सबांग सीट पर TMC मंत्री मानस रंजन भुइयां की हार, BJP के अमल कुमार पांडा ने 11,136 वोटों से जीत दर्ज की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सबांग सीट पर TMC मंत्री मानस रंजन भुइयां की हार, BJP के अमल कुमार पांडा ने 11,136 वोटों से जीत दर्ज की

सारांश

सबांग सीट पर TMC के दिग्गज मानस रंजन भुइयां की हार एक युग के अंत जैसी है — छह बार के विधायक और ममता सरकार के मंत्री को BJP के अमल कुमार पांडा ने 11,136 वोटों से पराजित किया। पश्चिम मेदिनीपुर की यह सीट अब भगवा खेमे में है।

मुख्य बातें

BJP के अमल कुमार पांडा ने सबांग विधानसभा सीट पर 1,27,783 वोट पाकर जीत दर्ज की।
TMC के वरिष्ठ नेता व मंत्री मानस रंजन भुइयां को 1,16,647 वोट मिले और वे 11,136 मतों से पराजित हुए।
तीसरे स्थान पर CPI(M) के नकुल चंद्र बेरा और चौथे पर कांग्रेस के अलक कुमार समाई रहे।
सबांग सीट पर 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण में मतदान हुआ था।
भुइयां ने इस सीट से 1982, 1987, 1991, 2006, 2011 और 2021 में जीत दर्ज की थी।
यह सीट पश्चिम मेदिनीपुर जिले में स्थित है और घाटल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है।

पश्चिम बंगाल की सबांग विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अमल कुमार पांडा ने 11,136 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे मानस रंजन भुइयां को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा — जो उनके दशकों लंबे राजनीतिक करियर का एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले की इस अहम सीट पर 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण में मतदान हुआ था।

मतगणना के आँकड़े

मतगणना के अनुसार, BJP के अमल कुमार पांडा को 1,27,783 वोट मिले, जबकि TMC के मानस रंजन भुइयां को 1,16,647 वोट प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर वाम मोर्चे की ओर से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के नकुल चंद्र बेरा रहे, जबकि चौथे स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के अलक कुमार समाई रहे। इसके अलावा एसयूसीआई (सी) से तपन कुमार ससमल, आमरा बंगाली से देबाशीष बर्मन और कई निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे।

मानस रंजन भुइयां: एक प्रभावशाली नेता की हार

मानस रंजन भुइयां सबांग सीट के सबसे प्रभावशाली और दीर्घकालिक नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने 1982, 1987, 1991, 2006 और 2011 में कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से जीत हासिल की थी। बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने 2021 में भी यह सीट जीती थी। इस बार उनकी हार को सबांग की राजनीति में एक उल्लेखनीय बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

सबांग सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि

सबांग विधानसभा सीट का गठन वर्ष 1951 में हुआ था और यह पश्चिम बंगाल की पुरानी विधानसभा सीटों में शुमार है। 1967 से 1977 के बीच यह सीट कुछ समय के लिए चुनावी मानचित्र से बाहर रही, लेकिन बाद में पुनः बहाल की गई। 2006 की परिसीमन प्रक्रिया के बाद इसका वर्तमान स्वरूप निर्धारित हुआ। यह सीट घाटल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहाँ से फिलहाल TMC के दीपक अधिकारी (देव) सांसद हैं। ग्रामीण प्रभाव वाली इस सीट पर ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस का सबसे अधिक दबदबा रहा है, हालाँकि हाल के वर्षों में TMC ने यहाँ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।

आगे क्या

सबांग में BJP की यह जीत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के व्यापक परिणामों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि TMC के वरिष्ठ नेताओं की इस तरह की हारें राज्य में सत्ता समीकरण को किस दिशा में ले जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

136 वोटों से हारना दर्शाता है कि व्यक्तिगत प्रभाव अब पार्टी-विरोधी लहर को रोकने में अपर्याप्त हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP पश्चिम बंगाल में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश में है। असली सवाल यह है कि क्या यह परिणाम TMC की संगठनात्मक कमज़ोरी को उजागर करता है या BJP की ज़मीनी मजबूती को — और 2026 के समग्र परिणाम इस प्रश्न का उत्तर देंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबांग विधानसभा सीट 2026 पर किसने जीत दर्ज की?
BJP के अमल कुमार पांडा ने सबांग विधानसभा सीट पर 1,27,783 वोट पाकर जीत दर्ज की। उन्होंने TMC के मानस रंजन भुइयां को 11,136 मतों के अंतर से पराजित किया।
मानस रंजन भुइयां कौन हैं और उनकी हार क्यों अहम है?
मानस रंजन भुइयां TMC के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे हैं। उन्होंने 1982, 1987, 1991, 2006, 2011 और 2021 में सबांग सीट से जीत दर्ज की थी, इसलिए उनकी यह हार राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सबांग सीट पर मतदान कब हुआ था?
सबांग विधानसभा सीट पर पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण में 23 अप्रैल 2026 को मतदान हुआ था। बड़ी संख्या में मतदाताओं ने इसमें भाग लिया।
सबांग सीट किस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है?
सबांग विधानसभा सीट घाटल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र से TMC के दीपक अधिकारी (देव) वर्तमान सांसद हैं।
सबांग सीट पर ऐतिहासिक रूप से किस पार्टी का दबदबा रहा है?
सबांग सीट पर ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस का सबसे अधिक दबदबा रहा है। 1951 से 2011 के बीच कांग्रेस यहाँ कई बार जीती, जबकि हाल के वर्षों में TMC ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले