29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विश्व बाघ दिवस पर रॉयल रणथंभौर व्हिस्की की द कॉर्बेट फाउंडेशन से साझेदारी, बाघ संरक्षण को मिला कॉर्पोरेट सहयोग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विश्व बाघ दिवस पर रॉयल रणथंभौर व्हिस्की की द कॉर्बेट फाउंडेशन से साझेदारी, बाघ संरक्षण को मिला कॉर्पोरेट सहयोग

सारांश

विश्व बाघ दिवस पर रैडिको खेतान के रॉयल रणथंभौर ब्रांड ने द कॉर्बेट फाउंडेशन से हाथ मिलाया। भारत में बाघों की संख्या 2022 में 3,682 तक पहुँची है — दुनिया के 70% जंगली बाघ यहीं हैं। यह साझेदारी आवास पुनर्स्थापन, सामुदायिक सह-अस्तित्व और जैव विविधता निगरानी पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

रॉयल रणथंभौर व्हिस्की (रैडिको खेतान) ने 29 जुलाई 2026 को विश्व बाघ दिवस पर द कॉर्बेट फाउंडेशन से संरक्षण साझेदारी की घोषणा की।
ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन के अनुसार भारत में बाघों की संख्या 2018 की 2,967 से बढ़कर 2022 में 3,682 हुई — वृद्धि दर 6.1% प्रति वर्ष ।
भारत दुनिया के 70% से अधिक जंगली बाघों का घर है।
प्रोजेक्ट टाइगर अब 18 राज्यों में 58 टाइगर रिजर्व और लगभग 84,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक विस्तारित।
भारत के लगभग एक-तिहाई बाघ नामित रिजर्व के बाहर रहते हैं, जिससे वन्यजीव गलियारों की अहमियत बढ़ती है।
रॉयल रणथंभौर हेरिटेज कलेक्शन में 6 सीमित संस्करण पैक भारतीय कला शैलियों से प्रेरित हैं।

रैडिको खेतान लिमिटेड के प्रीमियम व्हिस्की ब्रांड रॉयल रणथंभौर ने 29 जुलाई 2026 को विश्व बाघ दिवस के अवसर पर वन्यजीव संरक्षण संस्था द कॉर्बेट फाउंडेशन के साथ अपनी औपचारिक साझेदारी की घोषणा की। इस सहयोग का उद्देश्य भारत के वन क्षेत्रों में बाघ संरक्षण, आवास पुनर्स्थापन और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना है।

साझेदारी का दायरा और लक्ष्य

द कॉर्बेट फाउंडेशन के साथ इस साझेदारी के तहत रॉयल रणथंभौर भारत के वन क्षेत्रों में चल रहे संरक्षण कार्यक्रमों में योगदान देगा। फाउंडेशन के कार्यक्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाएँ, पशुधन स्वास्थ्य शिविर, आवास पुनर्स्थापन, जैव विविधता की निगरानी और समुदाय आधारित पहल शामिल हैं। इन प्रयासों का केंद्रीय उद्देश्य वन क्षेत्रों के आसपास बसे समुदायों और वन्यजीवों के बीच टकराव को कम कर सह-अस्तित्व को प्रोत्साहित करना है।

यह साझेदारी ऐसे समय में आई है जब भारत में बाघ संरक्षण के परिणाम वैश्विक स्तर पर सराहे जा रहे हैं, लेकिन वन्यजीव गलियारों और आवास कनेक्टिविटी को लेकर चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं।

भारत में बाघों की स्थिति: आँकड़े क्या कहते हैं

ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, देश में बाघों की अनुमानित औसत संख्या 2018 में 2,967 से बढ़कर 2022 में 3,682 हो गई है — यह प्रति वर्ष 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। वर्तमान में भारत दुनिया के 70 प्रतिशत से अधिक जंगली बाघों का घर है।

गौरतलब है कि 1973 में मात्र 9 टाइगर रिजर्व के साथ शुरू हुई प्रोजेक्ट टाइगर पहल अब 18 राज्यों में फैले 58 टाइगर रिजर्व तक विस्तारित हो चुकी है, जो लगभग 84,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती है। हालाँकि, भारत के लगभग एक-तिहाई बाघ अभी भी नामित टाइगर रिजर्व के बाहर रहते हैं, जो वन्यजीव गलियारों और सामुदायिक भागीदारी की अनिवार्यता को रेखांकित करता है।

