31 जुलाई 2026
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राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 बेंच गठित कीं, सभी 39 जज तीन दिन जयपुर में रहेंगे

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राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 बेंच गठित कीं, सभी 39 जज तीन दिन जयपुर में रहेंगे

सारांश

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 25 बेंच गठित कीं, ताकि सभी 39 जज जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में रहते हुए भी न्यायिक कार्यवाही बाधित न हो। जोधपुर मुख्य पीठ के मामले वीसी से सुने जाएंगे।

मुख्य बातें

राजस्थान हाईकोर्ट ने 31 जुलाई 2026 को 4 बड़ी बेंच , 6 डिवीजन बेंच और 15 सिंगल बेंच — कुल 25 बेंच — गठित कीं।
सभी 39 न्यायाधीश तीन दिन जयपुर में राजस्थान स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे।
जोधपुर मुख्य पीठ के मामले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुने जाएंगे।
बड़ी बेंचें 1989 से लंबित मनु मूर्ति याचिका और पॉक्सो दोषियों की ओपन जेल पात्रता जैसे अहम मामले सुनेंगी।
सम्मेलन में कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और नीति-निर्माता शामिल होंगे।

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अभूतपूर्व प्रशासनिक व्यवस्था के तहत 31 जुलाई 2026 को 25 बेंच का गठन किया, ताकि सभी 39 न्यायाधीश जयपुर में रहते हुए भी न्यायिक कार्यवाही निर्बाध रूप से जारी रख सकें। जोधपुर स्थित मुख्य पीठ से जुड़े मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी, जबकि जयपुर बेंच के मामले सीधे सुने जाएंगे।

बेंच गठन का विवरण

हाईकोर्ट ने दिन की कार्यवाही के लिए 4 बड़ी बेंच, 6 डिवीजन बेंच और 15 सिंगल बेंच गठित की हैं। इनमें से 1 बड़ी बेंच, 3 डिवीजन बेंच और 4 सिंगल बेंच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जोधपुर मुख्य पीठ के मामले देखेंगी। जयपुर बेंच में दायर मामलों के लिए 3 बड़ी बेंच, 3 डिवीजन बेंच और 11 सिंगल बेंच बनाई गई हैं।

अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का संदर्भ

यह विशेष व्यवस्था इसलिए की गई है क्योंकि सभी न्यायाधीश शुक्रवार शाम से शुरू होने वाले तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए जयपुर में हैं। राजस्थान स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय शांति, मध्यस्थता और कानून का शासन है। इसमें कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, मध्यस्थ, विद्वान और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।

बड़ी बेंचों के समक्ष महत्वपूर्ण मामले

बड़ी बेंचें कई अहम कानूनी प्रश्नों पर सुनवाई करेंगी। इनमें शामिल हैं — वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दिए जाने का प्रश्न; आचार्य धर्मेंद्र और अन्य द्वारा 1989 से दायर वे याचिकाएं जो जयपुर बेंच परिसर में मनु की मूर्ति स्थापित करने से संबंधित हैं; और पॉक्सो एक्ट के तहत सज़ा काट रहे दोषियों तथा नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के दोषियों की ओपन जेल में स्थानांतरण की पात्रता से जुड़े कानूनी मुद्दे।

न्यायिक निरंतरता की दृष्टि से महत्व

गौरतलब है कि इस तरह की एकीकृत व्यवस्था राजस्थान हाईकोर्ट के इतिहास में विरल है, जहाँ एक साथ दो पीठों — जोधपुर और जयपुर — का संचालन होता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य पीठ के मामलों को जारी रखना तकनीकी अवसंरचना पर हाईकोर्ट की बढ़ती निर्भरता को भी दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी बेंचों के निर्णय भविष्य में इसी प्रकार के मामलों के लिए आधिकारिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

आगे क्या

तीन दिवसीय सम्मेलन की समाप्ति के बाद न्यायाधीश अपनी नियमित पीठों पर लौट जाएंगे। इस दौरान बड़ी बेंचों द्वारा दिए गए निर्णय दीर्घकालिक न्यायिक प्रभाव डाल सकते हैं, विशेष रूप से पॉक्सो मामलों और ऐतिहासिक लंबित याचिकाओं के संदर्भ में।

संपादकीय दृष्टिकोण

1989 से लंबित मनु मूर्ति याचिका का इस विशेष बैठक में सूचीबद्ध होना संयोग नहीं लगता — यह देखना होगा कि बड़ी बेंच इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 बेंच क्यों गठित कीं?
सभी 39 न्यायाधीश तीन दिन जयपुर में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, इसलिए न्यायिक कार्यवाही बाधित न हो, इसके लिए यह विशेष व्यवस्था की गई। 4 बड़ी बेंच, 6 डिवीजन बेंच और 15 सिंगल बेंच गठित की गई हैं।
जोधपुर मुख्य पीठ के मामले कैसे सुने जाएंगे?
जोधपुर मुख्य पीठ से जुड़े मामले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुने जाएंगे। इसके लिए 1 बड़ी बेंच, 3 डिवीजन बेंच और 4 सिंगल बेंच निर्धारित की गई हैं।
जयपुर में कौन-सा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है?
राजस्थान स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा शांति, मध्यस्थता और कानून के शासन पर एक तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, मध्यस्थ और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।
बड़ी बेंचों के समक्ष कौन-से प्रमुख मामले हैं?
बड़ी बेंचें वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के मामलों को प्राथमिकता देने के प्रश्न, 1989 से लंबित मनु मूर्ति याचिका और पॉक्सो दोषियों की ओपन जेल में स्थानांतरण पात्रता से जुड़े मामले सुनेंगी। इन निर्णयों से भविष्य के मामलों के लिए आधिकारिक मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।
यह व्यवस्था राजस्थान हाईकोर्ट के लिए कितनी असामान्य है?
राजस्थान हाईकोर्ट दो पीठों — जोधपुर और जयपुर — से संचालित होता है। सभी 39 न्यायाधीशों का एक साथ एक स्थान पर रहते हुए दोनों पीठों की कार्यवाही जारी रखना एक विरल प्रशासनिक व्यवस्था है।
राष्ट्र प्रेस
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