मोदी सरकार के 12 वर्ष: मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी बोले — भारत विश्व गुरु बनने की राह पर
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने 27 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर कहा कि भारत इस अवधि में 'विश्व गुरु' बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़कों पर नमाज अदा करना उचित नहीं है और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
विकास और एकता पर इमाम का संदेश
इलियासी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' का नारा महज एक राजनीतिक उद्घोष नहीं, बल्कि देश की एकता और समावेशी विकास की भावना का प्रतिबिंब है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक भारतीय को मिलकर देश को सशक्त बनाने और भारतीयता को आगे ले जाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'राष्ट्र सर्वोपरि है, और हम सभी को मिलकर भारत की एकता, अखंडता और विकास के लिए योगदान देना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।
सड़कों पर नमाज पर स्पष्ट रुख
सड़कों पर नमाज के संवेदनशील मुद्दे पर इलियासी ने साफ शब्दों में कहा कि नमाज इस्लाम में इबादत का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, किंतु इसके लिए स्वच्छ और अनुमति प्राप्त स्थान अनिवार्य है। उनके अनुसार, चाहे सरकारी भूमि हो या निजी संपत्ति, बिना अनुमति के वहाँ नमाज अदा करना इस्लामी मान्यताओं और नागरिक कर्तव्य दोनों के विपरीत है।
उन्होंने कहा, 'जब केंद्र और राज्य सरकारों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं है, तो सभी को इन नियमों का पालन करना चाहिए। नमाज मस्जिदों या निर्धारित स्थानों पर ही अदा की जानी चाहिए।' गौरतलब है कि यह बयान कई राज्यों में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज को लेकर उठे विवादों की पृष्ठभूमि में आया है।
ईद-उल-अजहा और कुर्बानी के दिशा-निर्देश
आगामी ईद-उल-अजहा के अवसर पर इलियासी ने कहा कि यह पर्व त्याग, समर्पण और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस्लाम में कुर्बानी की परंपरा 'सुन्नत-ए-इब्राहीमी' के रूप में सदियों से चली आ रही है।
साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित मवेशियों की कुर्बानी नहीं दी जा सकती। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे कानून और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांति, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ यह पर्व मनाएँ।
आगे का परिदृश्य
इलियासी का यह बयान मोदी सरकार की 12वीं वर्षगाँठ पर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं की कड़ी में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन का यह रुख सार्वजनिक व्यवस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले त्योहारी मौसम में इस संदेश का व्यापक असर पड़ने की उम्मीद है।