, नकद, दो वाहन और कटाई के औजार भी बरामद किए हैं। कुछ आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि कुछ को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण और वन विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वन मंत्री ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बाद जांच को तेज करने के निर्देश दिए थे। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।