राबड़ी देवी का पटना का 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली, 29 जून तक हस्तांतरण; 4 नोटिस के बाद शिफ्टिंग शुरू
सारांश
मुख्य बातें
पटना स्थित चर्चित 10 सर्कुलर रोड सरकारी बंगले को खाली कराने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के परिवार ने शुक्रवार, 27 जून 2026 को आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे हटवाए और घर का सामान धीरे-धीरे दूसरे स्थान पर भेजना शुरू कर दिया। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी चार नोटिसों और 29 जून 2026 की अंतिम समय-सीमा के बाद यह कदम उठाया गया है।
दो दशकों का राजनीतिक गढ़
करीब 20 वर्षों तक यह सरकारी आवास राजद की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा। राबड़ी देवी वर्ष 2006 से इस बंगले में निवास कर रही थीं — पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में और बाद में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भी लंबे समय तक इसी पते पर रहे। इन वर्षों में यहाँ राजद की संगठनात्मक बैठकें, चुनावी रणनीतियाँ और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लिए गए, जिससे 10 सर्कुलर रोड बिहार की राजनीति का एक प्रतीकात्मक पता बन गया।
नोटिस और अनुरोध: क्या हुआ अब तक
सूत्रों के अनुसार, राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड में ही बने रहने की अनुमति माँगी थी, परंतु भवन निर्माण विभाग ने यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया। विभाग द्वारा अब तक चार नोटिस जारी किए जा चुके हैं और बंगला खाली करने की अंतिम तिथि 29 जून 2026 निर्धारित की गई है। इस तिथि के बाद बंगला औपचारिक रूप से नए आवंटी को सौंप दिया जाएगा।
नया आवंटन: किसे मिला बंगला
राज्य सरकार ने 10 सर्कुलर रोड का आवंटन अब पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को कर दिया है। वहीं, राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के अनुरूप 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है। बताया जा रहा है कि नए आवास में राबड़ी देवी की ओर से कुछ संरचनात्मक बदलावों की माँग की गई थी, जिन्हें भवन निर्माण विभाग पूरा करा रहा है।
कौटिल्य नगर में निजी आवास की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि भविष्य में लालू परिवार कौटिल्य नगर में निर्माणाधीन अपने निजी आवास में भी स्थानांतरित हो सकता है। हालाँकि, इस संबंध में परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बिहार की राजनीति में प्रतीकात्मक बदलाव
सुरक्षा उपकरणों को हटाया जाना और सामान की लगातार हो रही शिफ्टिंग इस बात का संकेत है कि आवास हस्तांतरण अब अंतिम पड़ाव पर है। आलोचकों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव का इस बंगले से विदा होना बिहार की राजनीति में एक युग के अंत का प्रतीक है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब राजद विपक्ष में है और राज्य में सत्ता-समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।