31 अक्टूबर 2026
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भुसावल स्टेशन पर राष्ट्रीय एकता दिवस के प्रतिभागियों पर हमला, पश्चिम बंगाल के दर्जन भर लोग घायल

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भुसावल स्टेशन पर राष्ट्रीय एकता दिवस के प्रतिभागियों पर हमला, पश्चिम बंगाल के दर्जन भर लोग घायल

सारांश

राष्ट्रीय एकता के जश्न में जाने से पहले एकता की परीक्षा। पश्चिम बंगाल के झारग्राम से वडोदरा जा रहे 99 सरकारी प्रतिभागियों पर भुसावल स्टेशन पर कथित हॉकरों ने हमला कर दिया — एक दर्जन घायल, 7 गिरफ्तार। घटना रेलवे परिसरों में अवैध हॉकरों की बेखौफ मौजूदगी को फिर उजागर करती है।

मुख्य बातें

30 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के भुसावल रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रीय एकता दिवस प्रतिभागियों पर कथित हॉकरों ने हमला किया।
पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले से 99 लोगों का दल वडोदरा समारोह के लिए जा रहा था; कम से कम एक दर्जन लोग घायल हुए।
भुसावल रेलवे पुलिस ने शिकायत दर्ज कर 7 आरोपियों को हिरासत में लिया है; जाँच जारी है।
प्रारंभिक आशंका — हॉकरों ने वीडियो रिकॉर्डिंग से डरकर हमला किया; मध्य रेलवे इन अवैध हॉकरों के खिलाफ महीनों से अभियान चला रहा है।
दल के साथ मौजूद पश्चिम बंगाल पुलिस के DSP ने भी अधिकारियों को घटना का विवरण दिया; वडोदरा पहुँचने पर घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।

महाराष्ट्र के भुसावल रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को एक गंभीर घटना उस समय सामने आई जब पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले से गुजरात के वडोदरा में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने जा रहे यात्रियों पर कथित तौर पर अवैध हॉकरों ने हमला कर दिया। भुसावल रेलवे पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और सात आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है।

घटना का विवरण

झारग्राम जिले के निवासी निर्मलेंदु महतो ने बताया कि वह 99 लोगों के एक दल के साथ विशेष ट्रेन से वडोदरा जा रहे थे। इन सभी प्रतिभागियों का चयन जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के लिए किया गया था।

जब ट्रेन भुसावल स्टेशन पर रुकी, तो लंबी यात्रा के कारण कुछ यात्री प्लेटफॉर्म पर टहलने उतरे। महतो ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ प्लेटफॉर्म से केले खरीदे और बेटी के डिब्बे में वापस जाने के बाद वह स्टेशन का वीडियो बनाने लगे।

विवाद की शुरुआत और हमला

महतो के अनुसार, एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उन्हें वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करने को कहा। कारण पूछने पर कुछ और लोग भी वहाँ आ गए। स्थिति भाँपते हुए महतो ने अपनी बेटी को ट्रेन में वापस भेजने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच उन्हें पीछे से धक्का दिया गया।

साथियों द्वारा विरोध करने पर मामूली कहासुनी और हाथापाई हुई। झारग्राम दल के साथ मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद वही व्यक्ति 20 से अधिक लोगों के साथ वापस लौटा और दल पर हमला बोल दिया। महतो के दावे के अनुसार, उनके समूह के कम से कम एक दर्जन लोगों को चेहरे, कंधे, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

किसी तरह सभी यात्री ट्रेन में चढ़ने में सफल रहे और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से संपर्क किया। घायलों का अगले स्टेशन पर प्राथमिक उपचार कराया गया और वहीं रेलवे पुलिस में शिकायत भी दर्ज की गई। वडोदरा पहुँचने पर सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।

महतो के अनुसार, 30 अक्टूबर की शाम भुसावल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वडोदरा पहुँचे और पीड़ितों से घटना का पूरा विवरण लिया। दल के साथ यात्रा कर रहे पश्चिम बंगाल पुलिस के एक DSP ने भी अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत कराया।

अवैध हॉकरों की पृष्ठभूमि

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस घटना में शामिल लोग कथित तौर पर वे अवैध हॉकर हैं जिनके खिलाफ मध्य रेलवे पिछले कुछ महीनों से अभियान चला रहा है। अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों से सैकड़ों अवैध हॉकरों की पहचान कर उन्हें हटाया गया है, लेकिन वे बार-बार स्टेशन परिसरों में लौट आते हैं।

प्रारंभिक जाँच की आशंका है कि वीडियो रिकॉर्डिंग देख हॉकरों को डर हुआ कि उनकी गतिविधियाँ कैमरे में कैद हो रही हैं, जिसके बाद उन्होंने यात्रियों पर हमला किया। जाँच अभी जारी है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि सात आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया जा चुका है और जाँच आगे बढ़ने के साथ अन्य संदिग्धों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना राष्ट्रीय एकता दिवस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे प्रतिभागियों के साथ हुई, जो रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रेलवे परिसरों में अवैध हॉकरों की पुनरावृत्त और बेलगाम मौजूदगी का प्रमाण है। मध्य रेलवे का 'अभियान' तब तक अर्थहीन है जब तक हटाए गए हॉकर बार-बार लौटते रहें और इस हद तक निडर हों कि सरकारी दल पर सामूहिक हमला करें। यह घटना यह भी दर्शाती है कि अंतर-राज्यीय समन्वय — महाराष्ट्र पुलिस का वडोदरा पहुँचना — तात्कालिक दबाव में तो काम किया, पर निवारण पहले क्यों नहीं हुआ, यह सवाल अनुत्तरित है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुसावल स्टेशन पर राष्ट्रीय एकता दिवस प्रतिभागियों पर हमला कब और कैसे हुआ?
30 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के झारग्राम से वडोदरा जा रहे 99 लोगों के दल पर भुसावल रेलवे स्टेशन पर कथित अवैध हॉकरों ने हमला किया। ट्रेन के स्टेशन पर रुकने के दौरान एक यात्री द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग करने पर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में सामूहिक हमले में बदल गया।
इस हमले में कितने लोग घायल हुए और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
निर्मलेंदु महतो के दावे के अनुसार कम से कम एक दर्जन लोगों को चोटें आईं। भुसावल रेलवे पुलिस ने शिकायत दर्ज कर 7 आरोपियों को हिरासत में लिया है और जाँच जारी है।
हमला करने वाले हॉकर कौन थे और वे स्टेशन पर क्यों थे?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हमले में शामिल लोग कथित तौर पर अवैध हॉकर हैं जिनके खिलाफ मध्य रेलवे पिछले कुछ महीनों से अभियान चला रहा है। इन्हें हटाए जाने के बावजूद ये बार-बार स्टेशन परिसरों में लौट आते हैं।
राष्ट्रीय एकता दिवस के लिए यह दल कहाँ से और क्यों जा रहा था?
यह 99 लोगों का दल पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले से था, जिसे जिला प्रशासन द्वारा गुजरात के वडोदरा में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए चुना गया था। दल के साथ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
घायल प्रतिभागियों को बाद में क्या सहायता मिली?
घायलों का अगले स्टेशन पर प्राथमिक उपचार कराया गया और वहीं रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज की गई। वडोदरा पहुँचने के बाद उनका पूर्ण मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसी शाम भुसावल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वडोदरा आकर पीड़ितों का बयान दर्ज किया।
राष्ट्र प्रेस
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