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राकेश टिकैत के नेतृत्व में 14 सितंबर को गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों के खिलाफ महापंचायत

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राकेश टिकैत के नेतृत्व में 14 सितंबर को गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों के खिलाफ महापंचायत

सारांश

राकेश टिकैत ने मथुरा से गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों के खिलाफ 14 सितंबर को एक साथ महापंचायत का ऐलान किया है। BKU का कहना है — माँगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

मुख्य बातें

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने 14 सितंबर 2026 को महापंचायत का ऐलान किया।
महापंचायत नोएडा प्राधिकरण , ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण — तीनों के कार्यालयों पर एक साथ होगी।
घोषणा मथुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई।
संगठन के तीनों जिलाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र में किसानों को जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है।
BKU ने स्पष्ट किया है कि माँगें पूरी होने तक लगातार धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों — नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण — के खिलाफ 14 सितंबर 2026 को एक साथ महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। मथुरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह ऐलान किया गया, जिसमें किसानों की लंबित माँगों के समाधान न होने को आंदोलन तेज करने का मुख्य कारण बताया गया।

महापंचायत की रूपरेखा

संगठन के अनुसार, 14 सितंबर 2026, सोमवार को तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में एक साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। नोएडा क्षेत्र के किसान नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय के सामने, ग्रेटर नोएडा के किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सामने और यमुना क्षेत्र के किसान यमुना प्राधिकरण के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। संगठन के तीनों जिलाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

किसानों की माँगें और असंतोष

भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में किसानों के लंबित मामलों और प्राधिकरणों की नीतियों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। संगठन का दावा है कि बार-बार संवाद के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं मिला, जिसके चलते अब एक साथ तीनों प्राधिकरणों के खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BKU ने गौतमबुद्ध नगर में आंदोलन का रास्ता अपनाया है — क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े विवाद वर्षों से किसानों और प्राधिकरणों के बीच टकराव का केंद्र रहे हैं।

आंदोलन की निरंतरता

भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन केवल एक दिन की महापंचायत तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन की ओर से कहा गया है कि 'संघर्ष से समाधान तक' का रास्ता अपनाते हुए किसानों की माँगें पूरी होने तक लगातार धरना-प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों से संपर्क कर अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासन के लिए चुनौती

महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना को देखते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के प्रशासन एवं पुलिस के सामने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी। संगठन का दावा है कि तीनों क्षेत्रों से भारी तादाद में किसान इस आंदोलन में शिरकत करेंगे। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में किसान संगठनों की गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े मामले वर्षों से अनसुलझे पड़े हैं। तीनों प्राधिकरणों पर एक साथ दबाव बनाने की रणनीति BKU की संगठनात्मक ताकत दिखाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या महापंचायत प्रशासन को वार्ता की मेज पर लाएगी या केवल दबाव का प्रदर्शन बनकर रह जाएगी। पिछले आंदोलनों में भी इसी तरह की घोषणाएँ हुईं, पर दीर्घकालिक समाधान नहीं निकला। जब तक किसानों की माँगों का ठोस और समयबद्ध निपटारा नहीं होता, ऐसे आंदोलन चक्र दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 सितंबर की महापंचायत क्या है और यह कहाँ होगी?
यह भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित एक साथ तीन स्थानों पर होने वाला विरोध प्रदर्शन है — नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण के कार्यालयों पर। इसका नेतृत्व BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत करेंगे।
किसान इन तीनों प्राधिकरणों के खिलाफ क्यों आंदोलन कर रहे हैं?
BKU के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर के किसानों की प्राधिकरणों से जुड़ी विभिन्न माँगें और लंबित मामले लंबे समय से अनसुलझे हैं। बार-बार संवाद के बावजूद अपेक्षित समाधान न मिलने के कारण संगठन ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
क्या यह आंदोलन सिर्फ एक दिन तक सीमित रहेगा?
नहीं। BKU ने स्पष्ट किया है कि 'संघर्ष से समाधान तक' के नारे के साथ किसानों की माँगें पूरी होने तक लगातार धरना-प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। 14 सितंबर की महापंचायत आंदोलन की शुरुआत है, अंत नहीं।
महापंचायत की घोषणा कहाँ और किसने की?
BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने मथुरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस महापंचायत की घोषणा की। संगठन ने 4 सितंबर 2026 को यह जानकारी जारी की।
इस आंदोलन का प्रशासन पर क्या असर पड़ सकता है?
तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में एक साथ बड़ी संख्या में किसानों के जुटने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।
राष्ट्र प्रेस
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