संदीप दीक्षित बोले — '10 लाख लोग आएंगे तो व्यापार बढ़ेगा', मॉक पार्लियामेंट और BJP पदयात्रा पर भी निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिनमें दिल्ली में शराब की ऑनलाइन बुकिंग, प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट को अनुमति न मिलना, कांग्रेस की आगामी रैली से व्यापारियों को होने वाले कथित नुकसान की आशंका और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा शामिल हैं। उन्होंने सोनिया गांधी की नई किताब पर उठ रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी टिप्पणी की।
रैली और व्यापारियों की चिंता
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के कारण रामलीला मैदान के आसपास व्यापारियों को नुकसान होने की आशंकाओं पर दीक्षित ने कहा कि यह चिंता राजनीतिक प्रेरणा से उठाई जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि रैली में 8 से 10 लाख लोग दिल्ली पहुँचते हैं, तो वे होटलों, खाने-पीने की दुकानों, रेहड़ी-पटरी वालों और अन्य छोटे कारोबारियों से खरीदारी करेंगे।
उन्होंने पानी की बोतलें, दवाइयाँ, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बिक्री का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे छोटे व्यापारियों की आमदनी बढ़ सकती है। दीक्षित ने यह भी कहा कि बाहर से आने वाले वाहनों से पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ेगी, जिससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले कुछ व्यापारी BJP या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े संगठनों के करीबी हो सकते हैं।
शराब की ऑनलाइन बुकिंग पर सवाल
दिल्ली में शराब की ऑनलाइन बिक्री और बुकिंग के प्रस्ताव पर दीक्षित ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले घर-घर राशन पहुँचाने की बात की जाती थी, लेकिन शराब की दुकानें लोगों के घरों के आस-पास खोल दी गईं।
दीक्षित ने शराब दुकानों के बाहर भीड़ जमा होने, यातायात बाधित होने और वाहनों में बैठकर शराब पीने से उत्पन्न होने वाली अव्यवस्था की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि ऑनलाइन बुकिंग का उद्देश्य दुकानों के बाहर भीड़ कम करना है, तो यह विचार स्वागत योग्य हो सकता है, परंतु यदि बुकिंग के बाद भी लोगों को शराब लेने दुकान तक जाना पड़े, तो समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था के क्रियान्वयन पर स्पष्टता देने की माँग की।
मॉक पार्लियामेंट को अनुमति न मिलने पर आपत्ति
प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट को अनुमति न दिए जाने पर दीक्षित ने दिल्ली पुलिस के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मॉक पार्लियामेंट कोई नई अवधारणा नहीं है — विद्यार्थी, कॉलेज और स्थानीय समूह लंबे समय से इस तरह के आयोजन करते आए हैं। उनका तर्क था कि जब निर्वाचित प्रतिनिधि इसी प्रक्रिया के जरिए जनता की समस्याओं पर चर्चा करना चाहते हैं, तो उन्हें यह अवसर मिलना चाहिए।
BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर तंज
BJP की लाल किले से प्रस्तावित 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर दीक्षित ने कहा कि पार्टी को यदि यात्रा निकालनी है, तो वह कर सकती है। हालाँकि, उन्होंने लाल किले के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए राजनीतिक तंज कसा कि जो पार्टी मुगल इतिहास पर एक विशेष रुख रखती है, उसके लिए लाल किले से यात्रा का आगाज़ विरोधाभासी प्रतीत होता है।
सोनिया गांधी की किताब पर प्रतिक्रिया
सोनिया गांधी की किताब को लेकर उठ रही प्रतिक्रियाओं पर दीक्षित ने कहा कि उन्होंने जो लिखा है, उसकी वजह वही बेहतर बता सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि BJP और RSS की ओर से सोनिया गांधी की बातों और लेखन पर हमेशा तीखी प्रतिक्रियाएँ आती हैं। दीक्षित ने 2004 और 2009 के आम चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने उन वर्षों में सरकार बनाई थी, और वे आज भी विपक्ष की एक महत्वपूर्ण नेता हैं। उन्होंने कहा कि किताब पर हो रही बहस को राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
दीक्षित के इन बयानों से दिल्ली की राजनीति में नई बहस छिड़ने के आसार हैं, खासकर कांग्रेस रैली और मॉक पार्लियामेंट के मुद्दे आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं।