नासिक में पृथ्वीराज चव्हाण का सरकार पर हमला: कुंभ के ₹30-40 हजार करोड़ खर्च से मराठा आरक्षण तक उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने 31 अगस्त को नासिक में कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा — कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान से लेकर नासिक कुंभ मेले की तैयारियों तक, मराठा आरक्षण आंदोलन से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े 'शुद्धिकरण' विवाद तक। चव्हाण ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने किए गए वादे नहीं निभाए तो यह वादाखिलाफी है और बातचीत के ज़रिए समाधान निकाला जाना चाहिए।
संगठन सृजन और राहुल गांधी का संभावित दौरा
चव्हाण ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र में नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। राज्य में करीब 60-70 नए जिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं, और कई जिलों में दो से चार अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं। इन पदाधिकारियों को कांग्रेस की नीतियों, इतिहास और संगठनात्मक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए 24 सितंबर से 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है, जिसमें करीब 30-40 वक्ताओं के व्याख्यान होंगे।
चव्हाण ने बताया कि राहुल गांधी के शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है, हालांकि उनका दौरा अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। तारीख 1 या 2 सितंबर हो सकती है।
खड़गे 'शुद्धिकरण' विवाद और राहुल पर FIR
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के किसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल का 'शुद्धिकरण' किए जाने की घटना पर चव्हाण ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे निंदनीय करार देते हुए मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए। चव्हाण ने यह भी कहा कि खड़गे दलित समाज से आने वाले वरिष्ठ नेता हैं और इस तरह की घटना अस्वीकार्य है।
उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को चव्हाण ने शर्मनाक बताया और कहा कि पहले उस घटना की जांच होनी चाहिए जिसने विवाद को जन्म दिया।
मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे पर यूरेनियम खरीद का स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे पर यूरेनियम खरीद की संभावित चर्चा का चव्हाण ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को उज्बेकिस्तान से उचित कीमत पर यूरेनियम मिलता है तो उसे खरीदना चाहिए। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से यूरेनियम खरीदने का रास्ता भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के बाद खुला था। चव्हाण ने इसे मूलतः एक व्यापारिक समझौता बताते हुए कहा कि यदि इससे भारत को लाभ मिलता है तो कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मराठा आरक्षण: वादाखिलाफी का आरोप
मनोज जरांगे पाटिल के मराठा आरक्षण आंदोलन की नई घोषणा पर चव्हाण ने कहा कि पिछली सरकार और जरांगे पाटिल के बीच हुई बातचीत और समझौते की पूरी जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि समझौते के बावजूद दोबारा अनशन और आंदोलन की नौबत आई है, तो यह संकेत देता है कि किए गए वादे पूरे नहीं हुए। चव्हाण ने इसे संभावित वादाखिलाफी बताते हुए सरकार से बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने की अपील की।
नासिक कुंभ: ₹30-40 हजार करोड़ खर्च पर पारदर्शिता की मांग
नासिक में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर चव्हाण ने कहा कि सरकार करीब ₹30-40 हजार करोड़ खर्च करने की योजना बना रही है। कांग्रेस को विकास कार्यों पर खर्च से आपत्ति नहीं, लेकिन यह राशि जनता की ज़रूरतों और स्थायी विकास को ध्यान में रखकर खर्च होनी चाहिए।
चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने सभी बड़े प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की है और नासिक की जनता से राय ली गई है। उन्होंने पब्लिक हियरिंग, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और सामाजिक प्रभाव आकलन की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में सड़क, यातायात और रिंग रोड जैसी स्थायी सुविधाओं का विकास होना चाहिए ताकि कुंभ के बाद भी नासिक को उसका लाभ मिलता रहे। ठेकों और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए चव्हाण ने चेताया कि यदि भ्रष्टाचार या कमीशनखोरी हुई तो जनता का पैसा बर्बाद होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष सरकार पर बड़े आयोजनों में पारदर्शिता को लेकर लगातार दबाव बना रहा है। आने वाले हफ्तों में राहुल गांधी के संभावित नासिक दौरे और मराठा आरक्षण आंदोलन की अगली दिशा पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।