10 सर्कुलर रोड बंगला राबड़ी देवी से छिना, मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित; हार्डिंग रोड पर नया आवास
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजनीति में प्रतीकात्मक महत्व रखने वाला पटना का 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला अब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कब्जे में नहीं रहेगा। भवन निर्माण विभाग ने 29 मई 2026 को आधिकारिक आदेश जारी कर यह बंगला बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया। इसके साथ ही बंगले पर नई वीवीआईपी नेमप्लेट लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, जो औपचारिक हस्तांतरण का स्पष्ट संकेत है।
मुख्य घटनाक्रम
भवन निर्माण विभाग ने इससे पहले बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आधिकारिक नोटिस जारी कर 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को जारी आवंटन आदेश उसी प्रक्रिया की अगली कड़ी है। विभाग के अनुसार, मंत्रियों को उनके पद की श्रेणी के अनुरूप सरकारी आवास आवंटित किए जाते हैं और इसी नीति के तहत यह निर्णय लिया गया है।
बंगले का राजनीतिक महत्व
यह बंगला बिहार की राजनीति में वर्षों से विशेष स्थान रखता है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के कार्यकाल के दौरान यह आवास राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों, रणनीतिक चर्चाओं और संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। इस कारण इसका हस्तांतरण केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बन गया है।
राबड़ी देवी को वैकल्पिक आवास
राज्य सरकार ने राबड़ी देवी को पटना के पॉश हार्डिंग रोड इलाके में नया सरकारी बंगला आवंटित किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह आवास पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरी तरह तैयार किया गया है।
सरकार का पक्ष
भवन निर्माण विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सरकारी आवास आवंटन के निर्धारित नियमों के तहत लिया गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के आवासों में इस प्रकार का फेरबदल पहले भी नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत होता रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
इस घटनाक्रम के बाद पटना के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता इसे अलग-अलग राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, जिससे इसके संभावित राजनीतिक संदेश को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हैं और राजद तथा सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच तनाव बना हुआ है।