देवीपाटन मंडल में संध्या संवाद: सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ₹89.41 लाख का जीपीएफ भुगतान
सारांश
मुख्य बातें
देवीपाटन मंडल के श्रावस्ती जिले में आयोजित 'संध्या संवाद' कार्यक्रम के तहत 9 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) एवं अन्य सेवा देयों के रूप में कुल ₹89 लाख 41 हजार 612 रुपए की धनराशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन और जवाबदेही के निर्देशों के अनुपालन में यह कार्रवाई मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल पर संपन्न हुई।
संध्या संवाद कार्यक्रम क्या है
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया 'संध्या संवाद' कार्यक्रम एक प्रशासनिक संवाद पहल है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुँचकर शिकायतें सुनते हैं और मौके पर समाधान सुनिश्चित करते हैं। देवीपाटन मंडल में इस कार्यक्रम की शुरुआत श्रावस्ती जिले की ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ से की गई थी। यह कार्यक्रम धीरे-धीरे प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
श्रावस्ती में आयोजित संध्या संवाद सत्र में कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने जीपीएफ एवं सेवा संबंधी भुगतान के लंबित रहने की शिकायत दर्ज कराई। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके बाद जिलाधिकारी श्रावस्ती अन्नपूर्णा गर्ग ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक औपचारिकताएं त्वरित गति से पूरी कराईं।
लाभार्थी कर्मचारी
जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इस पहल का लाभ मिला, उनमें प्रकाश नारायण पाठक, राजेंद्र प्रसाद पाण्डेय, सुनील श्रीवास्तव, प्रेम नारायण वर्मा, कौशल्या देवी, अवधेश कुमार तथा भगवान दीन वर्मा सहित अन्य पात्र कार्मिक शामिल हैं। सभी लाभार्थियों को मिलाकर कुल ₹89,41,612 रुपए की धनराशि वितरित की गई। भुगतान प्राप्त होने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चेहरों पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखा।
सरकार का रुख और आगे की दिशा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों को निर्देश देते रहे हैं कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बने, बल्कि संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ हो। उनकी प्राथमिकता है कि आम जनता से लेकर सेवानिवृत्त कार्मिकों तक कोई भी अपने वैधानिक अधिकारों के लिए भटकता न रहे। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर भी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है। संध्या संवाद की यह श्रृंखला आगे भी जारी रहने की संभावना है।