राबड़ी देवी बंगला विवाद पर CM सम्राट चौधरी का तंज: 'मां-बेटा दोनों को चाहिए अलग सरकारी घर'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार, 2 जून को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी बंगला खाली करने से इनकार के मामले पर पहली बार सीधी प्रतिक्रिया दी। शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह राजतंत्र नहीं, लोकतंत्र है और किसी भी सरकारी आवास पर किसी की बपौती नहीं होती।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है। उन्हें इसके बदले 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला आवंटित किया गया है। हालाँकि राबड़ी देवी ने 10, सर्कुलर रोड का बंगला छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह विवाद तीखा हो गया है।
सम्राट चौधरी का तंज और अपना उदाहरण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस विवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'कुछ लोगों को मोह है — बेटे को अलग घर चाहिए और माता को अलग घर चाहिए। जनता से कोई मतलब नहीं।' उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि वे 1999 में पहली बार मंत्री बने थे और अब तक 11 घरों में रह चुके हैं — जिनमें से तीन में वे स्वयं रहे और बाकी में कार्यालय संचालित किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में कई बार मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री रहने के बावजूद वे हमेशा अपने निजी आवास में रहे।
नीतीश कुमार की तारीफ, विपक्ष पर निशाना
चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा गया, फिर भी पद छोड़ते ही उन्होंने 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री आवास खाली कर दूसरे आवास में प्रस्थान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने सेवकों को ऐसे ही देखना चाहती है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के सामने 'लोक सेवक का आवास' लिखवाया है।
सरकारी आवास पर चौधरी का रुख
मुख्यमंत्री ने दृढ़ता से कहा कि जिस दिन पार्टी और नेता कहेंगे कि काम समाप्त हो गया, वे 24 घंटे के भीतर झोला उठाकर अपने निजी घर चले जाएंगे। उन्होंने कहा, 'हम लोग जनता की भलाई के लिए आए हैं, अपने कल्याण के लिए नहीं।' यह बयान स्पष्ट रूप से राबड़ी देवी के बंगला न छोड़ने के रवैये पर परोक्ष प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
सरकारी नोटिस के बावजूद राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड में बने रहने के कारण यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उलझता दिख रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह टकराव बिहार की राजनीति में नई बहस का केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इस पर और घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।