हेरिटेज कलेक्शन: कला और संरक्षण का संगम

इसी वर्ष रॉयल रणथंभौर ने रॉयल रणथंभौर हेरिटेज कलेक्शन पेश किया, जिसमें छह सीमित संस्करण वाले कलेक्टिबल पैक शामिल हैं। इन्हें भारत के प्रतिष्ठित बाघों से प्रेरणा लेकर देश की विशिष्ट कला शैलियों के माध्यम से तैयार किया गया है। इस कलेक्शन ने वन्यजीव, कला और कहानी कहने की परंपरा को एकसाथ जोड़ते हुए भारत के कुछ सबसे प्रसिद्ध बाघों की व्यक्तिगत विरासत को उजागर किया है।

ब्रांड की पहचान स्वयं भारत के सबसे प्रसिद्ध बाघ आवासों में से एक — रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान — से प्रेरित है, जो इस साझेदारी को व्यावसायिक से अधिक प्रतीकात्मक भी बनाती है।

ब्रांड की प्रतिक्रिया

रैडिको खेतान लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर कुणाल मदान ने कहा, 'बाघ भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत में गहराई से समाया हुआ है और हमेशा से रॉयल रणथंभौर की कहानी के केंद्र में रहा है। हमारा ब्रांड इस शानदार जीव की गरिमा और विरासत का उत्सव मनाता है, लेकिन हम यह भी समझते हैं कि इससे प्रेरणा लेने के साथ एक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।' उन्होंने जोड़ा कि विश्व बाघ दिवस यह याद दिलाता है कि भारत के वन्यजीवों की रक्षा के लिए निरंतर और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

आगे की राह

बाघ एक 'अम्ब्रेला स्पीशीज़' है — अर्थात् इसकी सुरक्षा से जंगलों और उनके आवास साझा करने वाली अनेक अन्य प्रजातियाँ भी स्वतः संरक्षित होती हैं। इस दृष्टि से कॉर्पोरेट-संरक्षण साझेदारियाँ दीर्घकालिक वन्यजीव प्रबंधन में नई भूमिका निभा सकती हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह सहयोग ज़मीनी संरक्षण परिणामों में किस हद तक परिवर्तनकारी सिद्ध होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक कोई सार्वजनिक वित्तीय प्रतिबद्धता या परिणाम-आधारित लक्ष्य सामने नहीं आया है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत के एक-तिहाई बाघ रिजर्व के बाहर रहते हैं और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ बढ़ रही हैं — ऐसे में ज़मीनी सामुदायिक कार्यक्रमों की असली कसौटी आँकड़ों में नहीं, बल्कि वन-किनारे के गाँवों में दिखेगी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रॉयल रणथंभौर और द कॉर्बेट फाउंडेशन की साझेदारी क्या है?
रैडिको खेतान के रॉयल रणथंभौर व्हिस्की ब्रांड ने 29 जुलाई 2026 को विश्व बाघ दिवस पर द कॉर्बेट फाउंडेशन के साथ बाघ संरक्षण साझेदारी की घोषणा की। इसके तहत आवास पुनर्स्थापन, पशु चिकित्सा सेवाएँ, जैव विविधता निगरानी और समुदाय आधारित सह-अस्तित्व कार्यक्रमों को समर्थन दिया जाएगा।
भारत में अभी कितने बाघ हैं?
ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार 2022 में भारत में बाघों की अनुमानित औसत संख्या 3,682 है, जो 2018 की 2,967 से अधिक है। भारत दुनिया के 70% से अधिक जंगली बाघों का घर है।
प्रोजेक्ट टाइगर क्या है और यह कितना बड़ा है?
प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में 9 टाइगर रिजर्व के साथ शुरू की गई भारत सरकार की प्रमुख बाघ संरक्षण पहल है। अब यह 18 राज्यों में 58 टाइगर रिजर्व और लगभग 84,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक विस्तारित हो चुकी है।
रॉयल रणथंभौर हेरिटेज कलेक्शन क्या है?
रॉयल रणथंभौर हेरिटेज कलेक्शन में छह सीमित संस्करण वाले कलेक्टिबल पैक शामिल हैं, जो भारत के प्रतिष्ठित बाघों से प्रेरित होकर देश की विशिष्ट कला शैलियों के माध्यम से तैयार किए गए हैं। यह कलेक्शन वन्यजीव, कला और सांस्कृतिक विरासत को एकसाथ प्रस्तुत करता है।
बाघ को 'अम्ब्रेला स्पीशीज़' क्यों कहा जाता है?
बाघ को 'अम्ब्रेला स्पीशीज़' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी सुरक्षा से उसी आवास में रहने वाली अनेक अन्य प्रजातियाँ भी स्वतः संरक्षित हो जाती हैं। बाघ के लिए बनाए गए विशाल वन क्षेत्र पारिस्थितिकी तंत्र की विविधता को समग्र रूप से बनाए रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 17 मिनट पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. 8 घंटे पहले
  5. कल
  6. 1 महीना पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले