1 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मालेगांव पुलिस ने रेल यात्रियों के मोबाइल चोर को दबोचा, 18 फोन बरामद; कीमत ₹2.53 लाख

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मालेगांव पुलिस ने रेल यात्रियों के मोबाइल चोर को दबोचा, 18 फोन बरामद; कीमत ₹2.53 लाख

सारांश

महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रेल यात्रियों के मोबाइल चुराने वाले शातिर आरोपी किशनलाल तापड़िया को मेडशी गांव से दबोचा। उसके पास से ₹2.53 लाख कीमत के 18 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें से एक भुसावल जीआरपी के दर्ज मामले से जुड़ा निकला।

मुख्य बातें

मालेगांव पुलिस ने 30 जून 2026 को मोबाइल चोर किशनलाल शंकरलाल तापड़िया (40 वर्ष, परभणी) को मेडशी गांव से गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से 18 चोरी के मोबाइल फोन बरामद, कुल कीमत ₹2 लाख 53 हजार 500 रुपए ।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि सभी फोन रेल यात्रियों से चोरी किए गए थे।
एक मोबाइल भुसावल रेल जीआरपी थाने में दर्ज चोरी के मामले से संबंधित निकला।
आरोपी पर महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 124 के तहत कार्रवाई की गई है।

महाराष्ट्र के वाशिम जिले की मालेगांव पुलिस ने 30 जून 2026 को एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया, जो रेलगाड़ियों में यात्रा करने वाले यात्रियों के मोबाइल फोन चुराता था। आरोपी के पास से 18 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल बाज़ार कीमत ₹2 लाख 53 हजार 500 रुपए आंकी गई है।

गिरफ्तारी कैसे हुई

मालेगांव पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मेडशी गांव में बिना बिल के कम कीमत पर मोबाइल फोन बेच रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान किशनलाल शंकरलाल तापड़िया (आयु 40 वर्ष), निवासी चाटोरी, तहसील पालम, जिला परभणी के रूप में हुई है। आरोपी के बैग की तलाशी में विभिन्न कंपनियों के 18 मोबाइल फोन मिले।

पूछताछ में क्या सामने आया

पुलिस की पूछताछ में आरोपी किशनलाल तापड़िया ने स्वीकार किया कि उसने ये सभी मोबाइल फोन रेल यात्रियों से चोरी किए थे। जांच के दौरान बरामद फोनों में से एक मोबाइल भुसावल रेल जीआरपी थाने में दर्ज चोरी के मामले का निकला, जिसके बाद मालेगांव पुलिस ने भुसावल जीआरपी को तत्काल सूचित किया।

कानूनी कार्रवाई

आरोपी के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 124 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद मोबाइलों के अन्य मालिकों की पहचान के लिए जांच जारी है।

आम जनता पर असर

यह गिरफ्तारी रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज़ से अहम है। गौरतलब है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। इसी क्रम में मंगलवार को दिल्ली के गांधी नगर थाना पुलिस ने भी एक फैक्ट्री चोरी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। उस मामले में ₹7 हजार की नकदी और एक चोरी की स्कूटी बरामद हुई, साथ ही वाहन चोरी के दो अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ।

क्या होगा आगे

मालेगांव पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने किन-किन ट्रेनों में चोरी की वारदातें अंजाम दीं। रेलवे जीआरपी के साथ समन्वय कर बाकी फोनों के असली मालिकों तक पहुंचने की प्रक्रिया चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के बीच समन्वय की कमी के चलते ऐसे आरोपी कितने समय तक सक्रिय रहते हैं। भुसावल जीआरपी के मामले का इस जांच में सामने आना यह भी बताता है कि अंतर-जिला और अंतर-थाना समन्वय अभी भी प्रतिक्रियाशील है, न कि सक्रिय।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालेगांव पुलिस ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
मालेगांव पुलिस ने आरोपी किशनलाल शंकरलाल तापड़िया (40 वर्ष, निवासी परभणी) को महाराष्ट्र के वाशिम जिले के मेडशी गांव से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
आरोपी के पास से कितने मोबाइल फोन बरामद हुए और उनकी कीमत क्या है?
आरोपी के पास से विभिन्न कंपनियों के 18 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत ₹2 लाख 53 हजार 500 रुपए बताई जा रही है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि ये सभी फोन रेल यात्रियों से चोरी किए गए थे।
भुसावल जीआरपी का इस मामले से क्या संबंध है?
बरामद 18 मोबाइलों में से एक फोन भुसावल रेल जीआरपी थाने में दर्ज चोरी के मामले से संबंधित निकला। इसके बाद मालेगांव पुलिस ने भुसावल जीआरपी को तुरंत सूचित किया और जांच में समन्वय स्थापित किया।
आरोपी के खिलाफ कौन-सी धारा के तहत कार्रवाई की गई है?
आरोपी किशनलाल तापड़िया के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 124 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य बरामद मोबाइलों के असली मालिकों की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है।
पुलिस को आरोपी का सुराग कैसे मिला?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मेडशी गांव में बिना बिल के कम कीमत पर मोबाइल बेच रहा है। इसी सूचना के आधार पर मालेगांव पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को हिरासत में लिया और उसके बैग की तलाशी ली।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले