राबड़ी देवी का 10 सर्कुलर रोड खाली करने से इनकार, बोलीं — 'फोर्स बुलाकर खाली कराएं'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 30 मई 2026 को सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड, पटना खाली करने के सरकारी आदेश को सीधे चुनौती दे दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे बंगला नहीं छोड़ेंगी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चाहें तो पुलिस बल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह विवाद उस वक्त सामने आया है जब नई सरकार ने सत्ता संभालने के बाद सरकारी आवासों का नए सिरे से आवंटन शुरू किया है।
मुख्य घटनाक्रम
भवन निर्माण विभाग ने शुक्रवार, 29 मई को आदेश जारी कर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया। इसके साथ ही बंगले पर नई वीवीआईपी नेमप्लेट लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई, जो औपचारिक हस्तांतरण का संकेत है।
विभाग ने इससे पहले बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आधिकारिक नोटिस जारी कर बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। राबड़ी देवी ने नोटिस की अनदेखी करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे निशाने पर लिया और कहा, 'वे अभी-अभी मुख्यमंत्री बने हैं। वे फोर्स बुलाकर आवास खाली करवाएं। हम आवास खाली नहीं करेंगे।'
बंगले का राजनीतिक महत्व
10 सर्कुलर रोड का यह बंगला बिहार की राजनीति में विशेष स्थान रखता है। वर्षों तक यह आवास पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से जुड़ा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कई महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों, रणनीतिक चर्चाओं और संगठनात्मक गतिविधियों का यह केंद्र रहा है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राजद विपक्ष में है और सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार अपने प्रशासनिक ढाँचे को पुनर्गठित कर रही है।
सरकार का पक्ष
भवन निर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह फैसला पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। विभाग का कहना है कि मंत्रियों को उनके पद के अनुरूप श्रेणीबद्ध सरकारी आवास दिए जाते हैं और इसी नियम के तहत 10 सर्कुलर रोड का बंगला मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है।
राज्य सरकार ने राबड़ी देवी को इसके बदले पटना के हार्डिंग रोड इलाके में एक नया सरकारी बंगला आवंटित किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह आवास पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी प्रोटोकॉल के अनुरूप तैयार किया गया है।
आम जनता और राजनीति पर असर
यह विवाद बिहार में सत्ता-परिवर्तन के बाद उभरे सियासी तनाव का प्रतीक बन गया है। राजद और नई सरकार के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि राबड़ी देवी ने खुले तौर पर सरकारी आदेश की अनदेखी का ऐलान किया है।
क्या होगा आगे
अब यह देखना होगा कि सम्राट चौधरी सरकार कानूनी और प्रशासनिक रास्ते से बंगला खाली कराने की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ाती है। राबड़ी देवी के कड़े रुख के बाद यह मामला न्यायिक दायरे में भी जा सकता है। बिहार की राजनीति में यह प्रकरण सत्ता और विपक्ष के बीच आगामी संघर्ष की झलक देता है।