IIT मद्रास की प्लैनिस टेक्नोलॉजीज का 'भारत इनोवेट्स 2026' में चयन, फ्रांस में दिखाएगी पानी के भीतर AI रोबोटिक तकनीक
सारांश
मुख्य बातें
IIT मद्रास के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित स्टार्टअप प्लैनिस टेक्नोलॉजीज को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित आयोजन 'भारत इनोवेट्स 2026' के लिए चुना गया है, जहाँ यह कंपनी पानी के भीतर स्थित महत्वपूर्ण ढाँचों के निरीक्षण हेतु विकसित अपनी रोबोटिक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक का प्रदर्शन करेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह चयन भारतीय तकनीकी नवाचार और अनुसंधान-आधारित उद्यमिता की उल्लेखनीय उपलब्धि है।
प्लैनिस टेक्नोलॉजीज: नींव और विकास
कंपनी की स्थापना IIT मद्रास के पूर्व छात्रों तनुज झुनझुनवाला और विनीत कुमार उपाध्याय ने की थी। उन्हें संस्थान के प्रख्यात वैज्ञानिकों प्रोफेसर प्रभु राजगोपाल और प्रोफेसर कृष्णन बालासुब्रमणियन का मार्गदर्शन प्राप्त है। शिक्षा मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, कंपनी अब तक 150 से अधिक ग्राहकों के साथ काम कर चुकी है और 10 से अधिक देशों में अपनी सेवाएँ दे रही है। इसके नाम अनेक पेटेंट भी दर्ज हैं।
तकनीक की विशेषताएँ और कार्यक्षेत्र
प्लैनिस द्वारा विकसित विशेष रोबोटिक प्रणालियाँ और AI-आधारित निरीक्षण मंच समुद्र, नदियों और जलाशयों के भीतर मौजूद ढाँचों की स्थिति का विस्तृत आकलन करते हैं। यह तकनीक जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में मानव गोताखोरों पर निर्भरता को उल्लेखनीय रूप से कम करती है और पारंपरिक निरीक्षण की तुलना में अधिक सटीक परिणाम देती है।
कंपनी की सेवाएँ बंदरगाहों, पुलों, बिजली संयंत्रों, समुद्री ऊर्जा परियोजनाओं और रक्षा क्षेत्र सहित अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग की जा रही हैं। दुनिया भर के सैकड़ों स्थानों पर सफल निरीक्षण से महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा और रखरखाव में सहायता मिली है।
फ्रांस में भारतीय नवाचार का प्रतिनिधित्व
नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स 2026' में प्लैनिस टेक्नोलॉजीज यह प्रदर्शित करेगी कि पानी के भीतर स्थित महत्वपूर्ण ढाँचों की जाँच के लिए रोबोट, AI और उन्नत विश्लेषण तकनीकों का व्यावहारिक उपयोग कैसे किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर पुरानी पड़ती समुद्री और नदी-आधारित अवसंरचना के निरीक्षण की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
व्यापक महत्व और भविष्य की दिशा
गौरतलब है कि IIT मद्रास भारत के उन अग्रणी संस्थानों में है जहाँ से गहरी तकनीकी (deep-tech) स्टार्टअप वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उतर रहे हैं। प्लैनिस का यह चयन दर्शाता है कि भारत में विकसित अत्याधुनिक तकनीकें अब केवल घरेलू ज़रूरतों को पूरा नहीं कर रहीं, बल्कि वैश्विक बुनियादी ढाँचे की चुनौतियों के समाधान में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। आने वाले समय में कंपनी की वैश्विक उपस्थिति और विस्तार पर नज़र रहेगी।