1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांवड़ यात्रा में पुलिसकर्मियों की मालिश वाले वीडियो पर कांग्रेस का विरोध, बोली — 'वर्दी की गरिमा जरूरी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांवड़ यात्रा में पुलिसकर्मियों की मालिश वाले वीडियो पर कांग्रेस का विरोध, बोली — 'वर्दी की गरिमा जरूरी'

सारांश

कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों की मालिश का वायरल वीडियो अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने वर्दी की गरिमा का हवाला देते हुए BJP और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। साथ ही एलपीजी कटौती को 'दिखावटी राहत' बताया और FCRA विधेयक पर संसद में पूर्ण बहस की माँग की।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि वर्दी में ड्यूटी के दौरान कांवड़ियों की मालिश करना पुलिस की संवैधानिक जिम्मेदारियों के विरुद्ध है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने लखनऊ में कहा कि ऐसे वीडियो पुलिस विभाग और संविधान दोनों की गरिमा को प्रभावित करते हैं।
कमर्शियल एलपीजी की कीमत में कटौती को कांग्रेस ने 'वास्तविक राहत नहीं' बताया; पड़ोसी देशों से भारत में कीमतें अधिक होने का हवाला दिया।
एफसीआरए संशोधन विधेयक पर कांग्रेस ने संसद में व्यापक चर्चा की माँग की और रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने का संकल्प जताया।
चरणजीत सिंह चन्नी के भाई पर BJP के आरोपों को कांग्रेस ने निराधार बताया।

कांग्रेस नेताओं ने शनिवार, 1 अगस्त को कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ियों की मालिश किए जाने के वायरल वीडियो की कड़ी आलोचना की और कहा कि ड्यूटी के दौरान वर्दी में इस प्रकार का कार्य करना पुलिस सेवा की गरिमा और संवैधानिक जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा पार्टी ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया कटौती और एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा।

पुलिस की वर्दी और ड्यूटी की गरिमा पर सवाल

कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्दी में रहते हुए पुलिसकर्मियों को इस तरह के कार्य नहीं करने चाहिए। उनके अनुसार, पुलिस की अपनी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ होती हैं और ड्यूटी के दौरान इस तरह की गतिविधियाँ उचित नहीं मानी जा सकतीं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति मानवीय आधार पर किसी की सेवा करता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सेवा की भावना और वर्दी की गरिमा दोनों को एक साथ बनाए रखना आवश्यक है।

लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी इस वीडियो पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनकर इस प्रकार का कार्य करना पुलिस सेवा के नियमों और कानून की भावना के विपरीत है। उनके अनुसार, ऐसे वीडियो पुलिस विभाग और संविधान — दोनों की गरिमा को प्रभावित करते हैं।

राजपूत ने यह भी जोड़ा कि यदि कोई सेवा करना चाहता है तो यह सराहनीय है, किंतु ऐसा कार्य ड्यूटी समाप्त होने के बाद और निजी स्तर पर किया जाना चाहिए — सरकारी जिम्मेदारी निभाते समय नहीं।

एलपीजी कीमत कटौती पर कांग्रेस की आलोचना

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हाल में की गई कटौती पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि यह कटौती आम लोगों के लिए वास्तविक राहत नहीं है। उनके अनुसार देश में महंगाई लगातार आम परिवारों की कमर तोड़ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार और भारत के पड़ोसी देशों — पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल — की तुलना में भी भारत में एलपीजी की कीमतें अधिक हैं। उनके मुताबिक मौजूदा मूल्य स्तर को देखते हुए इस छोटी कटौती से आम जनता को कोई विशेष लाभ नहीं मिलने वाला।

पंजाब विवाद और BJP पर पलटवार

सुरेंद्र राजपूत ने पंजाब कांग्रेस से जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BJP का इकोसिस्टम बिना आधार के मुद्दे खड़े करने का काम करता है। उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी के भाई को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि इन बातों का कोई महत्व नहीं है।

राजपूत ने यह भी कहा कि कांग्रेस सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग और विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है और पार्टी को भरोसा है कि पंजाब में वह बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

एफसीआरए संशोधन विधेयक पर कांग्रेस की रणनीति

एफसीआरए संशोधन विधेयक पर कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट करते हुए सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि सरकार विधेयक सदन में लाए — उस पर व्यापक चर्चा होगी। पार्टी रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी और संसद में हर प्रावधान पर गंभीरता से अपना पक्ष रखेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और विपक्षी दल कई विधायी मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश में हैं। कांवड़ यात्रा से जुड़े वायरल वीडियो ने पुलिस की भूमिका और धार्मिक आयोजनों में प्रशासनिक जिम्मेदारी पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी गौरतलब है कि विपक्ष इसे प्रशासनिक सुधार की माँग की जगह राजनीतिक हमले के औज़ार के रूप में अधिक इस्तेमाल कर रहा है। एलपीजी कटौती पर पड़ोसी देशों से तुलना का तर्क आंशिक है — उन देशों की सब्सिडी संरचना और आर्थिक स्थिति भारत से भिन्न है। FCRA विधेयक पर 'संसद में बहस' की माँग सही दिशा है, लेकिन विपक्ष को इस पर ठोस वैकल्पिक प्रस्ताव भी सामने रखने होंगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांवड़ यात्रा में पुलिसकर्मियों द्वारा मालिश का विवाद क्या है?
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा कांवड़ियों की मालिश करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ, जिस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। पार्टी का कहना है कि वर्दी में ड्यूटी के दौरान इस प्रकार का कार्य पुलिस की संवैधानिक जिम्मेदारियों और सेवा नियमों के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस ने कमर्शियल एलपीजी कटौती की आलोचना क्यों की?
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि यह कटौती आम जनता के लिए वास्तविक राहत नहीं है क्योंकि महंगाई पहले से ही आम परिवारों पर भारी बोझ डाल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल की तुलना में भारत में एलपीजी की कीमतें अभी भी अधिक हैं।
एफसीआरए संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का क्या रुख है?
कांग्रेस ने कहा है कि सरकार विधेयक संसद में लाए और उस पर व्यापक चर्चा हो। पार्टी रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी और हर प्रावधान पर गंभीरता से अपना पक्ष रखेगी।
क्या पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान धार्मिक सेवा कार्य कर सकते हैं?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मानवीय सेवा की भावना सराहनीय है, लेकिन ऐसा कार्य ड्यूटी समाप्त होने के बाद और निजी स्तर पर किया जाना चाहिए। वर्दी में सरकारी जिम्मेदारी निभाते समय इस प्रकार की गतिविधियाँ पुलिस सेवा नियमों के विरुद्ध मानी जाती हैं।
पंजाब कांग्रेस विवाद पर सुरेंद्र राजपूत ने क्या कहा?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने चरणजीत सिंह चन्नी के भाई पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि BJP का इकोसिस्टम बिना आधार के मुद्दे खड़े करता है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस पंजाब में बड़े बहुमत से सरकार बनाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले