8 अगस्त 2026
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छठी पीढ़ी के FCAS में भारत की एंट्री की तैयारी, रक्षा मंत्रालय ने संसदीय समिति को दी विस्तृत जानकारी

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छठी पीढ़ी के FCAS में भारत की एंट्री की तैयारी, रक्षा मंत्रालय ने संसदीय समिति को दी विस्तृत जानकारी

सारांश

भारत ने फ्रांस के नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम FCAS में शामिल होने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। रक्षा मंत्रालय ने संसदीय रक्षा स्थायी समिति को यह जानकारी दी और स्वदेशी AMCA कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट भी अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश मिला है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्रालय ने 8 अगस्त 2026 को रक्षा स्थायी समिति को बताया कि भारत FCAS कार्यक्रम में शामिल होने के ठोस प्रयास कर रहा है।
FCAS फ्रांस, जर्मनी और स्पेन का संयुक्त छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम है।
समिति ने छठी पीढ़ी के विमानों के अधिग्रहण की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट और संभावित समय-सीमा की रूपरेखा माँगी है।
स्वदेशी उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) के विकास की प्रगति रिपोर्ट भी अगली प्रस्तुति में शामिल करने का निर्देश दिया गया।
समिति ने आधुनिक हवाई युद्ध की चुनौतियों को देखते हुए तकनीकी उन्नयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

रक्षा मंत्रालय ने 8 अगस्त 2026 को संसद की रक्षा स्थायी समिति को सूचित किया कि भारत ने फ्रांसीसी सरकार के नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम' (FCAS) में शामिल होने के लिए ठोस प्रयास आरंभ कर दिए हैं। यह कदम आधुनिक हवाई युद्ध में भारत की बढ़ती जरूरतों और वायु शक्ति को अगले स्तर पर ले जाने की रणनीतिक प्राथमिकता को दर्शाता है।

समिति की सिफारिश और मंत्रालय का जवाब

रक्षा स्थायी समिति ने अपनी पूर्व रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा था कि आधुनिक हवाई युद्ध की चुनौतियों को देखते हुए विमानों की मारक क्षमता बढ़ाने हेतु तकनीकी उन्नयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। समिति ने यह भी माँग की थी कि छठी पीढ़ी के विमानों के विकास और खरीद की प्रक्रिया में तेज़ी लाई जाए। मंत्रालय ने की-गई-कार्रवाई विवरण में FCAS कार्यक्रम में भागीदारी के प्रयासों की पुष्टि करते हुए यह जानकारी समिति के सामने रखी।

FCAS कार्यक्रम क्या है

फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) मूल रूप से फ्रांस, जर्मनी और स्पेन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा अगली पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम है। यह वर्तमान में उपलब्ध पाँचवीं पीढ़ी के विमानों से कहीं अधिक उन्नत माना जाता है और इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्टील्थ तकनीक और मानव-रहित सहायक प्रणालियों का समावेश प्रस्तावित है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी वायु सेना के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है।

AMCA की प्रगति रिपोर्ट की भी माँग

समिति ने यह भी निर्देश दिया है कि अगली बार की-गई-कार्रवाई विवरण प्रस्तुत करते समय उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) के विकास और निर्माण की प्रगति रिपोर्ट भी सम्मिलित की जाए। गौरतलब है कि AMCA भारत का स्वदेशी पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) विकसित कर रही है।

अधिग्रहण की समय-सीमा और आगे की राह

समिति ने मंत्रालय से छठी पीढ़ी के विमानों के अधिग्रहण से जुड़ी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट और संभावित समय-सीमा की रूपरेखा अगली प्रस्तुति में देने को कहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, FCAS जैसे बहुराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी भारत को अत्याधुनिक तकनीक तक पहुँच और रणनीतिक साझेदारी दोनों दिला सकती है। आने वाले महीनों में इस संदर्भ में भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता की दिशा निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कार्यक्रम स्वयं फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के बीच वित्तीय और तकनीकी विवादों से जूझ रहा है — ऐसे में भारत की भूमिका और शर्तें अभी तक अस्पष्ट हैं। दूसरी ओर, स्वदेशी AMCA अभी भी विकास के प्रारंभिक चरण में है और उसकी समय-सीमा बार-बार खिसकती रही है। संसदीय समिति का यह दबाव सराहनीय है, परंतु असली परीक्षा यह होगी कि मंत्रालय अगली बैठक में ठोस समय-सीमा और वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ आता है या केवल 'प्रयास जारी हैं' की औपचारिकता दोहराता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) क्या है?
FCAS फ्रांस, जर्मनी और स्पेन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टील्थ तकनीक और मानव-रहित सहायक प्रणालियाँ शामिल होंगी, जो इसे वर्तमान पाँचवीं पीढ़ी के विमानों से कहीं अधिक उन्नत बनाती हैं।
भारत FCAS में क्यों शामिल होना चाहता है?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आधुनिक हवाई युद्ध की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए भारत को अत्याधुनिक वायु शक्ति की आवश्यकता है। FCAS में भागीदारी से भारत को छठी पीढ़ी की तकनीक तक पहुँच और रणनीतिक रक्षा साझेदारी दोनों मिल सकती हैं।
रक्षा स्थायी समिति ने मंत्रालय से क्या माँगा है?
समिति ने छठी पीढ़ी के विमानों के अधिग्रहण की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट, संभावित समय-सीमा की रूपरेखा और स्वदेशी AMCA कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट अगली प्रस्तुति में शामिल करने का निर्देश दिया है।
AMCA और FCAS में क्या अंतर है?
AMCA (उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान) भारत का स्वदेशी पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी विकसित कर रही है। जबकि FCAS फ्रांस के नेतृत्व में विकसित हो रहा छठी पीढ़ी का बहुराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमें भारत भागीदारी के प्रयास कर रहा है।
भारत की FCAS में भागीदारी कब तक संभव है?
रक्षा मंत्रालय ने अभी तक कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी है। संसदीय समिति ने अगली प्रस्तुति में संभावित समय-सीमा की रूपरेखा माँगी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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