पिंपलवंडी हत्याकांड: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पीड़ित परिवार से मिलकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे का दिया आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
पुणे जिले के जुन्नर तालुका स्थित पिंपलवंडी में साढ़े नौ वर्षीय बालिका के साथ हुए अत्याचार और निर्मम हत्या के मामले में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने गुरुवार, 27 अगस्त को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पिंपलवंडी पहुँचकर पीड़ित परिवार से सीधी मुलाकात की और उन्हें सरकार का पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह घटना 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक' है तथा सरकार दोषी को कानून के अनुसार कठोरतम सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान उन्होंने पुणे जिले के पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल से जांच की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि जांच में कोई कमी न रहे तथा जल्द से जल्द आरोपत्र दाखिल किया जाए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और न्यायिक कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आरोपी को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि मामले की बारीकी से जांच की जाए ताकि अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत केस पेश कर सके।
गौरतलब है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में त्वरित न्याय के लिए किया गया है, जिससे पीड़ित परिवार को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है।
पीड़ित परिवार के पुनर्वास के लिए सरकारी फैसले
सरकार ने पीड़ित परिवार के पुनर्वास के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रशासन के माध्यम से परिवार को शबरी घरकुल योजना के तहत तत्काल सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
आर्थिक सहायता के रूप में राष्ट्रवादी वेलफेयर फंड से ₹5 लाख की राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास आयुक्त वर्षा वंटवाल से चर्चा के बाद मनोधैर्य योजना के तहत ₹10 लाख की सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायिक समिति ने इस सहायता को मंजूरी दे दी है और यह राशि तत्काल पीड़ित परिवार के खाते में जमा की जाएगी।
सुरक्षा और सामाजिक उपाय
पिंपलवंडी क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर तत्काल सीसीटीवी कैमरे और हाईमास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पिंपलवंडी की बस्ती में जाति प्रमाणपत्र से वंचित परिवारों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।
कौन-कौन रहे मौजूद
उपमुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान विधायक शरद सोनवणे, जिला परिषद सदस्य छाया तांबे, कल्पना काले, सोनाबाई दाभाडे, अमित बेनके, विकास दरेकर, देवराम लांडे, पूजा बुट्टे, सुप्रिया लेंडे तथा उप जिला पुलिस अधीक्षक धनंजय पाटील सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में बच्चों के विरुद्ध अपराधों को लेकर जनआक्रोश बढ़ रहा है। सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और फास्ट ट्रैक सुनवाई का निर्णय पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा या नहीं, यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।