राजद का आरोप: सीएम सम्राट चौधरी का बंगला PM आवास से भी बड़ा, 15 एकड़ में फैला निवास
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सोमवार, 1 जून को बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सरकारी आवास देश के प्रधानमंत्री के बंगले से भी बड़ा है और यह 15 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह विवाद तब और गहरा गया जब बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया।
राजद का आरोप: क्या कहा सिद्दीकी ने
राजद के प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि देश के सबसे गरीब राज्यों में शुमार बिहार के मुख्यमंत्री का बंगला 'सात सितारा' जैसा भव्य और आलीशान है। उन्होंने दावा किया कि सम्राट चौधरी ने पूर्व में उपमुख्यमंत्री के नाम आवंटित 5, देशरत्न मार्ग को भी मुख्यमंत्री निवास में मिला लिया है।
सिद्दीकी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बिहार निवास और बिहार भवन के बजाय टाइप-8 बंगला अलग से लिया है। उनके अनुसार, बिहार में उपमुख्यमंत्री के लिए दो आवास आवंटित थे, किंतु मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने निवास में समाहित कर लिया।
राजद का दोहरे मानदंड का आरोप
सिद्दीकी ने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री नियम और कानून के प्रति इतने सजग हैं, तो उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव को उनके लिए निर्धारित उपमुख्यमंत्री आवास में क्यों नहीं भेजा जा रहा? उन्होंने कहा कि यदि दोनों उपमुख्यमंत्री मंत्री की हैसियत से आवंटित पुराने आवास में रह सकते हैं, तो फिर बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष और बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रहीं राबड़ी देवी के साथ 'राजनीतिक विद्वेष और बदले की भावना' से व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
राजद नेता ने चेतावनी देते हुए कहा, 'लोक लाज और स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों को त्याग कर सम्राट चौधरी अगर ऐसे ही द्वेषपूर्ण राजनीति करेंगे तो राष्ट्रीय जनता दल के लोग अपना आवास और सुरक्षा सम्राट चौधरी को वापस देंगे ताकि वह उन सभी को स्वयं के प्रयोग में ला सकें।'
राबड़ी देवी विवाद: पूरा मामला
बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है। बदले में उन्हें 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला आवंटित किया गया है। हालाँकि, राबड़ी देवी ने यह बंगला खाली करने से इनकार कर दिया है।
पटना जिला प्रशासन ने उन्हें नव-आवंटित आवास में स्थानांतरित होने के लिए 15 दिन का समय दिया है, और इस अवधि के बाद कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह विवाद बिहार की राजनीति में एक नए टकराव का केंद्र बन गया है।
प्रेस वार्ता में कौन-कौन रहे
इस प्रेस वार्ता को राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम ने भी संबोधित किया। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि राबड़ी देवी प्रशासन की समय-सीमा के बाद क्या रुख अपनाती हैं और क्या मामला अदालत तक पहुँचता है।