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राबड़ी देवी के सरकारी बंगले विवाद पर उपेंद्र कुशवाहा का हमला: 'कानून से ऊपर कोई नहीं'

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राबड़ी देवी के सरकारी बंगले विवाद पर उपेंद्र कुशवाहा का हमला: 'कानून से ऊपर कोई नहीं'

सारांश

पटना के 10 सर्कुलर रोड बंगले को लेकर राबड़ी देवी के इनकार पर उपेंद्र कुशवाहा का सीधा हमला — 'कानून से ऊपर कोई नहीं।' साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की, ममता बनर्जी को 'बौखलाई' बताया और प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने के अधिकार का समर्थन किया।

मुख्य बातें

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करना चाहिए — 'कानून से ऊपर कोई नहीं।' 'हम नहीं करेंगे' जैसी भाषा और जबरदस्ती को कुशवाहा ने अलोकतांत्रिक करार दिया।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की कुशवाहा ने कड़ी निंदा की, हिंसा को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
ममता बनर्जी के BJP पर आरोपों को कुशवाहा ने चुनावी हार की 'बौखलाहट' बताया।
प्रशांत किशोर के बांकीपुर उपचुनाव में उतरने के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन NDA की जीत का भरोसा जताया।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने 31 मई 2026 को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर चल रहे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी द्वारा उक्त सरकारी आवास खाली करने से इनकार किए जाने के मुद्दे पर कुशवाहा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून और सरकारी नियमों से कोई भी व्यक्ति ऊपर नहीं हो सकता।

कुशवाहा का सीधा बयान

मीडिया से बातचीत में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इस पूरे मामले में संवैधानिक और कानून सम्मत तरीके से बात होनी चाहिए। उन्होंने 'हम नहीं करेंगे' जैसी भाषा और जबरदस्ती वाले बयानों को अनुचित करार दिया। कुशवाहा ने कहा कि सरकार तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत कार्य करती है, इसलिए किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को सरकारी निर्णयों का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने राजद नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों का राजनीतिक चाल-चरित्र जैसा रहा है, उनसे इस तरह की प्रतिक्रियाओं की अपेक्षा की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्तमान समय में इस प्रकार की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है।

अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा

इस दौरान पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर भी कुशवाहा ने अपनी राय रखी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की उन्होंने कड़ी निंदा की। कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और किसी भी व्यक्ति पर हमला — चाहे वह सत्ता पक्ष से हो या विपक्ष से — उचित नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि यदि किसी को किसी नेता या दल की नीतियों से असहमति है, तो उसे व्यक्त करने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक मंच उपलब्ध हैं। हिंसा या हमले जैसी घटनाएँ लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध हैं।

ममता बनर्जी के आरोपों पर पलटवार

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाए गए आरोपों पर भी कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि हालिया चुनावी पराजय के बाद ममता बनर्जी बौखलाई हुई हैं और इसी कारण वह लगातार भाजपा पर आरोप लगा रही हैं। कुशवाहा ने दावा किया कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक असफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के आरोपों का सहारा लेते हैं।

प्रशांत किशोर और बिहार के नए समीकरण

बिहार की राजनीति में उभर रहे नए समीकरणों पर भी कुशवाहा ने अपनी राय साझा की। बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नेता को चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता ही अंतिम निर्णायक है। साथ ही कुशवाहा ने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को किसी भी राजनीतिक दल से कोई बड़ी चुनौती नहीं मिलने वाली।

यह विवाद ऐसे समय में फिर उठा है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो रही है और सत्तारूढ़ गठबंधन विपक्ष पर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप लगाता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका राजनीतिक संदर्भ स्पष्ट है — बिहार चुनाव नज़दीक हैं और NDA गठबंधन राजद को 'नियम-तोड़ने वाली पार्टी' के रूप में स्थापित करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि सरकारी बंगले विवाद नए नहीं हैं और सत्ता पक्ष के नेता भी अतीत में ऐसे मामलों में उलझे रहे हैं। एक ही बयान में राबड़ी देवी, ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर — तीन अलग-अलग राजनीतिक मोर्चों पर एक साथ टिप्पणी करना बताता है कि यह प्रेस वार्ता सुविचारित राजनीतिक संदेश थी, न कि महज़ प्रतिक्रिया।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राबड़ी देवी और 10 सर्कुलर रोड बंगले का विवाद क्या है?
राजद की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी पर पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली न करने का आरोप है। सरकार द्वारा बंगला खाली करने के निर्देश के बावजूद इनकार किए जाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने इस मामले पर क्या कहा?
राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून से ऊपर कोई नहीं है और सरकारी निर्णयों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने 'हम नहीं करेंगे' जैसी भाषा को अनुचित बताया।
अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर कुशवाहा का क्या रुख रहा?
कुशवाहा ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उनके अनुसार असहमति जताने के लिए संवैधानिक मंच उपलब्ध हैं।
प्रशांत किशोर के बांकीपुर उपचुनाव लड़ने पर कुशवाहा ने क्या कहा?
कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में हर नेता और दल को चुनाव लड़ने का अधिकार है और जनता ही अंतिम निर्णय करती है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि NDA को किसी भी दल से बड़ी चुनौती नहीं मिलेगी।
ममता बनर्जी के BJP पर आरोपों पर कुशवाहा का क्या जवाब था?
कुशवाहा ने कहा कि हालिया चुनावी पराजय के बाद ममता बनर्जी बौखलाई हुई हैं और इसीलिए वह भाजपा पर आरोप लगा रही हैं। उनका दावा था कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक असफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे बयान देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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