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राम मंदिर चंदा विवाद: दयाशंकर सिंह बोले — महापुरुषों पर आरोप गलत, तनुज पुनिया ने मांगी चंपत राय-अनिल मिश्रा पर कार्रवाई

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राम मंदिर चंदा विवाद: दयाशंकर सिंह बोले — महापुरुषों पर आरोप गलत, तनुज पुनिया ने मांगी चंपत राय-अनिल मिश्रा पर कार्रवाई

सारांश

राम मंदिर चंदा विवाद पर उत्तर प्रदेश में बयानबाज़ी की दो धाराएँ — परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह महापुरुषों का बचाव कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया चंपत राय और अनिल मिश्रा पर सीधी कार्रवाई और निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहे हैं।

मुख्य बातें

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि दोषियों को कानून के अनुसार सज़ा मिल रही है, महापुरुषों पर आरोप लगाना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है।
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में लीपापोती की जा रही है और मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है।
पुनिया ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की माँग की।
कांग्रेस सांसद के अनुसार, जाँच को निचले स्तर तक सीमित रखने की कोशिश की जा रही है; कथित संरक्षणदाताओं की भी पहचान होनी चाहिए।
विवाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र दान के प्रबंधन को लेकर है, जो राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है।

उत्तर प्रदेश में राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर राजनीतिक तापमान 27 जून 2025 को और चढ़ गया, जब प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने परस्पर विरोधी बयान दिए। जहाँ मंत्री ने दोषियों को कानूनी सज़ा का भरोसा दिलाते हुए देश-सेवा में जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों पर आरोप लगाने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया, वहीं कांग्रेस सांसद ने मामले में 'लीपापोती' का आरोप लगाते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की माँग की।

मंत्री दयाशंकर सिंह का पक्ष

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिन लोगों से गलती हुई है, उन्हें कानून के अनुसार सज़ा मिल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन महान व्यक्तित्वों ने अपना संपूर्ण जीवन देश और समाज की सेवा में समर्पित किया, उन पर आरोप लगाना उचित नहीं है। सिंह के अनुसार, ऐसे महापुरुषों के जीवन में कभी भी भौतिक सुख-सुविधाओं या वैभव की कोई इच्छा नहीं रही और उन्होंने हज़ारों लोगों को राष्ट्रहित में कार्य करने तथा बलिदान देने के लिए प्रेरित किया।

मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस प्रकार की अफवाहें फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मामले में कई नाम सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद विपक्ष लगातार उच्च स्तरीय जाँच की माँग कर रहा है।

कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया के आरोप

बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में सीधे-सीधे लीपापोती की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के नाम लगातार सामने आ रहे हैं, उनके विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

पुनिया ने कहा कि यदि चंपत राय और अनिल मिश्रा के नाम प्रमुख भूमिका निभाने वालों के रूप में सामने आ रहे हैं, तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उनके अनुसार, केवल कुछ लोगों के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े मामले को किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के बिना अंजाम नहीं दिया जा सकता।

जाँच की दिशा पर सवाल

पुनिया ने आरोप लगाया कि सरकार जाँच को निचले स्तर तक सीमित रखने की कोशिश कर रही है और मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि जाँच निष्पक्ष होनी है, तो उन लोगों की भी पहचान होनी चाहिए जो कथित तौर पर आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं।

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है और मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उनके अनुसार, केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने से सच्चाई सामने नहीं आएगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राम मंदिर चंदा विवाद तब से चर्चा में है जब से मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए दान के प्रबंधन को लेकर सवाल उठने शुरू हुए। यह विवाद ऐसे समय में और तूल पकड़ रहा है जब अयोध्या में मंदिर परिसर से जुड़ी गतिविधियाँ राष्ट्रीय ध्यान के केंद्र में हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जाँच एजेंसियाँ इस मामले में किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और क्या उच्च स्तरीय जाँच की माँग को कोई राजनीतिक या न्यायिक समर्थन मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष नाम लेकर कार्रवाई माँग रहा है पर ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं कर रहा। असली सवाल यह है कि क्या जाँच एजेंसियाँ उच्च स्तर तक पहुँचेंगी या मामला 'छोटी मछलियों' पर ही खत्म होगा। धर्म से जुड़े संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता का अभाव कोई नई बात नहीं, लेकिन इस पैमाने के मंदिर में चंदे का विवाद सार्वजनिक विश्वास को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद क्या है?
राम मंदिर चंदा विवाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए दान के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। इस मामले में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और कई नाम सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं, जिससे उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
दयाशंकर सिंह ने इस मामले में क्या कहा?
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि दोषियों को कानून के अनुसार सज़ा मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों पर आरोप लगाना गलत है और विपक्ष द्वारा अफवाहें फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
तनुज पुनिया ने किन पर कार्रवाई की माँग की?
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने चंपत राय और अनिल मिश्रा पर ठोस कार्रवाई की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नामों के सामने आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही और मामले में लीपापोती की जा रही है।
क्या इस मामले में जाँच हो रही है?
सरकार के अनुसार दोषियों पर कानूनी कार्रवाई जारी है। हालाँकि, कांग्रेस का आरोप है कि जाँच को निचले स्तर तक सीमित रखा जा रहा है और मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है। निष्पक्ष और व्यापक जाँच की माँग विपक्ष की ओर से लगातार उठाई जा रही है।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या है?
यह विवाद उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ दल और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाज़ी का कारण बन गया है। धर्म से जुड़े इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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