9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मिसिंग लिंक सुरंग रिसाव पर राज ठाकरे का फडणवीस पर प्रहार: 'भ्रष्टाचार से घटिया निर्माण'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मिसिंग लिंक सुरंग रिसाव पर राज ठाकरे का फडणवीस पर प्रहार: 'भ्रष्टाचार से घटिया निर्माण'

सारांश

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक सुरंग में 1 मई के उद्घाटन के कुछ दिनों बाद ही पानी रिसाव को भ्रष्टाचार की निशानी बताया और CM फडणवीस की 'देख लूंगा' वाली भाषा पर कड़ा ऐतराज जताया। राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी पर भी BJP को घेरा।

मुख्य बातें

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने 9 जुलाई 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक सुरंग में पानी रिसाव को लेकर CM देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला।
सुरंग का उद्घाटन 1 मई को हुआ था; कुछ ही दिनों में रिसाव और हिस्से गिरने की खबरें आईं।
राज ठाकरे ने भ्रष्टाचार को घटिया निर्माण का कारण बताया और सभी निर्माण कार्य रोककर शहर की व्यवस्था सुधारने की माँग की।
CM के 'देख लूंगा' वाले हिंदी बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा — महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती।
राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी पर भी BJP को घेरा; दावा किया कि 15 में से 12 ट्रस्टी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त हैं।
2008 के रेलवे भर्ती आंदोलन का हवाला देते हुए मनसे कार्यकर्ताओं को रेलवे भर्ती और स्टॉल आवंटन पर नजर रखने का निर्देश दिया।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने 9 जुलाई 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' सुरंग में हाल ही में हुए पानी के रिसाव को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भावनात्मक बयानबाजी की आड़ में अपनी नाकामियों को छिपा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

मनसे रेलवे कामगार सेना की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राज ठाकरे ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें फडणवीस ने विपक्ष को इस मुद्दे का 'राजनीतिकरण' न करने की चेतावनी दी थी।

राज ठाकरे ने कहा, 'वाह! वे (देवेंद्र फडणवीस) कहते हैं कि इसे राजनीतिक रंग मत दो। जब कोई बोलता है, तो उनके लिए यह 'राजनीति' बन जाती है। विपक्ष में रहते हुए आप इतने सालों तक क्या कर रहे थे? पिछली सरकारों के खिलाफ आपने जो आंदोलन किए, क्या वे 'राजनीति' नहीं थे? अब जब आप पर दबाव बढ़ रहा है, तो आप कह रहे हैं कि विपक्ष राजनीति कर रहा है।'

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मिसिंग लिंक पर सवाल करना महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो सकता है।

निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

राज ठाकरे ने कहा कि 1 मई को उद्घाटन हुआ और कुछ ही दिनों में सुरंग से पानी टपकने लगा तथा हिस्से गिरने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कारण घटिया निर्माण हो रहा है और जनता को खराब सड़कें व अधूरे प्रोजेक्ट मिल रहे हैं।

उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि 1800 के दशक में बना छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटी) स्टेशन और पुराने पुल आज भी मजबूत हैं, जबकि नए प्रोजेक्ट कुछ ही समय में जर्जर हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि फिलहाल सभी निर्माण कार्य रोककर पहले शहर की बुनियादी व्यवस्था सुधारी जाए।

मुख्यमंत्री की भाषा और जवाबदेही पर आपत्ति

मुख्यमंत्री फडणवीस के 'देख लूंगा' वाले बयान पर भी राज ठाकरे ने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री का हिंदी में दिया गया बयान महाराष्ट्र के विधायकों के लिए था या दिल्ली के नेताओं के लिए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए स्पष्ट रूप से कहना चाहिए था कि वे मामले में हस्तक्षेप करेंगे और काम पूरा करवाएंगे।

राम मंदिर ट्रस्ट और भ्रष्टाचार के आरोप

राज ठाकरे ने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर में दान की रकम में चोरी हुई है तो इस पर खुली चर्चा होनी चाहिए और यह पूछा कि चोरी की बात करना धर्म का अपमान कैसे हो सकता है।

उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को सबसे पहले BJP के ही एक सांसद ने उठाया था और ट्रस्ट के 15 में से 12 ट्रस्टी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटना होती तो BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) बड़े आंदोलन करते।

मनसे की रेलवे विरासत और कार्यकर्ताओं को निर्देश

2008 के रेलवे भर्ती आंदोलन को याद करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि उसी आंदोलन से मनसे को पहचान मिली और पार्टी का चुनाव चिह्न भी रेल इंजन बना। उन्होंने बताया कि उस समय महाराष्ट्र में रेलवे भर्ती की सूचनाएँ उत्तर प्रदेश और बिहार के अखबारों में छपती थीं, मराठी युवाओं तक नहीं पहुँचती थीं। आंदोलन के बाद स्थानीय भाषा में परीक्षा देने की सुविधा शुरू हुई, जिससे हजारों मराठी युवाओं को रोजगार मिला।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि रेलवे भर्ती, प्लेटफॉर्म पर स्टॉल आवंटन और रेलवे में कौन नौकरी कर रहा है — इन सभी पर लगातार नजर रखें। उनका संदेश था: 'जागे रहो, सतर्क रहो, बेसावध मत रहो।'

मिसिंग लिंक विवाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में सरकार पर जवाबदेही का दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी सच है कि मनसे खुद लंबे समय से सत्ता के हाशिये पर रही है और इस विवाद में उसकी प्रासंगिकता को पुनर्स्थापित करने की कोशिश साफ दिखती है। CM फडणवीस का 'देख लूंगा' वाला बयान प्रशासनिक जवाबदेही की भाषा नहीं है — यह राजनीतिक दबाव में दी गई प्रतिक्रिया है। असली परीक्षा यह है कि सरकार सुरंग की गुणवत्ता जाँच के लिए कोई स्वतंत्र तकनीकी समिति बनाती है या नहीं — अन्यथा यह विवाद अगले चुनाव तक सुलगता रहेगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक सुरंग में क्या हुआ?
1 मई 2026 को उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक सुरंग में पानी रिसाव और हिस्से गिरने की घटनाएँ सामने आईं। इसने निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के आरोपों को हवा दी।
राज ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस पर क्या आरोप लगाए?
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि CM फडणवीस भावनात्मक बयानबाजी की आड़ में सरकार की नाकामियाँ छिपा रहे हैं। उन्होंने CM के 'देख लूंगा' वाले बयान को अशोभनीय बताया और कहा कि विपक्ष की आलोचना को 'राजनीति' कहना दोहरा मापदंड है।
राज ठाकरे ने राम मंदिर ट्रस्ट के बारे में क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चढ़ावा चोरी पर खुली चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के 15 में से 12 ट्रस्टी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त हैं और इस मुद्दे को सबसे पहले BJP के एक सांसद ने ही उठाया था।
मनसे का 2008 का रेलवे आंदोलन किस बारे में था?
2008 में मनसे ने रेलवे भर्ती में मराठी युवाओं को प्राथमिकता दिलाने के लिए आंदोलन किया था। इसके बाद स्थानीय भाषा में परीक्षा देने की सुविधा शुरू हुई, जिससे हजारों मराठी युवाओं को रोजगार मिला और मनसे का चुनाव चिह्न रेल इंजन बना।
मिसिंग लिंक सुरंग विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह विवाद महायुति सरकार के लिए बड़ी जवाबदेही की चुनौती बन गया है। विपक्षी दलों और अब मनसे के दबाव के बीच सरकार पर स्वतंत्र जाँच और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 1 साल पहले