वायनाड भूस्खलन: प्रियंका गांधी वाड्रा ने 18 दिन बाद कल्लाडी का दौरा किया, पीड़ितों को सरकारी मदद का भरोसा दिलाया
सारांश
मुख्य बातें
वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 25 जुलाई को पहली बार कल्लाडी में भूस्खलन प्रभावित स्थल का दौरा किया — यह हादसा 18 दिन पहले हुआ था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि सरकार हर ज़रूरी मदद उपलब्ध कराएगी।
दौरे का विवरण
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सुरंग निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों, ज़िला अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने मेप्पाडी विम्स अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की, जिनमें मध्य प्रदेश के वे मज़दूर भी शामिल थे जो इस भूस्खलन में घायल हुए थे। उन्होंने आईसीयू में भर्ती एक गंभीर रूप से घायल मज़दूर के परिजनों से भी भेंट की।
विलंब पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह सवाल चर्चा में रहा कि निर्वाचन क्षेत्र की सांसद को आपदा प्रभावित इलाके तक पहुँचने में 18 दिन क्यों लगे — विशेष रूप से तब, जब बचाव अभियान के शुरुआती और सबसे अहम दिनों में वे वहाँ मौजूद नहीं थीं। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वह हालात पर लगातार नज़र रख रही थीं, लेकिन यह उनका आपदा स्थल पर पहला व्यक्तिगत दौरा था।
सम्मान समारोह में संबोधन
ज़िला प्रशासन द्वारा बचाव एवं राहत कार्यों में योगदान देने वालों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "बचाव करने वालों ने यह नहीं पूछा कि पीड़ित कहाँ से आए हैं, किस धर्म के हैं या वे कौन हैं। वे बस साथी इंसानों की मदद के लिए आगे आए। यही भारत की भावना है, और हमें इसी भावना को जीवित रखना है।" इस कार्यक्रम में विभिन्न एजेंसियों के बचाव कर्मियों, स्वयंसेवकों, सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मीडियाकर्मियों को सम्मानित किया गया।
वायनाड की एकजुटता की सराहना
सांसद ने वायनाड के लोगों की इस बात के लिए प्रशंसा की कि जब भी ज़िले ने किसी प्राकृतिक आपदा का सामना किया, वहाँ के निवासी एकजुट होकर खड़े रहे। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य में शामिल स्वयंसेवकों और कर्मियों ने पीड़ितों की स्थिति, धर्म या लिंग की परवाह किए बिना मदद की — जो देश की सच्ची भावना को दर्शाता है। आगे भी ज़िले के पुनर्निर्माण और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित रहेगा।