संसद में सार्वजनिक उपक्रम समिति की 6 रिपोर्टें पेश, NHPC से बीमा तक की जांच
सारांश
मुख्य बातें
सार्वजनिक उपक्रमों पर संसदीय समिति ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को संसद में 6 रिपोर्टें प्रस्तुत कीं, जिनमें ऊर्जा, बीमा, दूरसंचार और पेट्रोलियम क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनियों के कामकाज की गहन समीक्षा शामिल है। 18वीं लोकसभा के अंतर्गत 2026-27 की ये रिपोर्टें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केंद्रपाड़ा सांसद बैजयंत जय पांडा ने सदन के पटल पर रखीं, जो इस समिति के अध्यक्ष हैं।
रिपोर्टों में क्या शामिल है
प्रस्तुत 6 रिपोर्टों में एक व्यापक जांच रिपोर्ट, एक क्षैतिज जांच रिपोर्ट और 4 कार्रवाई रिपोर्टें (ATR) शामिल हैं। समिति ने एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC) की व्यापक जांच रिपोर्ट, बीमा क्षेत्र के सरकारी उपक्रमों के प्रदर्शन की क्षैतिज जांच रिपोर्ट, तथा भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा 25,000 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करने के ऑडिट पर कार्रवाई रिपोर्ट पेश की।
इसके अलावा आरईसी लिमिटेड (REC), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) की व्यापक जांच पर कार्रवाई रिपोर्ट और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र के सरकारी उपक्रमों के प्रदर्शन पर क्षैतिज जांच की कार्रवाई रिपोर्ट भी सदन में रखी गई।
बीमा क्षेत्र पर विशेष जोर
बीमा क्षेत्र के सरकारी उपक्रमों की समीक्षा वाली रिपोर्ट में समिति ने देशभर में बीमा की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। रिपोर्ट में '2047 तक सबके लिए बीमा' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की सिफारिश की गई है।
समिति ने यह भी रेखांकित किया कि बीमा व्यवस्था में डिजिटल बदलाव लाना अनिवार्य है, ताकि सस्ते और सुलभ बीमा उत्पाद आम नागरिकों तक पहुंच सकें और प्रत्येक भारतीय को समुचित वित्तीय सुरक्षा मिल सके।
समिति की बढ़ती उत्पादकता
गौरतलब है कि इस समिति की कार्यक्षमता पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। 2024-25 में समिति ने 12 रिपोर्टें प्रस्तुत की थीं, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 18 हो गई। समिति ने 2024 में एक ही दिन में 8 रिपोर्टें और 2025 में एक ही दिन में 11 रिपोर्टें पेश कर संसदीय रिकॉर्ड भी कायम किया।
2026-27 का कार्यक्रम
आगामी सत्र के लिए समिति ने 21 विषय चिह्नित किए हैं, जिनमें विमानन, रेलवे, कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश और सरकारी कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग जैसे समसामयिक मुद्दे प्रमुख हैं। इसके अलावा ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों की भी गहन जांच की जाएगी।
समिति अध्यक्ष बैजयंत पांडा ने कहा कि इन रिपोर्टों की गुणवत्ता के पीछे समिति के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक विमर्श का बड़ा योगदान है, जिससे संसदीय जवाबदेही को नई धार मिल रही है।