22 अगस्त 2026
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पौड़ी गढ़वाल: DM स्वाति भदौरिया ने निर्वाचन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, SIR प्रपत्रों में गुणवत्ता पर जोर

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पौड़ी गढ़वाल: DM स्वाति भदौरिया ने निर्वाचन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, SIR प्रपत्रों में गुणवत्ता पर जोर

सारांश

पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने 22 अगस्त को जिला निर्वाचन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर एसआईआर प्रपत्रों में गुणवत्ता और सत्यापन की कमियाँ उजागर कीं। यमकेश्वर, श्रीनगर, चौबट्टाखाल और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्य बातें

जिलाधिकारी स्वाति एस.
भदौरिया ने 22 अगस्त 2026 को पौड़ी गढ़वाल के जिला निर्वाचन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची कार्यों की समीक्षा की गई।
नो-मैपिंग वाले एसआईआर फॉर्म में बीएलओ व एईआरओ रिपोर्ट संलग्न न होने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
यमकेश्वर और श्रीनगर के ईआरओ व बीएलओ से फोन पर सीधी वार्ता कर प्रारूप अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
चौबट्टाखाल और कोटद्वार के कार्यों की सराहना; शेष प्रक्रिया कुछ ही दिनों में पूर्ण होने की उम्मीद।

पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने 22 अगस्त 2026 को जनपद मुख्यालय स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत संचालित समस्त प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस निरीक्षण में जनपद के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया।

निरीक्षण में क्या पाया गया

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी भदौरिया ने गणना प्रपत्रों, मतदाता सूची, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एवं सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) स्तर पर की जा रही कार्रवाई तथा नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। कुछ नो-मैपिंग वाले एसआईआर फॉर्म में बीएलओ एवं एईआरओ की रिपोर्ट संलग्न न होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रिपोर्ट एवं सत्यापन तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर कार्य में केवल संख्या नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रपत्र की गुणवत्ता, सत्यापन एवं प्रक्रिया की शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि पुनरीक्षण की प्रक्रिया व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से पूरी हो सके। उन्होंने यमकेश्वर एवं श्रीनगर विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ) से फोन पर वार्ता कर प्रपत्रों को निर्धारित प्रारूप एवं आवश्यक रिपोर्ट के साथ भेजने के निर्देश दिए।

श्रीनगर बीएलओ से सीधी बातचीत

श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ से फोन पर सीधी बातचीत कर जिलाधिकारी ने नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। गौरतलब है कि यह पहल मतदाता सूची की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

सराहनीय कार्य और आगे की राह

चौबट्टाखाल और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इसी प्रकार बेहतर समन्वय के साथ कार्य जारी रखने को कहा। उन्होंने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित रूप से आगे बढ़ रही है और शेष प्रक्रिया भी कुछ ही दिनों में पूर्ण कर ली जाएगी। सभी एसआईआर फॉर्म निर्धारित प्रारूप के अनुसार भरे जाएं तथा प्रत्येक स्तर पर प्रपत्रों की जाँच और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए — यह निर्देश उन्होंने समस्त संबंधित अधिकारियों को दिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन लोकतंत्र की नींव यहीं से मज़बूत या कमज़ोर होती है। नो-मैपिंग फॉर्म में बीएलओ रिपोर्ट का अभाव एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर निगरानी की कमी का संकेत है। जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण और सीधी फोन वार्ता यह दर्शाती है कि प्रशासनिक जवाबदेही तब काम करती है जब शीर्ष अधिकारी व्यक्तिगत रूप से सक्रिय हों। असली परीक्षा यह होगी कि निर्देशों के बाद प्रपत्रों की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार आता है या नहीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पौड़ी गढ़वाल में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने की एक निर्वाचन आयोग-निर्देशित प्रक्रिया है, जिसमें बीएलओ और एईआरओ स्तर पर प्रपत्रों का सत्यापन किया जाता है। पौड़ी गढ़वाल में यह कार्य सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण में क्या कमियाँ पाईं?
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने पाया कि कुछ नो-मैपिंग वाले एसआईआर फॉर्म में बीएलओ और एईआरओ की रिपोर्ट संलग्न नहीं थी। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रिपोर्ट और सत्यापन तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
किन विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर कार्य की समीक्षा की गई?
निरीक्षण के दौरान यमकेश्वर, श्रीनगर, चौबट्टाखाल और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की गई। चौबट्टाखाल और कोटद्वार के कार्यों की सराहना की गई, जबकि यमकेश्वर और श्रीनगर के अधिकारियों को फोन पर सुधार के निर्देश दिए गए।
पौड़ी गढ़वाल में एसआईआर प्रक्रिया कब तक पूरी होगी?
जिलाधिकारी के अनुसार सभी विधानसभा क्षेत्रों में सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित रूप से आगे बढ़ रही है और शेष प्रक्रिया कुछ ही दिनों में पूर्ण कर ली जाएगी।
एसआईआर में बीएलओ और एईआरओ की क्या भूमिका है?
बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और सहायक निर्वाचन पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) ज़मीनी स्तर पर मतदाता सूची प्रपत्रों का सत्यापन और रिपोर्टिंग करते हैं। इनकी रिपोर्ट के बिना एसआईआर फॉर्म अधूरे माने जाते हैं और उनका निस्तारण नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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