ब्लर्ग्स एआई को ₹22 लाख डॉलर की फंडिंग, भारतीय नौसेना-DRDO को देता है रियल-टाइम AI इंटेलिजेंस
सारांश
मुख्य बातें
आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित डीप-टेक स्टार्टअप ब्लर्ग्स एआई ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए स्वदेशी रियल-टाइम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित करने के क्रम में 22 लाख अमेरिकी डॉलर की फंडिंग जुटाई है। 7 जुलाई 2026 को सामने आई इस जानकारी के अनुसार, कंपनी की तकनीक पहले से ही भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशालाओं में सक्रिय रूप से उपयोग हो रही है। यह फंडिंग स्टार्टअप के वैश्विक विस्तार की योजनाओं को गति देगी।
मुख्य घटनाक्रम
चेन्नई और बेंगलुरु से संचालित ब्लर्ग्स एआई रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और वाणिज्यिक समुद्री क्षेत्रों के लिए ऐसे एआई प्लेटफॉर्म तैयार करती है जो वास्तविक समय में सूचना संग्रह, विश्लेषण और परिचालन निर्णय-सहायता प्रदान करते हैं। उल्लेखनीय है कि इस स्टार्टअप ने संस्थागत निवेश हासिल करने से पहले ही कई देशों और क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली थी, जो इसकी तकनीकी विश्वसनीयता को रेखांकित करता है।
तकनीक की कार्यप्रणाली
रक्षा क्षेत्र में कंपनी का प्लेटफॉर्म खतरे की पहचान, विरोधी गतिविधियों की निगरानी और बहु-क्षेत्रीय परिचालन में स्थितिजन्य जागरूकता बनाए रखने में सहायक है। स्टार्टअप के अनुसार, आज की सुरक्षा चुनौतियाँ इतनी जटिल हो गई हैं कि केवल सूचना एकत्र करना पर्याप्त नहीं — बड़े डेटा में से महत्वपूर्ण संकेतों की पहचान कर उन्हें उपयोगी परिचालन जानकारी में बदलना भी उतना ही ज़रूरी है। यह प्रणाली सैन्य कमांडरों और सुरक्षा एजेंसियों को अधिक सटीक और त्वरित निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।
समुद्री वाणिज्यिक क्षेत्र में विस्तार
रक्षा के अलावा, ब्लर्ग्स एआई के प्लेटफॉर्म बंदरगाहों, जहाजी बेड़ों, शिपयार्डों और मत्स्य क्षेत्र को वास्तविक समय की परिचालन जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इससे संचालन की दक्षता बढ़ाने, नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग में सहायता मिलती है। वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों से होता है, जिससे इस क्षेत्र में उन्नत डिजिटल समाधानों की माँग लगातार बढ़ रही है। मुंबई पोर्ट प्राधिकरण, दुबई मैरीटाइम सिटी और द नेचर कंजरवेंसी ग्रुप जैसे संगठन भी कंपनी के एआई समाधानों का उपयोग कर रहे हैं।
संस्थापकों का दृष्टिकोण
स्टार्टअप की स्थापना आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों रोशन राज मोहंती और डॉ. अविनाश कोरी ने की है। रोशन राज मोहंती के अनुसार, 'महासागर पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए, प्रतिस्पर्धी और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे का भविष्य वास्तविक समय, विश्वसनीय और मज़बूत इंटेलिजेंस पर निर्भर करेगा।' उन्होंने कहा कि वे भारत में विकसित ऐसे डीप-टेक प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं जो विभिन्न देशों, उद्योगों और समुदायों को बेहतर समझ और अधिक आत्मविश्वास के साथ संचालन करने में मदद करें।
आगे की राह
नई फंडिंग के साथ ब्लर्ग्स एआई अपने एआई-संचालित इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का वैश्विक विस्तार करने की तैयारी में है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को प्राथमिकता दे रही है और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत डीप-टेक स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आने वाले महीनों में कंपनी के अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के और विस्तार की संभावना है।