ऑपरेशन टाइगर पर राजू वाघमारे का जवाब: बहुमत हमारे पास, यूबीटी सांसदों की बगावत के दावे बेबुनियाद
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 13 जून को महाराष्ट्र की राजनीति में उठे 'ऑपरेशन टाइगर' के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार के पास पूर्ण बहुमत है और किसी भी राजनीतिक ऑपरेशन की कोई आवश्यकता नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की अटकलों के बीच यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
वाघमारे ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि 'ऑपरेशन टाइगर' जैसी किसी प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, वर्तमान में न कोई चुनाव है और न ही सरकार के बहुमत पर कोई संकट — ऐसे में इस तरह के दावे राजनीतिक रूप से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह स्थिर स्थिति में है।
कॉमेडी शो विवाद पर प्रतिक्रिया
वाघमारे ने एक कॉमेडी शो में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टैंड-अप कॉमेडी या टॉक शो में किसी मृत व्यक्ति के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताते हुए कहा कि एक डॉक्टर जैसे पेशेवर व्यक्ति द्वारा इस तरह का मज़ाक निंदनीय है।
टीएमसी पर हमला
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर कथित असंतोष को लेकर भी कई नेताओं ने निशाना साधा। वाघमारे ने कहा कि TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से पार्टी के कई सांसद कथित तौर पर नाराज बताए जा रहे हैं और नेतृत्व के भीतर असहमति खुलकर सामने आने लगी है।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भी इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में TMC सरकार के दौरान अभिषेक बनर्जी का प्रभाव काफी अधिक रहा है और कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका प्रमुख रही।
भाजपा का आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने TMC पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में भारी असंतोष है और जनता के बीच भी सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि TMC का गठन कांग्रेस से अलग होकर हुआ था और उसके शुरुआती दौर में भी राजनीतिक टकराव की स्थितियाँ रही थीं।
आगे क्या
महाराष्ट्र की राजनीति में इस तरह की बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास आघाड़ी (MVA) के बीच तनातनी जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि शिवसेना (यूबीटी) इन दावों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है।