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कैबिनेट ने पावरग्रिड के लिए इक्विटी निवेश सीमा को 7,500 करोड़ रुपए तक बढ़ाने की दी मंजूरी

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कैबिनेट ने पावरग्रिड के लिए इक्विटी निवेश सीमा को 7,500 करोड़ रुपए तक बढ़ाने की दी मंजूरी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पावरग्रिड की इक्विटी निवेश सीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब कंपनी प्रति सहायक कंपनी 7,500 करोड़ रुपए का निवेश कर सकेगी, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा में योगदान बढ़ेगा।

मुख्य बातें

पावरग्रिड की इक्विटी निवेश सीमा बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपए की गई।
सीसीईए का निर्णय नवीकरणीय ऊर्जा में योगदान बढ़ाएगा।
कंपनी को अधिक पूंजी वाली ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भाग लेने का मौका मिलेगा।
लाभांश 27 फरवरी, 2026 को भुगतान किया जाएगा।
कंपनी ने मुनाफे में वृद्धि दर्ज की है।

नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने मंगलवार को पावरग्रिड की इक्विटी निवेश सीमा को बढ़ाने की स्वीकृति दी है। अब यह कंपनी प्रति सहायक कंपनी 7,500 करोड़ रुपए तक का निवेश कर सकेगी। पहले यह सीमा 5,000 करोड़ रुपए थी।

हालांकि, सीसीईए ने कंपनी की कुल संपत्ति के 15 प्रतिशत की मौजूदा सीमा को बरकरार रखा है।

यह मंजूरी महारत्न सीपीएसई पर लागू शक्तियों के प्रत्यायोजन संबंधी लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के 4 फरवरी, 2010 के दिशानिर्देशों के अंतर्गत दी गई है।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस मंजूरी से देश के सबसे बड़े ट्रांसमिशन सेवा प्रदाता, पावरग्रिड को अपने मुख्य व्यवसाय में निवेश बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, जिससे 500 गीगावाट के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

इस मंजूरी के बाद, पावरग्रिड अब अधिक पूंजी वाली ट्रांसमिशन परियोजनाओं, जैसे अल्ट्रा हाई वोल्टेज अल्टरनेटिंग करंट (यूएचवीएसी) और हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन नेटवर्क के लिए बोलियों में भाग ले सकता है।

अतिरिक्त रूप से, यह महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन परियोजनाओं के लिए बोलीदाताओं के चयन हेतु टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा।

इससे बेहतर मूल्य निर्धारण सुनिश्चित होगा और अंततः उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी।

केंद्रीय विद्युत संचरण कंपनी पावरग्रिड ने हाल ही में इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी ने मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।

टैक्स के बाद स्टैंडअलोन प्रॉफिट (पीएटी) 4,160.17 करोड़ रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के 3,894.09 करोड़ रुपए से 6.8 प्रतिशत अधिक है। परिचालन से स्टैंडअलोन राजस्व 11,005.28 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष के 10,120.72 करोड़ रुपए से अधिक है।

निदेशक मंडल ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 3.25 रुपए (10 रुपए के अंकित मूल्य पर 32.5 प्रतिशत) का दूसरा अंतरिम लाभांश शामिल है। लाभांश का भुगतान 27 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की ऊर्जा नीति को भी मजबूती प्रदान करेगा। नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य प्राप्त करने में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पावरग्रिड की इक्विटी निवेश सीमा क्या है?
पावरग्रिड की इक्विटी निवेश सीमा अब प्रति सहायक कंपनी 7,500 करोड़ रुपए है।
सीसीईए का यह निर्णय कब लिया गया?
यह निर्णय 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिया गया।
पावरग्रिड का लाभांश कब भुगतान किया जाएगा?
पावरग्रिड का लाभांश 27 फरवरी, 2026 को भुगतान किया जाएगा।
कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष में कितना मुनाफा कमाया?
पावरग्रिड ने पिछले वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 4,160.17 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।
नवीनतम निर्णय का उद्देश्य क्या है?
इस निर्णय का उद्देश्य पावरग्रिड को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक निवेश करने में मदद करना है।
राष्ट्र प्रेस
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