8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पांचना बांध जल विवाद: किसानों ने 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया, खंडीप महापंचायत का 19वाँ दिन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पांचना बांध जल विवाद: किसानों ने 27 जून तक का अल्टीमेटम दिया, खंडीप महापंचायत का 19वाँ दिन

सारांश

राजस्थान के खंडीप में पांचना बांध का पानी नहरों में छोड़ने की माँग को लेकर 19 दिनों से जारी किसान आंदोलन ने सरकार को 27 जून तक का अल्टीमेटम दे दिया है। विधायक रामकेश मीणा ने इसे 70 वर्षों का सबसे बड़ा किसान आंदोलन बताया। राजनीतिक समर्थन बढ़ने के साथ यह महापंचायत पूर्वी राजस्थान के सबसे बड़े किसान आंदोलनों में शुमार होती जा रही है।

मुख्य बातें

पांचना बांध का पानी नहरों में छोड़ने की माँग को लेकर खंडीप महापंचायत का आंदोलन 23 जून 2026 को 19वें दिन में प्रवेश कर गया।
किसानों ने राजस्थान सरकार को 27 जून 2026 तक पानी छोड़ने का अल्टीमेटम दिया; समयसीमा न मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
विधायक रामकेश मीणा ने इसे 70 वर्षों का सबसे बड़ा राजस्थान किसान आंदोलन बताया।
सांसद हरिश्चंद्र मीणा , विधायक घनश्याम मेहर , पूर्व विधायक लखन सिंह मीणा और पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने आंदोलन को खुला समर्थन दिया।
24 जून को सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ हज़ारों किसानों के आंदोलन स्थल पर पहुँचने की घोषणा।
राज्य सरकार पर समाजों में विभाजन पैदा करने और मंत्रियों के खंडीप न आने का आरोप।

राजस्थान के खंडीप में पांचना बांध का पानी नहरों में छोड़ने की माँग को लेकर चल रहा किसान आंदोलन 23 जून 2026 को अपने 19वें दिन में प्रवेश कर गया। विधायक रामकेश मीणा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 70 वर्षों में राजस्थान में किसानों का इतना बड़ा आंदोलन नहीं देखा गया और खंडीप महापंचायत की चर्चा अब दिल्ली तक पहुँच चुकी है। किसानों ने राज्य सरकार को 27 जून तक पानी छोड़ने का स्पष्ट अल्टीमेटम दे दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

आंदोलन के 19वें दिन धरना स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी। नदौती और टोडाभीम तहसीलों के दर्जनों गांवों से पंच-पटेल, किसान, महिलाएँ और युवा बड़ी संख्या में पहुँचे। सांसद, विधायक और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने भी आंदोलन स्थल पर पहुँचकर खुला समर्थन दिया।

पंचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने घोषणा की कि 24 जून को क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हज़ारों किसान, महिलाएँ, युवा और पंच-पटेल सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ आंदोलन स्थल पर पहुँचेंगे।

नेताओं की प्रतिक्रिया

सभा को सांसद हरिश्चंद्र मीणा, विधायक घनश्याम मेहर, पूर्व विधायक लखन सिंह मीणा और पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित किया। सभी ने तुरंत पानी छोड़ने की माँग की।

पूर्व विधायक लखन सिंह मीणा ने कहा, 'किसानों के अधिकारों की इस लड़ाई को हम अंत तक लड़ेंगे। किसानों के हक की अनदेखी नहीं होने देंगे।'

विधायक घनश्याम मेहर ने कहा, 'यह किसी एक गाँव या एक समाज का आंदोलन नहीं है, बल्कि हज़ारों किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। हर जनप्रतिनिधि को खंडीप आकर किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए। जो नहीं आएंगे, उन्हें जनता को जवाब देना होगा।'

सांसद हरिश्चंद्र मीणा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी माँग पूरी तरह न्यायसंगत है और अदालत के फैसलों के अनुरूप है। उन्होंने कहा, 'हमारी लड़ाई किसी समाज के खिलाफ नहीं है। हम सिर्फ यह चाहते हैं कि सरकार अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभाए।'

सरकार पर आरोप

विधायक रामकेश मीणा ने राज्य सरकार पर आंदोलन को कमज़ोर करने के लिए समाजों के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े आंदोलन के बावजूद सरकार चुप क्यों है और मंत्री आसपास के गांवों में तो जा रहे हैं, लेकिन खंडीप आने से बच रहे हैं।

गौरतलब है कि यह आंदोलन पूर्वी राजस्थान के उन क्षेत्रों में हो रहा है जहाँ पांचना बांध के पानी पर किसानों की सिंचाई निर्भरता दशकों पुरानी है। आलोचकों का कहना है कि राज्य सरकार की चुप्पी प्रशासनिक विफलता का संकेत है।

आगे क्या होगा

किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 27 जून 2026 तक पांचना बांध का पानी नहरों में नहीं छोड़ा गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति और विधायक रामकेश मीणा ने सभी राजनीतिक दलों के सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से आंदोलन स्थल पर पहुँचकर किसानों का समर्थन करने की अपील की है। बढ़ती भीड़ और राजनीतिक समर्थन को देखते हुए खंडीप महापंचायत पूर्वी राजस्थान के सबसे बड़े किसान आंदोलनों में से एक बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वी राजस्थान की राजनीतिक नब्ज़ बन चुका है। राज्य सरकार की चुप्पी — जबकि मंत्री आसपास के गांवों में जाते हैं लेकिन खंडीप से दूरी बनाते हैं — एक सोची-समझी रणनीति लगती है जो उलटी भी पड़ सकती है। असली सवाल यह है कि क्या 27 जून की समयसीमा के बाद सरकार के पास कोई ठोस प्रस्ताव होगा, या आंदोलन का विस्तार अगले चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पांचना बांध किसान आंदोलन क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
यह राजस्थान के खंडीप में पांचना बांध का पानी नहरों में छोड़ने की माँग को लेकर चल रहा किसान आंदोलन है, जो 23 जून 2026 तक 19 दिनों से जारी है। नदौती और टोडाभीम तहसीलों के दर्जनों गांवों के किसान, महिलाएँ और युवा इसमें शामिल हैं।
किसानों ने 27 जून की समयसीमा क्यों तय की है?
किसानों का कहना है कि पांचना बांध के पानी पर उनकी सिंचाई निर्भरता दशकों पुरानी है और सरकार उनकी माँगें लगातार नज़रअंदाज़ कर रही है। सांसद हरिश्चंद्र मीणा के अनुसार यह माँग अदालत के फैसलों के अनुरूप भी है। 27 जून तक पानी न छोड़े जाने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गई है।
खंडीप महापंचायत में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
सांसद हरिश्चंद्र मीणा, विधायक रामकेश मीणा, विधायक घनश्याम मेहर, पूर्व विधायक लखन सिंह मीणा और पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने आंदोलन स्थल पर पहुँचकर किसानों को खुला समर्थन दिया।
राज्य सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
विधायक रामकेश मीणा ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को कमज़ोर करने के लिए समाजों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री आसपास के गांवों में जा रहे हैं लेकिन खंडीप आने से बच रहे हैं।
24 जून को आंदोलन में क्या होने वाला है?
पंचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि 24 जून को क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हज़ारों किसान, महिलाएँ, युवा और पंच-पटेल सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ आंदोलन स्थल पर पहुँचेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले