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क्या संघ सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहता है? लोकसभा में आरएसएस पर राहुल गांधी का बड़ा हमला

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क्या संघ सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहता है? लोकसभा में आरएसएस पर राहुल गांधी का बड़ा हमला

सारांश

राहुल गांधी ने लोकसभा में आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे सत्ता पक्ष में हंगामा मच गया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर संघ के प्रभाव का जिक्र किया। क्या यह सच है कि संघ सभी संस्थाओं पर नियंत्रण चाहता है?

मुख्य बातें

राहुल गांधी का आरएसएस पर आरोप गंभीर है।
शैक्षणिक संस्थाओं में नियुक्तियों पर संघ का प्रभाव।
महात्मा गांधी की खादी का महत्व।
लोकतंत्र के लिए यह एक चिंता का विषय है।
भारत के चुनावी प्रक्रिया में बदलाव।

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को चुनाव सुधार पर चर्चा हो रही है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान आरएसएस पर देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "क्या आपने कभी सोचा है कि महात्मा गांधी ने खादी पर इतना जोर क्यों दिया? उन्होंने आजादी की लड़ाई खादी के कॉन्सेप्ट के इर्द-गिर्द क्यों लड़ी? उन्होंने सिर्फ खादी ही क्यों पहनी? यह केवल एक कपड़ा नहीं है, यह भारत के लोगों की भावना है।"

असमिया गमछे से लेकर कांचीपुरम साड़ी तक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा देश भी एक फैब्रिक की तरह है। देश के सारे धागे एक जैसे हैं। हमारा देश 150 करोड़ लोगों से बना है और सारे धागे एक जैसे हैं। आरएसएस सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहता है। 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की छाती में तीन गोलियां लगीं। नाथूराम गोड्से ने हमारे राष्ट्रपिता की हत्या कर दी।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह असहज करने वाला सच है, लेकिन इसे कहना होगा। सभी लोग जानते हैं कि कैसे भारत के विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलरों की नियुक्ति हो रही है। इससे कोई मतलब नहीं है कि व्यक्ति की योग्यता क्या है, बस उसकी एक योग्यता है कि वह संघ से जुड़ा हो।

राहुल गांधी द्वारा आरएसएस पर निशाना साधे जाने के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि आप चुनाव सुधार पर बोलिए, किसी संगठन का नाम मत लीजिए। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम लोग नेता प्रतिपक्ष को सुनने के लिए बैठे हैं, लेकिन अगर वह विषय पर ही नहीं बोलेंगे, तो सबका समय खराब होगा।

सत्ता पक्ष की ओर से विरोध जताने पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। शैक्षणिक संस्थाओं पर कब्जा किया जा रहा है। कुलपति की नियुक्ति एक संगठन से जुड़ाव के आधार पर की गई है। संस्था के लोगों ने सीबीआई-ईडी पर कब्जा किया है। चुनाव आयोग पर भी एक संस्था का कब्जा है, जो चुनाव को नियंत्रित करती है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं जो कुछ भी कह रहा हूं, उसके मेरे पास सबूत हैं। भाजपा लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है। सीजेआई को सीईसी की नियुक्ति प्रक्रिया से हटाया गया। 2023 में नियम बदलकर यह प्रावधान किया गया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा किया गया। सीसीटीवी और डेटा को लेकर भी नियम बदले गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे गंभीर हैं और लोकतंत्र की नींव को हिला सकते हैं। यह राष्ट्रीय स्तर पर विचार करने का विषय है कि यदि किसी संगठन का इतना प्रभाव है, तो क्या यह हमारे लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा नहीं है?
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने आरएसएस पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहता है, विशेषकर शैक्षणिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर।
महात्मा गांधी ने खादी को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना?
महात्मा गांधी ने खादी को स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में देखा और इसे भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा माना।
आरएसएस का क्या प्रभाव है भारतीय राजनीति पर?
आरएसएस का प्रभाव भारतीय राजनीति में काफी गहरा है, जिसके कारण कई संस्थाओं में उसके सदस्यों की नियुक्ति होती है।
राष्ट्र प्रेस
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