राजस्थान: खेल के दौरान तीन बच्चों की जान गई, एक की बची जान
सारांश
Key Takeaways
- तीन बच्चों की मौत एक दुखद घटना है।
- खेल के दौरान सुरक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है।
- एक बच्चे ने अपनी जान बचाई और चिल्लाने से मदद बुलाई।
- पुलिस ने मामले की जांच की और शव परिजनों को सौंपे।
- परिवारों की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है।
सीकर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सीकर के नेछवा थाना क्षेत्र के गनेड़ी गांव में बच्चों द्वारा खेल के दौरान बनाई गई मिट्टी की सुरंग अचानक ढह गई, जिससे तीन मासूमों की जान चली गई। इनका चौथा साथी, जो इस घटना के समय सुरंग के पास था, अपनी जान बचाने में सफल रहा। उसकी चिल्लाने की आवाज ने गांव के लोगों को इस दुखद घटना की जानकारी दी। तीनों मृतक बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
यह घटना सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे हुई। गनेड़ी गांव में बच्चों ने 3 से 4 फीट ऊंचे मिट्टी के टीले के नीचे सुरंग बनाई थी। होलाश मेघवाल (10), गौतम सैनी (14), दीपेश नायक (12) और कृष्णा नाम का बच्चा सुरंग के पास खेल रहे थे। कृष्णा सुरंग के बाहर था, जबकि अन्य तीन अंदर चले गए। अचानक मिट्टी ढह गई और होलाश, गौतम और दीपेश उसके नीचे दब गए। कृष्णा ने अपने दोस्तों को निकालने की कोशिश की, लेकिन जब वो सफल नहीं हो पाया, तो उसने चिल्लाना शुरू किया।
कृष्णा की आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और नेछवा पुलिस को सूचित किया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मिट्टी हटाकर तीनों बच्चों को निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिए हैं।
होलाश के पिता नानूराम की एक साल पहले मृत्यु हो चुकी थी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। दीपेश के पिता ने भी लगभग 1.5 से 2 साल पहले आत्महत्या कर ली थी। दोनों बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। नेछवा थाना के एसएचओ कैलाश चंद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा खेल के दौरान हुआ।