पेपर लीक आतंकवाद जितना खतरनाक — लोकसभा में अनुराग ठाकुर का सख्त बयान, प्रियंका गांधी पर भी पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद अनुराग ठाकुर ने 28 जुलाई को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक पर बहस के दौरान कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की घटनाएँ आतंकवाद तथा माओवाद जैसी गंभीर चुनौतियों से कम खतरनाक नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन घटनाओं के सबसे बड़े शिकार देश के युवा होते हैं और मोदी सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्य बयान और सरकार का पक्ष
ठाकुर ने सदन में कहा, 'परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की घटनाएं आतंकवाद या माओवाद से कम खतरनाक नहीं हैं, क्योंकि इनके सबसे बड़े शिकार देश के युवा होते हैं। मैं युवाओं को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि मोदी सरकार पेपर लीक की समस्या का पक्का समाधान निकालेगी।' उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण किया, उसी तरह पेपर लीक के विरुद्ध भी निर्णायक कार्रवाई होगी।
कानूनी प्रावधानों पर सरकार का संकल्प
अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून से भी अधिक सख्त प्रावधानों वाला कानून लाने के लिए संकल्पित है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्रों में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है।
प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार
बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा 'गौमूत्र एक्सपर्ट' संबंधी टिप्पणी का जवाब देते हुए ठाकुर ने कहा कि इस बयान से उन्हें व्यक्तिगत दुख पहुँचा है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने आईआईटी मद्रास के प्रतिष्ठित प्रोफेसर वी. कामकोटि का अपमान किया है। ठाकुर ने यह भी कहा कि यदि प्रोफेसर कामकोटि का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव है, तो इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।
ठाकुर की तीखी टिप्पणी
ठाकुर ने आगे कहा कि उन्हें पहले लगता था कि प्रियंका गांधी अपने भाई कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बेहतर साबित होंगी, लेकिन अब उनका यह विचार बदल गया है। उन्होंने कहा, 'आज आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर पर जिस तरह की टिप्पणी प्रियंका गांधी ने की, उससे लगता है कि भाई-बहन दोनों एक ही रास्ते पर हैं। शायद वे ऐसी किसी चीज का सेवन कर रहे हैं जिससे दिमाग सही तरीके से काम नहीं कर रहा। शायद उन्हें गौमूत्र का सेवन करना चाहिए।' उन्होंने प्रियंका गांधी को RSS से जुड़ने की सलाह भी दी।
आगे क्या
संसद में इस विधेयक पर बहस जारी रहने की संभावना है। पेपर लीक विरोधी कानून में संशोधन के प्रस्तावित प्रावधान देशभर के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य से सीधे जुड़े हैं। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि विधेयक अपने अंतिम स्वरूप में किन सख्त धाराओं को शामिल करता है।