28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महिला आरक्षण बिल के गिरने पर आरएलएम का महागठबंधन के खिलाफ बिहार में विरोध प्रदर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महिला आरक्षण बिल के गिरने पर आरएलएम का महागठबंधन के खिलाफ बिहार में विरोध प्रदर्शन

सारांश

आरएलएम ने 22 अप्रैल को बिहार में महिला आरक्षण बिल के विरोध में महागठबंधन के खिलाफ विरोध मार्च का ऐलान किया है। यह कदम उन पार्टियों के खिलाफ है जिन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का विरोध महागठबंधन द्वारा किया गया था।
आरएलएम 22 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन का आयोजन करेगा।
इस विरोध का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
कांग्रेस और महागठबंधन ने बिल के खिलाफ वोट किया।
बिहार में सीटों की संख्या बढ़ाने का मौका गया।

पटना, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने रविवार को यह जानकारी दी कि वह 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध मार्च का आयोजन करेगा।

यह विरोध महागठबंधन पार्टियों के उस कदम के खिलाफ होगा, जिसे आरएलएम ने 'निंदनीय कृत्य' करार दिया है। इन पार्टियों ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था।

यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब शुक्रवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 के लिए आवश्यक वोट नहीं मिलने के कारण गिर गया।

एनडीए की सहयोगी पार्टी आरएलएम ने एक बयान में कहा, "22 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कार्यकर्ता बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर उन पार्टियों के खिलाफ विरोध मार्च निकालेंगे, जिन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध किया।"

आरएलएम ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के खिलाफ वोट देकर, कांग्रेस और महागठबंधन में उसके सहयोगियों ने 'देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में प्रवेश पाने से प्रभावी रूप से रोक दिया है।' उन्होंने महिलाओं को उनके हक और अधिकारों से वंचित कर दिया है।

आरएलएम के प्रदेश प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने संवैधानिक अधिकारों और परिसीमन सुधारों का 'लगातार समर्थन' किया है।

सिन्हा ने कहा, "इससे पहले कि यह अभियान अपना लक्ष्य हासिल कर पाता, विपक्षी पार्टियों ने संसद में इसका विरोध करके इसे रोक दिया। अगर यह बिल कानून बन जाता तो बिहार में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई होती।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि विपक्ष ने संसद में अपना सहयोग दिया होता तो महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटें मिल जातीं और वे सांसद तथा विधायक बन पातीं।

आरएलएम के प्रवक्ता ने कहा, "महागठबंधन के सांसदों ने ऐसा नहीं होने दिया। संसद में विपक्ष के इस रवैये के विरोध में राष्ट्रीय लोक मोर्चा 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध मार्च निकालेगा।"

इस बिल का उद्देश्य संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना था, लेकिन आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा। इससे सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के बीच तीखी राजनीतिक तकरार शुरू हो गई।

यह प्रस्तावित कानून, जिसका उद्देश्य सदन में सदस्यों की संख्या बढ़ाना भी था, पूरे दिन चली बहस के बावजूद संविधान के अनुसार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं प्राप्त कर सका।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी को लेकर भी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
आरएलएम का विरोध प्रदर्शन कब होगा?
आरएलएम का विरोध प्रदर्शन 22 अप्रैल को पूरे बिहार में होगा।
महागठबंधन ने महिला आरक्षण बिल का विरोध क्यों किया?
महागठबंधन ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया, जिससे इसे लागू करने के लिए आवश्यक वोट नहीं मिल सके।
इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य क्या है?
इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य उन पार्टियों के खिलाफ आवाज उठाना है जिन्होंने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया।
क्या महिला आरक्षण बिल फिर से पेश किया जाएगा?
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि महिला आरक्षण बिल को फिर से कब पेश किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले