राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता मामले में हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, एफआईआर दर्ज करने का निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
- सीबीआई को मामले की जांच सौंपने की अनुमति दी गई।
- यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
- याचिकाकर्ता को सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
- सामाजिक मीडिया पर इसे महत्वपूर्ण फैसला बताया गया।
लखनऊ, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की विवादित ब्रिटिश नागरिकता से संबंधित मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने रायबरेली जिले के कोतवाली पुलिस को राहुल गांधी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस को मामले की जांच करने का आदेश भी दिया गया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ द्वारा पारित किया गया। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने इसे “ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसला” बताते हुए कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी याचिका को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित से जुड़ा हुआ है।
विग्नेश शिशिर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि अदालत के सामने प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में कथित तौर पर ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े तथ्यों का उल्लेख किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने “टॉप सीक्रेट फाइल्स” को अदालत के सामने पेश करने की अनुमति दी।
याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत में आग्रह किया कि मामले की जांच को केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाए। अदालत ने जांच को सीबीआई को सौंपने की अनुमति दे दी है।
विग्नेश शिशिर ने यह भी कहा कि मामले की प्रक्रिया के दौरान उन्हें गंभीर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से उनकी सुरक्षा को बढ़ाने का अनुरोध किया है।
उन्होंने देशवासियों और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्थन और प्रार्थनाओं के बिना वह इस महत्वपूर्ण मामले को आगे नहीं बढ़ा पाते। उन्होंने आगे की कानूनी प्रक्रिया में सभी के सहयोग की अपेक्षा भी जताई है।