सलमान खान फायरिंग केस: अनमोल बिश्नोई ने माँगा प्रोडक्शन वारंट, कोर्ट ने स्पेशल पीपी से रिपोर्ट तलब की
सारांश
मुख्य बातें
पुणे की एक अदालत ने सलमान खान फायरिंग केस में आरोपी अनमोल बिश्नोई की याचिका पर विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) से रिपोर्ट माँगी है। अनमोल बिश्नोई ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट के लिए अर्जी दायर की है, जिसमें उन्होंने इस मामले की सुनवाई के दौरान शारीरिक रूप से या वर्चुअली पेश होने की माँग की है। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2025 के आसपास होने की संभावना है।
याचिका की पृष्ठभूमि
बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिरगल ने बताया कि इस मामले में पिछली गवाही 20 मई को हुई थी, जिसके बाद अगले गवाह के लिए 1 जुलाई की तारीख निर्धारित की गई थी। इसी बीच 23 जून को अनमोल बिश्नोई के वकीलों ने अदालत में आवेदन दायर कर प्रोडक्शन वारंट जारी करने की माँग की।
गौरतलब है कि अनमोल बिश्नोई फिलहाल तिहाड़ जेल में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के एक अलग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। इसी कारण उन्हें अब तक सलमान खान से जुड़े इस मामले में अदालत के समक्ष पेश नहीं किया जा सका है।
अब तक की सुनवाई की स्थिति
मिरगल के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल चार गवाहों की जाँच पूरी हो चुकी है। आगे जैसे-जैसे अभियोजन पक्ष नए गवाह पेश करेगा, बचाव पक्ष उनका प्रति-परीक्षण (क्रॉस एग्जामिनेशन) करेगा। अनमोल बिश्नोई इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहते हैं।
कानूनी प्रक्रिया क्या कहती है
वकील मिरगल ने स्पष्ट किया कि जब किसी मामले में ट्रायल पहले से चल रहा हो और कोई फरार या वांछित आरोपी बाद में गिरफ्तार होकर लाया जाए या स्वयं पेश हो, तो उस पर पहले अतिरिक्त आरोप लगाए जाते हैं। इसके बाद पूरक आरोप-पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल की जाती है और उसे चल रहे ट्रायल में शामिल किया जाता है। हालांकि, किसी नए आरोपी के शामिल होने से पहले से चल रही सुनवाई पर रोक नहीं लगाई जाती।
आगे क्या होगा
अदालत द्वारा स्पेशल पीपी से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद याचिका पर अगला निर्णय लिया जाएगा। यह मामला बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के मुंबई स्थित आवास के बाहर हुई कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। अनमोल बिश्नोई, लॉरेंस बिश्नोई के भाई बताए जाते हैं।