18 अक्टूबर 2026
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राबड़ी देवी के सरकारी बंगले विवाद पर मंत्री लेशी सिंह का पलटवार: 'सरकार संविधान और नियम से चलती है'

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राबड़ी देवी के सरकारी बंगले विवाद पर मंत्री लेशी सिंह का पलटवार: 'सरकार संविधान और नियम से चलती है'

सारांश

राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को लेकर बिहार की राजनीति गरमाई हुई है। मंत्री लेशी सिंह ने संविधान और नियमों का हवाला देते हुए परोक्ष रूप से राजद को घेरा, जबकि उपेंद्र कुशवाहा ने 'जबरदस्ती' को सीधे नकारा। यह विवाद सत्तारूढ़ गठबंधन और राजद के बीच बढ़ते टकराव की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री लेशी सिंह ने 2 जून 2026 को कहा कि सरकार नियम, कानून, प्रक्रिया और संविधान से चलती है — राबड़ी देवी के सरकारी बंगले विवाद के संदर्भ में।
आनंद दुबे (शिवसेना यूबीटी) ने 1 जून को कहा था कि राबड़ी देवी और नीतीश कुमार दोनों को पात्रता अनुसार आवास खाली करना चाहिए।
उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) ने जबरदस्ती और नियमों की अनदेखी को अस्वीकार्य बताया; राजद नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा।
लेशी सिंह ने निशांत यादव को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के सवाल पर कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में कई राजनीतिक फैसले होंगे।
सरकारी बंगलों का रखरखाव जनता के पैसे से होता है — यह तर्क विवाद के केंद्र में है।

बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह ने 2 जून 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार सरकार नियम, कानून, प्रक्रिया और संविधान के दायरे में चलती है — और जिन लोगों के लिए ये सब मायने नहीं रखता, उनके लिए यह संदेश विशेष रूप से है। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में भी यही परंपरा रही और अब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भी शासन उसी ढर्रे पर चल रहा है।

मंत्री लेशी सिंह का सीधा बयान

लेशी सिंह ने कहा कि नियम और प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और एक-एक करके सभी सवालों के जवाब दिए जा चुके हैं। उनका यह बयान उन राजनीतिक हलकों को स्पष्ट संकेत माना जा रहा है जो राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास न छोड़ने को उचित ठहरा रहे हैं।

गौरतलब है कि यह विवाद तब और तेज हुआ जब 1 जून को शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पद छोड़ चुके नीतीश कुमार, दोनों को ही अपनी पात्रता के अनुरूप सरकारी आवास खाली करना चाहिए। दुबे ने तर्क दिया कि सरकारी बंगलों का रखरखाव जनता के पैसे से होता है, इसलिए पद छोड़ने के बाद नियमों का पालन अनिवार्य है।

उपेंद्र कुशवाहा की तीखी प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इस मामले में और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को कानून और सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या नियमों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है।

कुशवाहा ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में कानूनसम्मत और संवैधानिक तरीके से बात होनी चाहिए। उन्होंने 'हम नहीं करेंगे' जैसी भाषा और जबरदस्ती वाले बयानों को अनुचित बताया। राजद नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों का राजनीतिक चाल-चरित्र जैसा रहा है, उनसे इस तरह की प्रतिक्रियाओं की अपेक्षा की जा सकती है।

निशांत यादव की नई जिम्मेदारी पर भी बोलीं लेशी सिंह

पत्रकारों ने निशांत यादव को बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर भी लेशी सिंह से सवाल किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अनिवार्य रूप से होती है और इस दौरान कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले लिए जाएंगे।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। सरकारी आवास आवंटन के नियम स्पष्ट हैं — पद छोड़ने के बाद निर्धारित समयसीमा में आवास खाली करना अनिवार्य होता है। आलोचकों का कहना है कि नियमों के प्रति चयनात्मक दृष्टिकोण लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख को कमजोर करता है।

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि बिहार सरकार इस मामले में कोई औपचारिक कार्रवाई करती है या विवाद राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल नहीं पूछती कि क्या राज्य सरकार ने कोई औपचारिक नोटिस या कानूनी प्रक्रिया शुरू की है — या यह केवल बयानबाजी तक सीमित है। जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, यह विवाद चुनावी मौसम में दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक राजनीतिक ईंधन बना रहेगा।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राबड़ी देवी के सरकारी बंगले का विवाद क्या है?
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर आरोप है कि वे पद छोड़ने के बाद भी सरकारी आवास में रह रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं और अन्य दलों ने सरकारी बंगला खाली करने की माँग की है।
मंत्री लेशी सिंह ने इस विवाद पर क्या कहा?
बिहार मंत्री लेशी सिंह ने 2 जून 2026 को कहा कि सरकार नियम, कानून, प्रक्रिया और संविधान से चलती है और इस मामले में नियमों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक-एक करके सभी सवालों के जवाब दिए जा चुके हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने इस मामले में क्या रुख अपनाया?
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को कानून और नियमों का पालन करना चाहिए तथा जबरदस्ती या नियमों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राजद नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए 'हम नहीं करेंगे' जैसी भाषा को अनुचित बताया।
शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे ने क्या कहा था?
1 जून को आनंद दुबे ने कहा था कि राबड़ी देवी और नीतीश कुमार — दोनों को ही अपनी पात्रता के अनुरूप सरकारी आवास खाली करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि सरकारी बंगलों का रखरखाव जनता के पैसे से होता है।
इस विवाद का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद सत्तारूढ़ गठबंधन और राजद के बीच पहले से चल रहे राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। आलोचकों का कहना है कि जब तक सरकार कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई नहीं करती, यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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