29 जून 2026
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राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट में 14 जुलाई के बाद सुनवाई संभव, वकील अजय राय ने बताई आगे की रणनीति

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राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट में 14 जुलाई के बाद सुनवाई संभव, वकील अजय राय ने बताई आगे की रणनीति

सारांश

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की जाँच की माँग पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया। वकील अजय राय के अनुसार 14 जुलाई के बाद छुट्टियाँ खत्म होते ही तारीख तय होगी। याचिका में सीबीआई-नेतृत्व वाली SIT जाँच और विशेषज्ञों की भागीदारी की माँग है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया।
वकील अजय राय के अनुसार 14 जुलाई 2026 के बाद कोर्ट खुलने पर सुनवाई की तारीख तय होगी।
याचिका में सीबीआई के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने की माँग की गई है।
जाँच में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने का भी अनुरोध किया गया है।
न्यायालय ने याचिका खारिज नहीं की — मामला विचाराधीन बना हुआ है।

सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच की माँग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही सुना जाएगा — अर्थात् ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद, 14 जुलाई 2026 के पश्चात्। याचिकाकर्ता के वकील अजय राय ने 29 जून को इस घटनाक्रम पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी।

न्यायालय में क्या हुआ

वकील अजय राय ने बताया कि उन्होंने सोमवार, 29 जून को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले का उल्लेख (मेंशन) किया और न्यायालय से यथाशीघ्र सुनवाई की माँग की। न्यायालय ने उन्हें आश्वस्त किया कि ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के तुरंत बाद इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। राय ने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि 14 जुलाई के बाद कोर्ट खुलेगा और इसके बाद तारीख तय हो जाएगी, जिसमें आगे की पूरी रूपरेखा भी निर्धारित कर ली जाएगी।'

याचिका में क्या माँगें हैं

वकील राय के अनुसार, याचिका में सीबीआई के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित कर पूरे चंदा विवाद की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जाँच के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए, इसे सुनिश्चित करने की माँग भी अर्जी में शामिल है।

तकनीकी जटिलता और विशेषज्ञों की माँग

अजय राय ने इस मामले को 'काफी पेचीदा और उलझा हुआ' बताया। उन्होंने कहा कि इसमें कई तकनीकी पहलू हैं, इसीलिए न्यायालय से आग्रह किया गया है कि जाँच दल में संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए — ताकि मामले का कोई भी पहलू अनछुआ न रह जाए। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा प्रबंधित मंदिर में आने वाले दान की मात्रा अत्यंत बड़ी है और उसकी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

सर्वोच्च न्यायालय के 14 जुलाई 2026 के बाद पुनः खुलने पर सुनवाई की तारीख तय होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि न्यायालय ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार करते हुए भी याचिका को खारिज नहीं किया, जिसका अर्थ है कि मामला विचाराधीन बना हुआ है। जाँच की माँग पर न्यायालय का रुख और सरकार की प्रतिक्रिया जुलाई के बाद स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि गुण-दोष पर कोई टिप्पणी — लेकिन यह देरी उन लोगों को निराश करेगी जो मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता पर जवाबदेही चाहते हैं। राम जन्मभूमि ट्रस्ट को मिलने वाला दान अभूतपूर्व पैमाने पर है, और इसकी ऑडिट व्यवस्था की स्वतंत्रता पर बहस पहले से चल रही है। सीबीआई-नेतृत्व वाली SIT की माँग महत्वाकांक्षी है — ऐसी जाँच के लिए न्यायालय का हस्तक्षेप तभी संभव है जब याचिका में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत हों। जुलाई में सुनवाई शुरू होने के बाद असली परीक्षा यही होगी कि न्यायालय इसे सुनवाई योग्य मानता है या नहीं।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद में सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच की माँग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुना जाएगा, यानी ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद।
राम मंदिर चंदा मामले में सुनवाई कब होगी?
वकील अजय राय के अनुसार 14 जुलाई 2026 के बाद सर्वोच्च न्यायालय के पुनः खुलने पर सुनवाई की तारीख तय होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि छुट्टियाँ खत्म होते ही आगे की पूरी रूपरेखा निर्धारित हो जाएगी।
याचिका में क्या माँगें की गई हैं?
याचिका में सीबीआई के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित कर पूरे चंदा विवाद की जाँच कराने की माँग है। इसके अलावा जाँच में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने और जाँच में किसी प्रकार की कोताही न बरतने की भी माँग की गई है।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी?
नहीं, न्यायालय ने याचिका खारिज नहीं की है। न्यायालय ने केवल तत्काल सुनवाई से इनकार किया है और कहा है कि मामले को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुना जाएगा। मामला अभी भी विचाराधीन है।
राम मंदिर चंदा विवाद क्या है?
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी एवं वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील अजय राय पैरवी कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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